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ITR फाइलिंग: वित्त मंत्री सीतारमण ने कर अधिकारियों को वास्तविक गलतियों के सुधार की अनुमति देने का निर्देश दिया

By Arth Vani Desk · 2026-07-27

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईमानदार करदाताओं को उनकी वास्तविक गलतियों को सुधारने की अनुमति देकर उनका समर्थन करें। 31 जुलाई की समय सीमा से पहले, वित्त मंत्री ने मुकदमेबाजी को कम करने और कर निश्चितता बढ़ाने के लिए 'उत्तरदायी शासन' पर जोर दिया।

Key takeaways

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग को निर्देश दिया है कि वे ईमानदार करदाताओं को उनकी वास्तविक गलतियों को सुधारने की अनुमति देकर उनका समर्थन करें। 31 जुलाई की समय सीमा से पहले, वित्त मंत्री ने मुकदमेबाजी को कम करने और कर निश्चितता बढ़ाने के लिए 'उत्तरदायी शासन' पर जोर दिया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की 31 जुलाई की समय सीमा नजदीक आने के साथ आयकर विभाग को करदाता-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। कर अधिकारियों को संबोधित करते हुए, मंत्री ने जोर दिया कि ईमानदार करदाताओं को वास्तविक, अनजाने में हुई गलतियों के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए और उन्हें तत्काल कानूनी कार्रवाई का सामना किए बिना उन्हें सुधारने का अवसर दिया जाना चाहिए।

कर प्रशासन के 5R

वित्त मंत्री ने विभाग के लिए एक रणनीतिक ढांचा तैयार किया है, जिसे '5Rs' कहा गया है, ताकि राज्य और करदाता के बीच संबंधों को बेहतर बनाया जा सके। इन स्तंभों में शामिल हैं:

कम मुकदमेबाजी और कर निश्चितता पर ध्यान

मंत्री के संबोधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कर संबंधी अदालती मामलों के बोझ को कम करने पर केंद्रित था। सीतारमण ने 'कर निश्चितता' का आह्वान किया, जिसका अर्थ है कि करदाताओं को कानून की अचानक नई व्याख्याओं के डर के बिना अपनी देनदारियों की स्पष्ट समझ होनी चाहिए। अधिकारियों को मुकदमेबाजी के बजाय संवाद के माध्यम से विवादों को सुलझाने के लिए प्रोत्साहित करके, सरकार का लक्ष्य विभिन्न न्यायाधिकरणों और अदालतों में वर्तमान में लंबित मामलों के विशाल बैकलॉग को कम करना है।

रिटेल करदाताओं के लिए इसका क्या अर्थ है

औसत भारतीय करदाता के लिए, यह निर्देश केवल प्रवर्तन-आधारित मानसिकता से सेवा-उन्मुख मानसिकता की ओर बदलाव का संकेत देता है। यदि किसी करदाता को पता चलता है कि उसने अपने ITR में कोई लिपिकीय त्रुटि की है या कोई जानकारी देने से चूक गया है, तो अब जोर तत्काल जांच नोटिस जारी करने के बजाय 'अपडेटेड रिटर्न' या सुधार के लिए अवसर प्रदान करने पर है। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह ढील केवल 'ईमानदार' करदाताओं के लिए है, और विभाग जानबूझकर कर चोरी के खिलाफ अपनी सतर्कता जारी रखेगा।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी या कर सलाह का गठन नहीं करती है। अपनी विशिष्ट फाइलिंग आवश्यकताओं के लिए एक योग्य कर पेशेवर से परामर्श लें।

Frequently asked questions

अगर मैं अपने ITR में कोई गलती करता हूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?

आप किसी भी वास्तविक गलती या चूक को सुधारने के लिए निर्धारण वर्ष की समाप्ति से पहले आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत 'संशोधित रिटर्न' (Revised Return) दाखिल कर सकते हैं।

क्या इसका मतलब यह है कि 31 जुलाई की समय सीमा बढ़ा दी गई है?

नहीं, समय सीमा बढ़ाने के संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। गैर-ऑडिट मामलों के लिए 31 जुलाई की समय सीमा प्रभावी बनी हुई है।

वित्त मंत्री द्वारा बताए गए '5Rs' क्या हैं?

5Rs का अर्थ प्रासंगिकता (Relevance), उत्तरदायित्व (Responsiveness), विश्वसनीयता (Reliability), तर्कसंगतता (Reasonableness) और राजस्व (Revenue) है, जिसका उद्देश्य कर प्रशासन को करदाता-अनुकूल बनाना है।

Source: Mint Money
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