ArthVani
markets

महिला निवेशकों का उदय: Zerodha पर अब 30% अकाउंट्स महिलाओं के

By Arth Vani Desk · 2026-06-10

महामारी के बाद से भारत के शेयर बाजार में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हो गई है, और अब Zerodha के यूजर बेस में महिलाओं की हिस्सेदारी 30% है। ये निवेशक सट्टेबाजी से दूर हटकर म्यूचुअल फंड और डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो के माध्यम से लंबी अवधि के वेल्थ क्रिएशन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

Key takeaways

भारतीय शेयर बाजार एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव का गवाह बन रहा है क्योंकि महिलाएं उस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं जहाँ ऐतिहासिक रूप से पुरुषों का वर्चस्व रहा है। भारत के सबसे बड़े ब्रोकरेज Zerodha के CEO नितिन कामथ ने हाल ही में खुलासा किया कि प्लेटफॉर्म के कुल यूजर बेस में अब महिलाओं की हिस्सेदारी 30% से अधिक है। यह आंकड़ा एक बड़ी छलांग है, जो COVID-19 महामारी से पहले के भागीदारी स्तर से दोगुना है।

महामारी के बाद की गति

वैश्विक महामारी ने भारत के वित्तीय क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन के लिए एक अप्रत्याशित उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में कार्य किया। जैसे-जैसे परिवार घरों के भीतर रहे, पहली बार निवेश करने वालों की एक लहर बाजार में आई। महिलाओं के लिए, यह अवधि सोने और बैंक जमा जैसे पारंपरिक निवेश से हटकर मार्केट-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स की ओर संक्रमण का प्रतीक बनी। मोबाइल ट्रेडिंग ऐप्स की सुविधा और ऑनलाइन वित्तीय शिक्षा की उपलब्धता ने प्रवेश की उन बाधाओं को कम कर दिया है जिन्होंने कभी महिला निवेशकों को दूर रखा था।

लंबी अवधि की स्थिरता पर ध्यान

जबकि संख्या में वृद्धि प्रभावशाली है, इन निवेशकों का व्यवहार और भी अधिक उल्लेखनीय है। डेटा से पता चलता है कि महिलाएं केवल डे-ट्रेडिंग या उच्च-जोखिम वाली सट्टेबाजी में हाथ नहीं आजमा रही हैं। इसके बजाय, वे अनुशासित, लंबी अवधि की निवेश रणनीतियों को अपना रही हैं। इस ट्रेंड की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:

पीढ़ियों के बीच वित्तीय स्वतंत्रता

यह ट्रेंड केवल महानगरों की युवा प्रोफेशनल्स तक सीमित नहीं है। विभिन्न आयु समूहों और जनसांख्यिकी की महिलाएं वित्तीय स्वतंत्रता की तलाश कर रही हैं। अपने निवेश निर्णयों पर नियंत्रण रखकर, वे व्यक्तिगत जीवन के लक्ष्यों, जैसे रिटायरमेंट प्लानिंग, उच्च शिक्षा या उद्यमिता को पूरा करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।

महिला भागीदारी में वृद्धि ब्रोकरेज के लिए केवल एक आंकड़े से कहीं अधिक है; यह भारतीय पूंजी बाजार के गहरे होने का प्रतिनिधित्व करती है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएं स्थिरता और विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस क्षेत्र में प्रवेश करती हैं, बाजार को एक अधिक लचीला और धैर्यवान निवेशक आधार मिलता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह नहीं है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.