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US Fed के रुख के बीच Bitcoin की रिकवरी ₹53.4 लाख के पास थमी

By Arth Vani Desk · 2026-06-18

बिटकॉइन द्वारा अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिशों में तब रुकावट आ गई जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को लेकर सतर्क रुख अपनाने का संकेत दिया। संस्थागत खरीदारी की कमी और क्रिप्टो फंड से निकासी (outflows) ने कीमतों को ₹53.4 लाख के स्तर के आसपास अटका दिया है।

Key takeaways

बिटकॉइन द्वारा अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिशों में तब रुकावट आ गई जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को लेकर सतर्क रुख अपनाने का संकेत दिया। संस्थागत खरीदारी की कमी और क्रिप्टो फंड से निकासी (outflows) ने कीमतों को ₹53.4 लाख के स्तर के आसपास अटका दिया है।

बिटकॉइन की हालिया तेजी फीकी पड़ती दिख रही है क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी प्रमुख मनोवैज्ञानिक स्तरों को पार करने के लिए संघर्ष कर रही है। वर्तमान में लगभग $64,000 (करीब ₹53.44 लाख) पर कारोबार कर रही यह डिजिटल संपत्ति, वैश्विक आर्थिक दबावों और बड़े निवेशकों की दिलचस्पी कम होने के कारण महत्वपूर्ण प्रतिरोध (resistance) का सामना कर रही है।

फेडरल रिजर्व का कारक

बिटकॉइन पर सबसे बड़ा दबाव अमेरिकी फेडरल रिजर्व का 'हॉकिश' (hawkish) रुख है। वित्तीय शब्दावली में, हॉकिश रुख का मतलब है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए, इसका मतलब 'रिस्क-ऑफ' (risk-off) माहौल है, जहां निवेशक क्रिप्टोकरेंसी जैसे अस्थिर विकल्पों के बजाय सोना या सरकारी बॉन्ड जैसी सुरक्षित संपत्तियों को प्राथमिकता देते हैं।

संस्थागत निवेशकों की निकासी

इस साल की शुरुआत में, बिटकॉइन ETF (Exchange Traded Funds) की लॉन्चिंग ने कीमतों को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा दिया था। हालांकि, अब यह रुझान उलट रहा है। हालिया आंकड़ों से ETF आउटफ्लो में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिसका अर्थ है कि संस्थागत खिलाड़ी बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। नए 'स्मार्ट मनी' की इस कमी ने रिकवरी की कोशिशों को आगे बढ़ने के लिए जरूरी गति नहीं मिलने दी है।

नजर रखने योग्य प्रमुख स्तर

तकनीकी विशेषज्ञ वर्तमान में विशिष्ट मूल्य स्तरों की निगरानी कर रहे हैं जो आने वाले हफ्तों में बिटकॉइन की दिशा तय कर सकते हैं:

फिलहाल, बाजार का सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है। हालांकि बिटकॉइन के लिए लॉन्ग-टर्म कहानी विकसित हो रही है, लेकिन शॉर्ट-टर्म आउटलुक काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिकी आर्थिक नीति कैसे सामने आती है और क्या संस्थागत खरीदार फिर से बाजार में लौटते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी एक अनियमित डिजिटल संपत्ति है, यह लीगल टेंडर नहीं है और बाजार के जोखिमों के अधीन है। प्रदान की गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और यह वित्तीय सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

भारतीय क्रिप्टो निवेशकों के लिए 'हॉकिश फेड' का क्या मतलब है?

इसका मतलब है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखने का इरादा रखता है, जो आम तौर पर पारंपरिक बचत की तुलना में बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बनाता है।

बिटकॉइन के लिए मुझे किस 'सपोर्ट' प्राइस पर नजर रखनी चाहिए?

तत्काल सपोर्ट ₹50.93 लाख और ₹53.02 लाख के बीच है; यदि बिटकॉइन इसके ऊपर रहता है, तो वर्तमान मूल्य स्थिरता बनी रह सकती है।

पिछली बढ़त के बावजूद कीमत क्यों नहीं बढ़ रही है?

नई संस्थागत खरीदारी की कमी और निवेशकों द्वारा बिटकॉइन ETF से पैसा निकालने की प्रक्रिया रिकवरी थमने के मुख्य कारण हैं।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.