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Oracle के शेयरों में 12% की भारी गिरावट; AI पर भारी खर्च और बढ़ते कर्ज ने वैश्विक निवेशकों को चौंकाया

By Arth Vani Desk · 2026-06-11

क्लाउड दिग्गज Oracle के शेयरों में भारी पूंजीगत व्यय (Capex) और बढ़ते कर्ज के स्तर को लेकर चिंताओं के कारण बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी टेक दिग्गज के शेयरों में इस गिरावट का असर उन भारतीय रिटेल निवेशकों पर पड़ेगा, जिनका म्यूचुअल फंड या डायरेक्ट इक्विटी के जरिए अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश है।

Key takeaways

क्लाउड दिग्गज Oracle के शेयरों में भारी पूंजीगत व्यय (Capex) और बढ़ते कर्ज के स्तर को लेकर चिंताओं के कारण बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिकी टेक दिग्गज के शेयरों में इस गिरावट का असर उन भारतीय रिटेल निवेशकों पर पड़ेगा, जिनका म्यूचुअल फंड या डायरेक्ट इक्विटी के जरिए अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश है।

दुनिया की सबसे बड़ी एंटरप्राइज़ सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंपनियों में से एक, Oracle के शेयरों में गुरुवार को 12% की नाटकीय गिरावट दर्ज की गई। यह बिकवाली तब हुई जब निवेशकों ने कंपनी की आक्रामक खर्च योजनाओं और बढ़ते कर्ज के स्तर पर चिंता जताई। यह दोनों कारक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में दबदबा बनाने की होड़ से प्रेरित हैं।

AI रेस की भारी कीमत

Oracle अपने बिजनेस मॉडल को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित करने के लिए तेजी से बदलाव कर रहा है, ताकि Amazon Web Services (AWS) और Microsoft Azure जैसे दिग्गजों के साथ प्रतिस्पर्धा की जा सके। इसके लिए, कंपनी ने OpenAI और Meta जैसे AI दिग्गजों के साथ बड़े डेटा सेंटर समझौते किए हैं। हालांकि ये साझेदारियां AI इकोसिस्टम में Oracle की बढ़ती प्रासंगिकता को दर्शाती हैं, लेकिन इनके लिए भारी वित्तीय लागत चुकानी पड़ रही है।

निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इन विशाल डेटा सेंटरों के निर्माण और रखरखाव के लिए आवश्यक भारी पूंजीगत व्यय (Capex) कंपनी की लाभप्रदता (profitability) को कम कर देगा। इसके अलावा, उच्च ब्याज दरों के माहौल में बढ़ते कर्ज के माध्यम से इस विस्तार के लिए फंड जुटाने की योजना ने कंपनी की बैलेंस शीट की सेहत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है

Oracle जैसे अमेरिकी टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव सिर्फ वॉल स्ट्रीट के लिए चिंता का विषय नहीं है; इसका सीधा असर भारतीय रिटेल पोर्टफोलियो पर भी पड़ता है। कई भारतीय निवेशक निम्नलिखित माध्यमों से अमेरिकी टेक क्षेत्र में निवेश करते हैं:

जब Oracle जैसा बड़ा खिलाड़ी एक ही सत्र में अपने मूल्य का 12% खो देता है, तो यह इन अंतरराष्ट्रीय फंडों के नेट एसेट वैल्यू (NAV) को नीचे खींच सकता है, जिससे घरेलू निवेशकों के पोर्टफोलियो का मूल्य अल्पावधि के लिए कम हो सकता है।

आगे की राह

हालांकि Oracle खुद को AI क्रांति के लिए एक महत्वपूर्ण बैकएंड प्रदाता के रूप में स्थापित कर रहा है, लेकिन बाजार की प्रतिक्रिया "किसी भी कीमत पर विकास" (growth at any cost) के प्रति बढ़ती संशयवादिता को उजागर करती है। निवेशक अब एक स्पष्ट समयसीमा की तलाश में हैं कि डेटा सेंटरों में यह भारी निवेश कब मुनाफे में बदलना शुरू होगा। फिलहाल, धारणा सतर्क बनी हुई है क्योंकि कंपनी अपने महत्वाकांक्षी विस्तार और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.