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BNY मेलन, सिटाडेल सिक्योरिटीज ने वॉल स्ट्रीट सौदों को तेज़ करने के लिए टोकनाइज्ड अमेरिकी ट्रेजरी का परीक्षण किया

By Arth Vani Desk · 2026-10-14

BNY मेलन और सिटाडेल सिक्योरिटीज वॉल स्ट्रीट पर वित्तीय लेनदेन को तेज़ करने के लिए एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर टोकनाइज्ड अमेरिकी ट्रेजरी का प्रयोग कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य निपटान समय को दिनों से घटाकर मिनटों में करना है, जिससे बाजार अधिक कुशल बन सके।

Key takeaways

प्रमुख वित्तीय संस्थान BNY मेलन और सिटाडेल सिक्योरिटीज एक ब्लॉकचेन प्लेटफॉर्म पर टोकनाइज्ड अमेरिकी ट्रेजरी के उपयोग का सक्रिय रूप से परीक्षण कर रहे हैं, यह एक ऐसा कदम है जो वॉल स्ट्रीट के वित्तीय लेनदेन को संभालने के तरीके में क्रांति ला सकता है। इस पायलट कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य ट्रेडों को निपटाने में लगने वाले समय को नाटकीय रूप से कम करना है, जो वर्तमान बहु-दिवसीय प्रक्रिया से कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाएगा।

यह पहल, जिसमें अमेरिकी सरकारी बांडों को टोकनाइज करना शामिल है, का उद्देश्य वित्तीय बाजारों में तरलता को खोलना और दक्षता बढ़ाना है। वर्तमान में, कई लेनदेन, विशेष रूप से पुनर्खरीद समझौतों (रेपो) से जुड़े, जहां संस्थान प्रतिभूतियों के बदले नकदी उधार लेते हैं, को अंतिम रूप देने में कई दिन लग सकते हैं। ब्लॉकचेन तकनीक का लाभ उठाकर, ये फर्म लगभग तात्कालिक निपटान को सक्षम करने की उम्मीद करती हैं।

टोकनाइजेशन कैसे काम करता है

टोकनाइजेशन में वास्तविक दुनिया की संपत्तियों, जैसे अमेरिकी ट्रेजरी, को ब्लॉकचेन पर डिजिटल टोकन में बदलना शामिल है। प्रत्येक टोकन अंतर्निहित संपत्ति के एक अंश या संपूर्ण स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करता है। यह डिजिटल प्रतिनिधित्व पारंपरिक तरीकों की तुलना में स्वामित्व के तेजी से और अधिक पारदर्शी हस्तांतरण की अनुमति देता है।

जबकि ध्यान वर्तमान में अमेरिकी ट्रेजरी पर है, इस तकनीक का सफल कार्यान्वयन अन्य परिसंपत्ति वर्गों, जिसमें कॉर्पोरेट बांड, इक्विटी और यहां तक कि रियल एस्टेट भी शामिल हैं, को टोकनाइज करने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। यह गति और दक्षता के लिए नए मानक स्थापित करके वैश्विक वित्तीय बाजारों, जिसमें भारत भी शामिल है, के लिए दूरगामी निहितार्थ हो सकता है।

भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए, जबकि टोकनाइज्ड अमेरिकी ट्रेजरी में सीधी भागीदारी तुरंत प्रासंगिक नहीं है, वित्तीय बाजार डिजिटलीकरण का व्यापक चलन और प्रमुख वैश्विक खिलाड़ियों द्वारा ब्लॉकचेन तकनीक को अपनाना एक ऐसे भविष्य का संकेत देता है जहां वित्तीय उत्पाद और सेवाएं तेज, अधिक पारदर्शी और संभावित रूप से अधिक सुलभ हो सकती हैं। यह विकास नवीन तकनीकों के माध्यम से पारंपरिक वित्त के चल रहे परिवर्तन को रेखांकित करता है।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय या निवेश सलाह का गठन नहीं करता है।

Frequently asked questions

इससे वॉल स्ट्रीट को क्या फायदा होगा?

इस पहल का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन को निपटाने में लगने वाले समय को काफी कम करना है, संभावित रूप से कई दिनों से कुछ ही मिनटों तक। इससे बाजार की दक्षता में सुधार हो सकता है, परिचालन लागत कम हो सकती है और तरलता बढ़ सकती है।

क्या इसका भारतीय खुदरा निवेशकों पर कोई प्रभाव पड़ता है?

सीधे तौर पर नहीं, क्योंकि यह एक अमेरिकी बाजार पहल है। हालांकि, यह ब्लॉकचेन का उपयोग करके वित्तीय बाजारों को डिजिटाइज़ करने की वैश्विक प्रवृत्ति को दर्शाता है, जो अंततः भारत में वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की पेशकश के तरीके को प्रभावित कर सकता है, जिससे वे तेज और अधिक पारदर्शी हो सकते हैं।

Source: CoinDesk
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