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मार्केट क्रैश के दौरान डाइवर्सिफिकेशन आपके पोर्टफोलियो को क्यों नहीं बचा पाएगा

By Arth Vani Desk · 2026-06-18

मार्केट एक्सपर्ट चार्ल्स एलिस (Charles Ellis) चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक तनाव के समय में, शेयर एक साथ गिरने लगते हैं, जिससे पारंपरिक डाइवर्सिफिकेशन (diversification) अल्पावधि में कम प्रभावी हो जाता है। भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए, मुख्य बात इस अस्थायी चरण को पहचानने और डर में आकर बिकवाली करने के बजाय अनुशासन बनाए रखने में है।

Key takeaways

मार्केट एक्सपर्ट चार्ल्स एलिस (Charles Ellis) चेतावनी देते हैं कि अत्यधिक तनाव के समय में, शेयर एक साथ गिरने लगते हैं, जिससे पारंपरिक डाइवर्सिफिकेशन (diversification) अल्पावधि में कम प्रभावी हो जाता है। भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए, मुख्य बात इस अस्थायी चरण को पहचानने और डर में आकर बिकवाली करने के बजाय अनुशासन बनाए रखने में है।

भारतीय रिटेल निवेशकों को अक्सर बताया जाता है कि डाइवर्सिफिकेशन—विभिन्न सेक्टरों और शेयरों में पैसा फैलाना—परम सुरक्षा कवच (safety net) है। हालांकि, निवेश जगत की एक प्रसिद्ध हस्ती चार्ल्स एलिस एक कड़वी हकीकत की ओर इशारा करते हैं: “शेयरों के बारे में बाजार में एक पुरानी कहावत है कि वे सब एक साथ नीचे जाते हैं।”

संकट के दौरान सुरक्षा कवच का भ्रम

सामान्य बाजार स्थितियों में, डाइवर्सिफिकेशन अच्छी तरह से काम करता है। जब IT शेयर गिरते हैं, तो शायद बैंकिंग या FMCG शेयर बढ़ जाते हैं, जिससे आपका पोर्टफोलियो संतुलित रहता है। लेकिन बड़े मार्केट क्रैश या अत्यधिक तनाव के समय, यह संतुलन अक्सर गायब हो जाता है। इस घटना को 'हाई कोरिलेशन' (high correlation) के रूप में जाना जाता है। जब दलाल स्ट्रीट पर डर हावी हो जाता है, तो किसी कंपनी के व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय निवेशकों की भावनाएं (sentiment) कीमतों की प्राथमिक चालक बन जाती हैं।

ऐसे क्षणों में, निवेशक अक्सर अपने पूरे पोर्टफोलियो को लाल होते हुए देखते हैं, चाहे वह कितना भी डाइवर्सिफाइड क्यों न हो। चाहे आपके पास ब्लू-चिप कंपनियां हों या ग्रोथ-ओरिएंटेड मिड-कैप, बिकवाली की शुरुआती लहर शायद ही उनके बीच कोई भेदभाव करती है।

शेयर एक साथ क्यों गिरते हैं

संकट के दौरान शेयरों में एक साथ गिरावट का कारण अक्सर लिक्विडिटी (liquidity) और मनोविज्ञान से जुड़ा होता है। जब घबराहट फैलती है, तो संस्थागत निवेशकों (institutional investors) को रिडेम्प्शन प्रेशर या मार्जिन कॉल को पूरा करने के लिए अपनी सबसे लिक्विड होल्डिंग्स बेचने की आवश्यकता हो सकती है। यह एक 'डोमिनो इफेक्ट' पैदा करता है जहां सबसे मजबूत कंपनियों के शेयरों की कीमतों में भी गिरावट आती है क्योंकि उन्हें कहीं और हुए नुकसान की भरपाई के लिए बेचा जा रहा होता है। ₹5 लाख या ₹50 लाख का पोर्टफोलियो रखने वाले रिटेल निवेशक के लिए, हर एक शेयर को गिरते हुए देखना घबराहट पैदा करने वाला हो सकता है, जिससे सब कुछ बेचकर जो बचा है उसे 'बचाने' का आवेग पैदा होता है।

लंबी अवधि के अनुशासन का महत्व

हालांकि चौतरफा गिरावट का दृश्य डरावना होता है, चार्ल्स एलिस इस बात पर जोर देते हैं कि ये चरण अस्थायी होते हैं। इतिहास बताता है कि भले ही शेयर एक साथ नीचे गिर सकते हैं, लेकिन वे एक साथ नीचे नहीं टिके रहते। एक बार जब शुरुआती घबराहट कम हो जाती है, तो बाजार फिर से अंतर करना शुरू कर देता है। रिकवरी का नेतृत्व लगभग हमेशा मजबूत फंडामेंटल्स, स्वस्थ कैश फ्लो और ठोस बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों द्वारा किया जाता है।

अंततः, डाइवर्सिफिकेशन जोखिम प्रबंधन के लिए एक लंबी अवधि की रणनीति है, न कि अस्थिरता के खिलाफ एक अल्पकालिक ढाल। यह समझना कि क्रैश के दौरान "सब कुछ एक साथ नीचे जाता है," बाजार में अस्थिरता आने पर आपको शांत रहने में मदद कर सकता है।

यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसमें कोई वित्तीय सलाह नहीं दी गई है; प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं।

Frequently asked questions

मेरा डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो 'सुरक्षित' सेक्टरों में भी पैसा क्यों गंवा रहा है?

मार्केट संकट के दौरान, निवेशक अक्सर डर या नकदी की आवश्यकता के कारण सभी प्रकार के शेयरों को एक साथ बेचते हैं, जिससे सुरक्षित सेक्टर भी जोखिम भरे सेक्टरों के साथ गिर जाते हैं।

क्या इसका मतलब यह है कि डाइवर्सिफिकेशन समय की बर्बादी है?

नहीं, डाइवर्सिफिकेशन अभी भी लंबी अवधि की ग्रोथ और कंपनी-विशिष्ट जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक है; यह केवल मार्केट में चौतरफा बिकवाली के दौरान अस्थायी नुकसान को नहीं रोकता है।

मेरे शेयर एक ही दिशा में चलना कब बंद करेंगे?

शेयर आमतौर पर एक साथ चलना तब बंद कर देते हैं जब शुरुआती घबराहट कम हो जाती है और निवेशक फिर से कंपनियों के व्यक्तिगत वित्तीय स्वास्थ्य पर ध्यान देना शुरू कर देते हैं।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.