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CSAM विज्ञापनों पर Meta ने सरकार को दिया जवाब; IT मंत्रालय स्पष्टीकरण की कर रहा है समीक्षा

By Arth Vani Desk · 2026-07-13

भारतीय IT मंत्रालय को अपने प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) विज्ञापनों के संबंध में सरकार के नोटिस पर Meta का विस्तृत जवाब प्राप्त हुआ है। मंत्रालय वर्तमान में Meta के स्पष्टीकरण की जांच कर रहा है, जिसमें ऐसी सामग्री से निपटने के लिए उसके AI-संचालित प्रयासों का विवरण शामिल है। गहन समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

Key takeaways

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने अपने प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से Instagram पर बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) विज्ञापनों की उपस्थिति के संबंध में Meta से एक व्यापक प्रतिक्रिया प्राप्त होने की पुष्टि की है। यह घटनाक्रम भारत सरकार द्वारा जारी एक कड़े नोटिस के बाद आया है, जिसमें सोशल मीडिया दिग्गज से ऐसी अवैध सामग्री पर अंकुश लगाने के लिए तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की गई थी।

ऑनलाइन सुरक्षा पर सरकार का रुख

भारत सरकार ने अपने सभी नागरिकों, विशेषकर बच्चों के लिए एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर लगातार जोर दिया है। Meta को दिए गए नोटिस में उस गंभीरता को रेखांकित किया गया है जिसके साथ अधिकारी CSAM और इसी तरह की हानिकारक सामग्री के प्रसार को देखते हैं। इसमें डिजिटल प्लेटफॉर्मों से ऐसी सामग्री को सक्रिय रूप से रोकने, पहचानने और हटाने के लिए मजबूत तंत्र लागू करने की अपेक्षा पर प्रकाश डाला गया है।

Meta की AI-संचालित सुरक्षा

अपनी प्रतिक्रिया में, Meta ने कथित तौर पर बाल यौन शोषण सामग्री से निपटने के लिए अपने मौजूदा और चल रहे प्रयासों का विवरण दिया है। कंपनी ने पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग प्रौद्योगिकियों में अपने महत्वपूर्ण निवेश के बारे में बात की है, जिन्हें हानिकारक सामग्री, जिसमें CSAM भी शामिल है, को व्यापक दर्शकों तक पहुँचने या उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए जाने से पहले ही पहचानने और हटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन AI प्रणालियों का उद्देश्य सामग्री को स्कैन करना, अपमानजनक सामग्री से जुड़े पैटर्न का पता लगाना और स्वचालित निष्कासन या मानवीय समीक्षा प्रक्रियाओं को शुरू करना है।

समीक्षा प्रक्रिया और भविष्य की कार्रवाइयां

वर्तमान में, IT मंत्रालय Meta के विस्तृत स्पष्टीकरण की गहन जांच कर रहा है। Meta द्वारा बताए गए उपायों की प्रभावशीलता और पर्याप्तता का पता लगाने के लिए यह समीक्षा प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। अधिकारी इस बात का मूल्यांकन करेंगे कि क्या कंपनी की वर्तमान रणनीतियाँ CSAM के प्रति 'जीरो-टोलरेंस' दृष्टिकोण के लिए सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप हैं। इस जांच के पूरा होने पर, सरकार उचित कार्रवाई का निर्णय लेगी। समीक्षा के निष्कर्षों के आधार पर, इसमें Meta को और अधिक निर्देश देने से लेकर नए नियामक दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन या अन्य प्रवर्तन उपाय शामिल हो सकते हैं।

भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभाव

यह घटना भारत में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए कंटेंट मॉडरेशन और उपयोगकर्ता सुरक्षा में उनकी जिम्मेदारियों के बारे में एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक के रूप में कार्य करती है। सरकार का सक्रिय रुख अपने प्लेटफॉर्म पर होस्ट की गई सामग्री के लिए टेक कंपनियों को जवाबदेह ठहराने पर बढ़ते ध्यान को दर्शाता है। भारतीय रिटेल उपयोगकर्ताओं के लिए, इस निरंतर जांच का उद्देश्य एक सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव को बढ़ावा देना है, विशेष रूप से युवा जनसांख्यिकी के लिए जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से सक्रिय हो रहे हैं।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें कानूनी या वित्तीय सलाह शामिल नहीं है।

Frequently asked questions

What was the government's concern regarding Meta?

The Indian government had issued a notice to Meta regarding the presence of child sexual abuse material (CSAM) advertisements on its platforms, specifically Instagram, demanding immediate action.

How has Meta responded to the government's notice?

Meta has submitted a detailed explanation to the IT Ministry, outlining its efforts, including AI-powered technologies, to combat and remove such harmful content from its platforms.

What will happen next in this situation?

The IT Ministry is currently examining Meta's response. After a thorough review, the government will decide on the appropriate measures or actions to be taken.

Source: ET Fintech & Tech
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