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कर्नाटक प्रत्यक्ष कर में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना, ₹1.25 लाख करोड़ के करीब पहुँचा

By Arth Vani Desk · 2026-09-10

कर्नाटक ने भारत में प्रत्यक्ष कर संग्रह में खुद को दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में स्थापित किया है, जिसका शुद्ध राजस्व ₹1.25 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया है। यह राज्य अब देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में अपने योगदान के मामले में मुंबई से ही पीछे है।

Key takeaways

कर्नाटक ने भारत में प्रत्यक्ष कर संग्रह में खुद को दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में स्थापित किया है, जिसका शुद्ध राजस्व ₹1.25 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया है। यह राज्य अब देश के प्रत्यक्ष कर संग्रह में अपने योगदान के मामले में मुंबई से ही पीछे है।

बेंगलुरु: कर्नाटक ने प्रत्यक्ष कर संग्रह में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है, जो पूरे भारत में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा है, जिसका शुद्ध संग्रह प्रभावशाली ₹1.25 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया है। यह दक्षिणी राज्य एक महत्वपूर्ण आर्थिक इंजन बन गया है, जो राष्ट्रीय खजाने में पर्याप्त योगदान दे रहा है।

हाल के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक अब प्रत्यक्ष कर योगदान के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर है। यह मजबूत प्रदर्शन राज्य के कर आधार के भीतर मजबूत आर्थिक गतिविधि और अनुपालन को रेखांकित करता है।

प्रत्यक्ष कर, जिनमें आयकर, कॉर्पोरेट कर और व्यक्तियों और निगमों द्वारा सीधे सरकार को भुगतान किए जाने वाले अन्य शुल्क शामिल हैं, केंद्र सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं। कर्नाटक से हुए पर्याप्त संग्रह इसकी बढ़ती आर्थिक शक्ति और इस क्षेत्र में कर प्रशासन के प्रयासों की सफलता को उजागर करते हैं।

लगभग ₹1.25 लाख करोड़ का आंकड़ा करदाताओं के संयुक्त प्रयासों और कर्नाटक में कर संग्रह मशीनरी की दक्षता को दर्शाता है। यह उपलब्धि राज्य को एक प्रमुख वित्तीय केंद्र और भारत के समग्र आर्थिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करती है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या कर सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently asked questions

भारत में दूसरा सबसे बड़ा प्रत्यक्ष कर योगदानकर्ता कौन सा राज्य है?

कर्नाटक भारत में दूसरा सबसे बड़ा प्रत्यक्ष कर योगदानकर्ता बनकर उभरा है।

कर्नाटक का अनुमानित प्रत्यक्ष कर संग्रह कितना है?

कर्नाटक का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹1.25 लाख करोड़ के करीब पहुँच रहा है।

कौन सा शहर/राज्य कर्नाटक से अधिक प्रत्यक्ष कर का योगदान करता है?

मुंबई वर्तमान में कर्नाटक से आगे, शीर्ष प्रत्यक्ष कर योगदानकर्ता बना हुआ है।

Source: GNews Tax
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