ArthVani
markets

भू-राजनीति (Geopolitics) से घबराएं नहीं: अर्निंग्स और डाइवर्सिफिकेशन पर ध्यान दें, देविना मेहरा का सुझाव

By Arth Vani Desk · 2026-06-15

बाजार विशेषज्ञ देविना मेहरा ने भारतीय रिटेल निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक शोर को नजरअंदाज करने और कॉर्पोरेट अर्निंग्स (मुनाफे) और लिक्विडिटी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक घटनाओं पर भावनात्मक प्रतिक्रिया अक्सर खराब वित्तीय निर्णयों का कारण बनती है।

Key takeaways

बाजार विशेषज्ञ देविना मेहरा ने भारतीय रिटेल निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक शोर को नजरअंदाज करने और कॉर्पोरेट अर्निंग्स (मुनाफे) और लिक्विडिटी पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक घटनाओं पर भावनात्मक प्रतिक्रिया अक्सर खराब वित्तीय निर्णयों का कारण बनती है।

जबकि वैश्विक सुर्खियां अक्सर अंतरराष्ट्रीय संघर्षों और राजनयिक समझौतों की खबरों के साथ बदलती रहती हैं, अनुभवी बाजार विशेषज्ञ देविना मेहरा का सुझाव है कि भारतीय निवेशकों को इस शोर से परे देखना चाहिए। मेहरा के अनुसार, भारतीय इक्विटी के लिए प्राथमिक चालक कॉर्पोरेट अर्निंग्स और मार्केट लिक्विडिटी बने हुए हैं, न कि ईरान और अमेरिका जैसी वैश्विक शक्तियों के बीच संभावित समझौतों जैसे भू-राजनीतिक बदलाव।

भू-राजनीतिक भटकाव

ऐतिहासिक रूप से, निवेशक अंतरराष्ट्रीय तनावों पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देते हैं और तत्काल मार्केट क्रैश से डरते हैं। हालांकि, मेहरा बताती हैं कि ऐतिहासिक आंकड़े अक्सर इन डरों के विपरीत होते हैं। बाजारों ने अक्सर भू-राजनीतिक जोखिमों के सामने लचीलापन साबित किया है, और अंततः अपना ध्यान कंपनियों के फंडामेंटल स्वास्थ्य पर वापस केंद्रित किया है। भारत में एक रिटेल निवेशक के लिए, हर वैश्विक सुर्खी पर प्रतिक्रिया देना "भावनात्मक निवेश" (emotional investing) का कारण बन सकता है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर ऊंचे भाव पर खरीदारी और कम पर बिक्री होती है।

अर्निंग्स और लिक्विडिटी ही सर्वोपरि हैं

भारतीय शेयर बाजार की असली ताकत उसकी कंपनियों की बैलेंस शीट में निहित है। मेहरा का मानना है कि जब तक कॉर्पोरेट अर्निंग्स मजबूत बनी रहती है और सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी (नकदी प्रवाह) रहती है, तब तक बाजार की ऊपर की ओर बढ़ने वाली दिशा जारी रहने की संभावना है। निवेशकों को विदेशी नीति के परिणामों पर सट्टा लगाने के बजाय तिमाही नतीजों और घरेलू आर्थिक संकेतकों की निगरानी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

डाइवर्सिफिकेशन का महत्व

मेहरा ने भारतीय निवेशकों के बीच एक आम गलती पर भी प्रकाश डाला: भौगोलिक विविधीकरण (geographical diversification) की कमी। हालांकि भारतीय बाजार ने अच्छा प्रदर्शन किया है, उनका सुझाव है कि लंबी अवधि की स्थिरता के लिए विभिन्न क्षेत्रों में संपत्ति रखना आवश्यक है।

भावनात्मक जाल से बचना

रिटेल निवेशकों के लिए मुख्य संदेश एक अनुशासित निवेश रणनीति बनाए रखना है। भावनात्मक चक्र—जहां निवेशक तेजी के दौरान उत्साह और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान घबराहट महसूस करते हैं—धन सृजन में सबसे बड़ी बाधाएं हैं। एक अच्छी तरह से शोध की गई योजना पर टिके रहकर और मौलिक व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करके, निवेशक अपने दीर्घकालिक वित्तीय स्वास्थ्य से समझौता किए बिना वर्तमान वैश्विक अस्थिरता के माध्यम से आगे बढ़ सकते हैं।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह का गठन नहीं करती है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.