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ग्लोबल दिग्गज ADIA आईवियर यूनिकॉर्न Lenskart में ₹1,944 करोड़ की हिस्सेदारी बेचेगा

By Arth Vani Desk · 2026-06-10

अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) एक बड़े ब्लॉक डील के जरिए Lenskart में 2.3% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यह कदम SoftBank के एग्जिट के तुरंत बाद आया है, जो यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन पर अपना मुनाफा सुरक्षित करना चाह रहे हैं।

Key takeaways

अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) एक बड़े ब्लॉक डील के जरिए Lenskart में 2.3% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। यह कदम SoftBank के एग्जिट के तुरंत बाद आया है, जो यह संकेत देता है कि वैश्विक निवेशक कंपनी के मौजूदा वैल्यूएशन पर अपना मुनाफा सुरक्षित करना चाह रहे हैं।

अबू धाबी का सॉवरेन वेल्थ फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), भारतीय आईवियर दिग्गज Lenskart में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने की तैयारी कर रहा है। लगभग ₹1,944 करोड़ मूल्य के इस सौदे में इस रिटेल यूनिकॉर्न की 2.3% तक की हिस्सेदारी की बिक्री शामिल है।

निवेशकों के एग्जिट की लहर

ADIA का यह कदम जापानी निवेश दिग्गज SoftBank द्वारा एक और हाई-प्रोफाइल एग्जिट के ठीक बाद आया है। प्रमुख वैश्विक दिग्गजों द्वारा की जा रही इन बैक-टू-बैक बिक्रियों पर बाजार विश्लेषकों की पैनी नजर है, क्योंकि यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के प्रमुख कंज्यूमर ब्रांडों के मौजूदा वैल्यूएशन को किस तरह देख रहे हैं।

यह लेनदेन ब्लॉक डील के जरिए निष्पादित होने की उम्मीद है। रिपोर्टों से पता चलता है कि बिक्री की कीमत मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन की तुलना में मामूली डिस्काउंट पर तय की जाएगी, जो बड़े पैमाने पर इक्विटी लिक्विडेशन में खरीदारों को तेजी से आकर्षित करने के लिए एक सामान्य प्रक्रिया है।

Lenskart का बढ़ता नेटवर्क

प्रमुख निवेशकों द्वारा बिकवाली के बावजूद, Lenskart भारतीय और अंतरराष्ट्रीय आईवियर बाजार में एक प्रभावी शक्ति बनी हुई है। इसकी बाजार स्थिति में योगदान देने वाले मुख्य कारकों में शामिल हैं:

रिटेल निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

हालांकि Lenskart वर्तमान में एक असूचीबद्ध (unlisted) इकाई है, लेकिन ये सेकेंडरी मार्केट लेनदेन कंपनी के वैल्यूएशन के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क प्रदान करते हैं। जब ADIA जैसे सॉवरेन वेल्थ फंड और SoftBank जैसे टेक-केंद्रित फंड अपनी हिस्सेदारी कम करते हैं, तो यह अक्सर 'वैल्यूएशन पीक' का सुझाव देता है—एक ऐसा बिंदु जहां शुरुआती निवेशकों को लगता है कि उन्होंने अपने लक्षित रिटर्न प्राप्त कर लिए हैं और वे पूंजी को कहीं और लगाना पसंद करते हैं।

औसत रिटेल पाठक के लिए, यह ट्रेंड भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता को दर्शाता है। वैश्विक दिग्गजों द्वारा लाभदायक एग्जिट को आम तौर पर एक स्वस्थ संकेत के रूप में देखा जाता है कि भारतीय यूनिकॉर्न अपने निवेशकों को महत्वपूर्ण तरलता (liquidity) और रिटर्न प्रदान करने में सक्षम हैं, भले ही यह कंपनी के स्वामित्व संरचना में बदलाव का प्रतीक हो।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं देती है; असूचीबद्ध संस्थाओं में निवेश में उच्च जोखिम होता है, और पाठकों को प्रमाणित सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.