ArthVani
ipo

फॉसिल ग्रुप ₹2,500 करोड़ ($300 मिलियन) के भारत IPO की योजना बना रहा है; स्थानीय इकाई में 25% हिस्सेदारी बेच सकता है

By Arth Vani Desk · 2026-08-07

अमेरिका स्थित घड़ी निर्माता फॉसिल ग्रुप इंक. कथित तौर पर $300 मिलियन तक जुटाने के लिए अपनी भारतीय सहायक कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रहा है। कंपनी द्वारा अगले साल की शुरुआत में फॉसिल इंडिया में 25% हिस्सेदारी कम करने की उम्मीद है, जो भारतीय बाजार में वैल्यू अनलॉक करने वाली वैश्विक फर्मों की बढ़ती सूची में शामिल हो गई है।

Key takeaways

अमेरिका स्थित घड़ी निर्माता फॉसिल ग्रुप इंक. कथित तौर पर $300 मिलियन तक जुटाने के लिए अपनी भारतीय सहायक कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रहा है। कंपनी द्वारा अगले साल की शुरुआत में फॉसिल इंडिया में 25% हिस्सेदारी कम करने की उम्मीद है, जो भारतीय बाजार में वैल्यू अनलॉक करने वाली वैश्विक फर्मों की बढ़ती सूची में शामिल हो गई है।

फॉसिल ग्रुप इंक., जो अपनी घड़ियों और एक्सेसरीज के लिए प्रसिद्ध अमेरिकी फैशन डिजाइनर और निर्माता है, कथित तौर पर अपनी भारतीय शाखा के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की संभावनाएं तलाश रहा है। कंपनी ने संभावित लिस्टिंग के प्रबंधन के लिए निवेश बैंकों को आमंत्रित करना शुरू कर दिया है, जिससे ब्रांड भारतीय पूंजी बाजार से $300 मिलियन (लगभग ₹2,500 करोड़) तक जुटा सकता है।

हिस्सेदारी बिक्री और मूल्यांकन

रिपोर्टों के अनुसार, फॉसिल ग्रुप फॉसिल इंडिया में 25% तक हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहा है। यह कदम उस व्यापक रुझान के अनुरूप है जहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां (MNCs) भारतीय शेयर बाजार में वर्तमान में उपलब्ध उच्च मूल्यांकन और मजबूत लिक्विडिटी का लाभ उठाना चाहती हैं। स्थानीय इकाई को सूचीबद्ध करके, मूल कंपनी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजारों में से एक में अपनी स्थापित उपस्थिति के वास्तविक मूल्य को अनलॉक करना चाहती है।

समयरेखा और बाजार संदर्भ

यह निर्गम अगले साल की शुरुआत में प्राथमिक बाजार में आने की उम्मीद है। फॉसिल का यह निर्णय हुंडई और एलजी जैसे अन्य वैश्विक दिग्गजों के नक्शेकदम पर है, जिन्होंने हाल ही में अपनी भारतीय सहायक कंपनियों को सूचीबद्ध किया है या सूचीबद्ध करने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय खुदरा क्षेत्र ने महत्वपूर्ण लचीलापन दिखाया है, और प्रीमियम एक्सेसरी सेगमेंट—जहां फॉसिल, स्केगन (Skagen) जैसे ब्रांडों और अरमानी और डीजल जैसे लाइसेंस प्राप्त लेबल के साथ काम करता है—बढ़ते मध्यम वर्ग से मजबूत मांग देख रहा है।

निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए, फॉसिल इंडिया का IPO प्रीमियम लाइफस्टाइल और वियरेबल टेक्नोलॉजी सेगमेंट में सीधे निवेश का अवसर प्रदान करेगा। हालांकि विशिष्ट प्राइस बैंड और लॉट साइज सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने के समय ही निर्धारित किए जाएंगे, $300 मिलियन के इश्यू का पैमाना बताता है कि यह कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी श्रेणी में एक महत्वपूर्ण मिड-टू-लार्ज कैप प्रविष्टि होगी।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

फॉसिल इंडिया IPO कब खुलने की उम्मीद है?

हालांकि आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन IPO के 2025 की शुरुआत में लॉन्च होने की उम्मीद है।

फॉसिल इंडिया कितनी राशि जुटाने की योजना बना रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से $300 मिलियन (लगभग ₹2,500 करोड़) तक जुटाने की योजना बना रही है।

फॉसिल ग्रुप अपनी भारतीय इकाई को क्यों सूचीबद्ध कर रहा है?

लिस्टिंग का उद्देश्य अपने भारतीय परिचालन से वैल्यू अनलॉक करना है, जो भारत के लिक्विड और उच्च-मूल्यांकन वाले इक्विटी बाजारों का लाभ उठाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के रुझान का अनुसरण करता है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.