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ज़ेरोधा के नितिन कामथ ने हाई मार्जिन ट्रेडिंग के कारण मार्केट क्रैश के जोखिम की चेतावनी दी

By Arth Vani Desk · 2026-07-30

ज़ेरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामथ ने मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग (MTF) के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में बढ़ते लीवरेज के स्तर पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाजार में गिरावट आती है, तो अत्यधिक उधार लेने के कारण दक्षिण कोरिया जैसे मार्केट क्रैश की स्थिति बन सकती है, जिससे जबरन बिकवाली (forced sell-offs) शुरू हो सकती है।

Key takeaways

ज़ेरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामथ ने मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग (MTF) के माध्यम से भारतीय शेयर बाजार में बढ़ते लीवरेज के स्तर पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाजार में गिरावट आती है, तो अत्यधिक उधार लेने के कारण दक्षिण कोरिया जैसे मार्केट क्रैश की स्थिति बन सकती है, जिससे जबरन बिकवाली (forced sell-offs) शुरू हो सकती है।

भारत के सबसे बड़े रिटेल ब्रोकरेज ज़ेरोधा के सह-संस्थापक और सीईओ नितिन कामथ ने बाजार में बड़ी गिरावट की संभावना के संबंध में कड़ी चेतावनी जारी की है। कामथ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि रिटेल निवेशकों द्वारा मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग (MTF) पर बढ़ती निर्भरता एक तीव्र और अनियंत्रित क्रैश के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकती है, जैसा कि दक्षिण कोरिया जैसे बाजारों में ऐतिहासिक रूप से देखा गया है।

जबरन लिक्विडेशन का जोखिम

मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग निवेशकों को कुल मूल्य का केवल एक हिस्सा अग्रिम भुगतान करके शेयर खरीदने की अनुमति देती है, जबकि ब्रोकरेज शेष राशि उधार देता है। हालांकि यह बुल मार्केट के दौरान मुनाफे को बढ़ाता है, लेकिन गिरावट के दौरान यह एक खतरनाक फीडबैक लूप बनाता है। कामथ ने नोट किया कि यदि शेयरों की कीमतें काफी गिर जाती हैं, तो ब्रोकरेज को ऋण राशि की वसूली के लिए गिरवी रखे गए शेयरों को बेचने (पोजीशन लिक्विडेट करने) के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह सामूहिक बिकवाली कीमतों को और नीचे ले जाती है, जिससे अधिक मार्जिन कॉल आती हैं और बाजार नीचे की ओर गिरता चला जाता है।

नियामक प्रगति बनाम वर्तमान लीवरेज

हालांकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक इंट्राडे लीवरेज को रोकने और मार्जिन नियमों को कड़ा करने के लिए कई उपाय किए हैं, कामथ का मानना है कि MTF की वर्तमान मात्रा चिंता का विषय बनी हुई है। उन्होंने इस परिदृश्य को अपना "सबसे बुरा सपना" बताया, और सुझाव दिया कि बेहतर नियमों के बावजूद, वर्तमान में भारतीय इक्विटी बाजार में उधार लिए गए पैसे का पैमाना सुधार (correction) के दौरान अस्थिरता को बढ़ा सकता है।

रिटेल निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

औसत रिटेल निवेशक के लिए, यह चेतावनी तेजी वाले बाजार में छिपे जोखिमों की याद दिलाती है। जब बाजार सर्वकालिक उच्च स्तर पर होता है, तो रिटर्न को अधिकतम करने के लिए लीवरेज का उपयोग करने का प्रलोभन अधिक होता है। हालांकि, कामथ की दक्षिण कोरियाई बाजार से तुलना—जिसने उच्च रिटेल लीवरेज के कारण प्रणालीगत समस्याओं का सामना किया है—बताती है कि सुधार का प्रभाव उन लोगों के लिए बहुत अधिक गंभीर हो सकता है जो अपनी पूंजी का उपयोग करने वालों की तुलना में अधिक लीवरेज्ड हैं।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

मार्जिन ट्रेडिंग फंडिंग (MTF) क्या है?

MTF एक ऐसी सुविधा है जहां ब्रोकर आपकी मौजूदा होल्डिंग्स या नए शेयरों को संपार्श्विक (collateral) के रूप में उपयोग करके शेयर खरीदने के लिए आपको पैसे उधार देता है। आप लागत का केवल एक हिस्सा (मार्जिन) अग्रिम भुगतान करते हैं।

नितिन कामथ मार्केट क्रैश को लेकर चिंतित क्यों हैं?

वह चिंतित हैं कि यदि बाजार गिरता है, तो ब्रोकर ऋण की वसूली के लिए उन निवेशकों के शेयर बेचने के लिए मजबूर होंगे जिन्होंने MTF का उपयोग किया था, जिससे कीमतें और भी तेजी से गिर सकती हैं।

मैं अपने पोर्टफोलियो को लीवरेज-संचालित क्रैश से कैसे बचा सकता हूं?

सबसे सुरक्षित तरीका निवेश के लिए उधार लेने से बचना है। सुनिश्चित करें कि आपका निवेश आपकी अपनी बचत से हो ताकि आप अस्थायी बाजार गिरावट के दौरान बेचने के लिए मजबूर न हों।

Source: Mint Markets
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.