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ग्लोबल तनाव कम होने से सेंसेक्स 1,000 अंक उछला; निफ्टी 23,400 के पार

By Arth Vani Desk · 2026-06-12

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक स्थिरता की उम्मीदों से निवेशकों का उत्साह बढ़ने के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार रिकवरी देखी गई। सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी ने 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया, जिससे रिटेल पोर्टफोलियो को बड़ी राहत मिली।

Key takeaways

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक स्थिरता की उम्मीदों से निवेशकों का उत्साह बढ़ने के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में जोरदार रिकवरी देखी गई। सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी ने 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया, जिससे रिटेल पोर्टफोलियो को बड़ी राहत मिली।

भारतीय इक्विटी बेंचमार्क ने शुक्रवार को शानदार वापसी की, जिसमें सेंसेक्स 1,000 से अधिक अंकों की बढ़त के साथ उछला और निफ्टी 50 ने 23,400 का स्तर फिर से हासिल कर लिया। इस रैली में दोनों सूचकांकों में 1% से अधिक की तेजी देखी गई, जिसका मुख्य कारण शांत होता भू-राजनीतिक माहौल और उसके परिणामस्वरूप वैश्विक तेल कीमतों में आई गिरावट रही।

भू-राजनीतिक तनाव कम होने से मिली राहत

बाजार में अचानक आई इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उभरती उम्मीद है। इस घटनाक्रम ने कच्चे तेल पर जोखिम प्रीमियम (risk premium) को काफी कम कर दिया है। भारत जैसे देश के लिए, जो अपनी तेल आवश्यकताओं का 80% से अधिक आयात करता है, मध्य पूर्व में तनाव कम होना एक बड़े व्यापक आर्थिक (macroeconomic) लाभ के रूप में कार्य करता है। तेल की कम कीमतें रुपये को स्थिर करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने और कई घरेलू उद्योगों के लिए इनपुट लागत को कम करने में मदद करती हैं।

हॉर्मुज फैक्टर और तेल की कीमतें

निवेशकों ने वैश्विक तेल शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे, हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संभावित रूप से फिर से खुलने पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। जैसे ही आपूर्ति बाधित होने का डर कम हुआ, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई, जिससे ऊर्जा-संवेदनशील क्षेत्रों को तत्काल राहत मिली। व्यापक बाजार की धारणा सतर्क (cautious) से बदलकर तेजी (bullish) की ओर बढ़ गई, जिससे सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में उल्लेखनीय उछाल आया और रिटेल निवेशकों की संपत्ति में सीधे तौर पर वृद्धि हुई।

सभी क्षेत्रों में व्यापक लाभ

यह रैली केवल कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई दी। बैंकिंग, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग में खरीदारी की दिलचस्पी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने हालिया अस्थिरता को पीछे छोड़ दिया। यह उछाल इस बढ़ते विश्वास को दर्शाता है कि यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतें स्थिर रहती हैं, तो आने वाली तिमाहियों में भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र के मार्जिन का दबाव कम हो सकता है।

हालांकि तत्काल कारण वैश्विक समाचार बने हुए हैं, विश्लेषकों का सुझाव है कि हालिया सुधार (corrections) के बाद घरेलू बाजार तकनीकी रिबाउंड के लिए भी तैयार था। अनुकूल वैश्विक संकेतों और कुछ क्षेत्रों में आकर्षक वैल्यूएशन के संयोजन ने खरीदारों को बाजार में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया है।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें कोई वित्तीय सलाह शामिल नहीं है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.