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आरबीआई ने वित्तीय डेटा का दायरा बढ़ाया, अकाउंट एग्रीगेटर्स को इंटरऑपरेबल बनाया

By Arth Vani Desk · 2026-10-09

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने एक प्रमुख वित्तीय डेटा प्रणाली (सीएएस) के दायरे का विस्तार करने और अकाउंट एग्रीगेटर्स (एए) के लिए इंटरऑपरेबिलिटी को सक्षम करने की घोषणा की है, एक ऐसा कदम जो व्यक्तिगत वित्त प्रबंधन को सुव्यवस्थित करेगा। इस विकास का उद्देश्य भारतीय खुदरा निवेशकों और उधारकर्ताओं को उनके वित्तीय डेटा पर अधिक नियंत्रण प्रदान करना और विभिन्न वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है। यह अधिक इंटरकनेक्टेड और कुशल डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Key takeaways

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने एक प्रमुख वित्तीय डेटा प्रणाली, जिसे आमतौर पर सीएएस (CAS) कहा जाता है, के दायरे का विस्तार करके और अकाउंट एग्रीगेटर्स (एए) को इंटरऑपरेबल बनाकर भारत के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह दोहरी प्रगति भारतीय खुदरा ग्राहकों को उनकी वित्तीय जानकारी पर अधिक लचीलापन और नियंत्रण प्रदान करने के लिए तैयार है, जिससे संभावित रूप से क्रेडिट तक बेहतर पहुंच और अधिक व्यक्तिगत वित्तीय सेवाएं प्राप्त हो सकती हैं।

अकाउंट एग्रीगेटर्स भारत के ओपन डेटा फ्रेमवर्क में महत्वपूर्ण इकाइयाँ हैं। वे सहमति प्रबंधक के रूप में कार्य करते हैं, जो व्यक्तियों को विभिन्न वित्तीय संस्थानों (जैसे बैंक, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियाँ) से अन्य वित्तीय सेवा प्रदाताओं के साथ अपनी वित्तीय डेटा को सुरक्षित और डिजिटल रूप से साझा करने में सक्षम बनाते हैं, लेकिन यह केवल ग्राहक की स्पष्ट सहमति से ही संभव होता है। यह प्रणाली भौतिक दस्तावेज़ों और लंबी सत्यापन प्रक्रियाओं की आवश्यकता को समाप्त करती है, जिससे वित्तीय लेनदेन तेज़ और अधिक कुशल बनते हैं।

अकाउंट एग्रीगेटर्स के लिए इंटरऑपरेबिलिटी का आपके लिए क्या मतलब है

अकाउंट एग्रीगेटर्स को इंटरऑपरेबल बनाने का अर्थ है कि ग्राहक अब केवल एक एए प्लेटफॉर्म का उपयोग करने तक ही सीमित नहीं रहेंगे। इसके बजाय, वे अपनी वित्तीय डेटा सहमति को एक एए से दूसरे में आसानी से स्थानांतरित कर सकते हैं, या विभिन्न उद्देश्यों के लिए विभिन्न एए का भी उपयोग कर सकते हैं, जिससे एए सेवा प्रदाताओं के बीच प्रतिस्पर्धा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह बढ़ी हुई लचीलापन सीधे खुदरा उपयोगकर्ता को लाभ पहुंचाता है:

सीएएस के विस्तार का प्रभाव

हालांकि 'सीएएस के विस्तार' के विशिष्ट विवरण नहीं बताए गए थे, वित्तीय डेटा और अकाउंट एग्रीगेटर्स के संदर्भ में, यह आमतौर पर एक केंद्रीकृत खाता सूचना प्रणाली या फ्रेमवर्क के दायरे का विस्तार करने को संदर्भित करता है। इसका मतलब इसके दायरे में अधिक प्रकार के वित्तीय डेटा को लाना या सिस्टम में अधिक वित्तीय संस्थाओं को एकीकृत करना हो सकता है। खुदरा ग्राहकों के लिए, यह विस्तार निम्न का कारण बन सकता है:

आरबीआई का यह कदम वित्तीय समावेशन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने और व्यक्तियों को उनके डिजिटल वित्तीय पदचिह्न पर नियंत्रण प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। अंतर्निहित डेटा बुनियादी ढांचे को मजबूत करके और अकाउंट एग्रीगेटर्स के लिए उपयोग में आसानी सुनिश्चित करके, केंद्रीय बैंक का लक्ष्य भारत में एक अधिक मजबूत और ग्राहक-केंद्रित वित्तीय सेवा परिदृश्य को सुविधाजनक बनाना है।

अकाउंट एग्रीगेटर्स की इंटरऑपरेबिलिटी, सीएएस फ्रेमवर्क के विस्तार के साथ मिलकर, डिजिटल वित्तीय सेवाओं को अपनाने में तेजी लाने की उम्मीद है, जिससे लाखों भारतीयों के लिए अपने वित्त का प्रबंधन करना, ऋण के लिए आवेदन करना और एक सुरक्षित और सहमति-संचालित वातावरण में निवेश करना आसान हो जाएगा।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently asked questions

अकाउंट एग्रीगेटर्स (एए) क्या हैं?

अकाउंट एग्रीगेटर्स ऐसे प्लेटफॉर्म हैं जो आपको विभिन्न संस्थानों (जैसे बैंक, म्यूचुअल फंड, बीमाकर्ता) से अपने वित्तीय डेटा को अन्य वित्तीय सेवा प्रदाताओं के साथ सुरक्षित और डिजिटल रूप से साझा करने की अनुमति देते हैं, लेकिन केवल आपकी स्पष्ट सहमति से। वे सहमति प्रबंधक के रूप में कार्य करते हैं, न कि डेटा भंडारण प्रदाताओं के रूप में।

एए के लिए 'इंटरऑपरेबिलिटी' मुझे कैसे लाभ पहुंचाती है?

इंटरऑपरेबिलिटी का मतलब है कि आप अब केवल एक एए से बंधे नहीं हैं। आप विभिन्न एए प्लेटफॉर्म के बीच स्विच कर सकते हैं, वह चुन सकते हैं जो सर्वोत्तम सेवा प्रदान करता है, और अपने डेटा साझाकरण को अधिक लचीले ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं, जिससे एए प्रदाताओं के बीच बेहतर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है।

'सीएएस के विस्तार' का मेरे वित्त के लिए क्या मतलब है?

हालांकि विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किए गए हैं, इस संदर्भ में 'सीएएस के विस्तार' का आमतौर पर एक केंद्रीकृत वित्तीय सूचना प्रणाली का विस्तार करना संदर्भित है। इससे एए के माध्यम से सहमति-आधारित साझाकरण के लिए अधिक प्रकार के वित्तीय डेटा उपलब्ध हो सकते हैं, संभावित रूप से आपको अपने वित्त की अधिक पूर्ण तस्वीर मिल सकती है और ऋणदाताओं के लिए क्रेडिट मूल्यांकन आसान हो सकता है।

Source: GNews NBFC
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