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DoubleLine के जेफ शेरमैन ऋण चिंताओं के बीच लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी पर मंदी का दृष्टिकोण बनाए हुए हैं

By Arth Vani Desk · 2026-10-23

DoubleLine Capital के मुख्य निवेश अधिकारी जेफ शेरमैन लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर मंदी का दृष्टिकोण बनाए हुए हैं। वह इस राय का श्रेय अमेरिका द्वारा लगातार भारी सरकारी उधारी और इन ऋण साधनों की कमजोर मांग को देते हैं, जो बॉन्ड की कीमतों पर लगातार दबाव और बढ़ती यील्ड (उपज) की संभावना का संकेत देता है। एक प्रमुख फंड मैनेजर का यह दृष्टिकोण वैश्विक ब्याज दरों की भविष्य की दिशा को लेकर चिंताओं पर प्रकाश डालता है।

Key takeaways

डबललाइन कैपिटल (DoubleLine Capital) के प्रभावशाली मुख्य निवेश अधिकारी जेफ शेरमैन ने लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर अपने मंदी के रुख को दोहराया है। शेरमैन का दृष्टिकोण बताता है कि ये प्रमुख सरकारी ऋण साधन दबाव का सामना करना जारी रखेंगे, जिसका मुख्य कारण पर्याप्त सरकारी उधार और निवेशक मांग में उल्लेखनीय कमजोरी है।

अमेरिकी ट्रेजरी पर मंदी के दृष्टिकोण को समझना

वित्तीय बाजारों में "मंदी का" (bearish) दृष्टिकोण का तात्पर्य यह उम्मीद है कि परिसंपत्ति की कीमतें गिरेंगी। बॉन्ड के लिए, कीमतों में गिरावट उनकी यील्ड (उपज) में वृद्धि (निवेशक को मिलने वाला रिटर्न) के अनुरूप होती है। लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा जारी किए गए सरकारी बॉन्ड हैं जिनकी परिपक्वता अवधि आमतौर पर 10 साल से 30 साल तक होती है। इन्हें सुरक्षित निवेश के लिए वैश्विक बेंचमार्क माना जाता है और इनकी यील्ड भारत में व्यवसायों और सरकारों सहित दुनिया भर में उधार लेने की लागत को प्रभावित करती है।

बॉन्ड बाजार के दिग्गज जेफरी गुंडलैक (Jeffrey Gundlach) द्वारा सह-स्थापित डबललाइन कैपिटल (DoubleLine Capital) एक प्रमुख निवेश फर्म है जो निश्चित-आय बाजारों (fixed-income markets) में अपनी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है। जेफ शेरमैन, फर्म के एक प्रमुख व्यक्ति, महत्वपूर्ण बॉन्ड पोर्टफोलियो का सक्रिय रूप से प्रबंधन करते हैं, जिससे उनके बाजार के विचारों को संस्थागत और खुदरा निवेशकों द्वारा विश्व स्तर पर बारीकी से देखा जाता है।

शेरमैन के दृष्टिकोण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक

शेरमैन अपने लगातार मंदी के रुख के दो प्राथमिक कारणों पर प्रकाश डालते हैं:

निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब हो सकता है

लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी में लगातार मंदी की प्रवृत्ति के निवेशकों के लिए कई संभावित निहितार्थ हैं, जिनमें भारत के निवेशक भी शामिल हैं:

हालांकि शेरमैन का दृष्टिकोण विशेष रूप से अमेरिकी बाजार से संबंधित है, इसके व्यापक प्रभाव अक्सर वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में महसूस किए जाते हैं। भारतीय निवेशकों को, विशेष रूप से वैश्विक फंडों के संपर्क वाले या व्यापक आर्थिक संकेतकों के लिए ब्याज दर के आंदोलनों पर नज़र रखने वाले, अमेरिकी बॉन्ड बाजार में विकास पर नजर रखनी चाहिए।

यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

बॉन्ड पर "मंदी का" (bearish) दृष्टिकोण का क्या मतलब है?

बॉन्ड पर मंदी का दृष्टिकोण का मतलब है कि बॉन्ड की कीमतों में गिरावट की उम्मीद है। इससे उनकी यील्ड (उपज), या वे निवेशकों को जो ब्याज दरें प्रदान करते हैं, उनमें वृद्धि होती है।

जेफ शेरमैन लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी पर मंदी का रुख क्यों रखते हैं?

वह अपने मंदी के दृष्टिकोण का श्रेय दो मुख्य कारकों को देते हैं: अमेरिका द्वारा भारी सरकारी उधार, जो बॉन्ड की आपूर्ति बढ़ाता है, और इन लंबी अवधि के ऋण साधनों के लिए निवेशकों की कमजोर होती मांग।

अमेरिकी ट्रेजरी रुझान भारतीय निवेशकों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं?

बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड वैश्विक उधार लागत को प्रभावित कर सकती है, अमेरिकी परिसंपत्तियों को अधिक आकर्षक बना सकती है (संभावित रूप से भारत जैसे उभरते बाजारों से पूंजी आकर्षित कर सकती है), और भारतीय निवेशकों द्वारा रखे गए वैश्विक निश्चित-आय पोर्टफोलियो के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

Source: Mint Markets
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.