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पिछले साल केवल दो लाभांश उपज निधियों ने 10% रिटर्न से अधिक प्रदर्शन किया, अध्ययन से पता चला

By Arth Vani Desk · 2026-08-17

एक हालिया विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले एक साल में केवल दो लाभांश उपज म्यूचुअल फंडों ने 10% से अधिक रिटर्न दिया। इस श्रेणी के भीतर प्रदर्शन में यह व्यापक असमानता मुख्य रूप से इक्विटी आवंटन, पोर्टफोलियो विकल्पों और फंडों के बीच व्यय अनुपात में अंतर के कारण है।

Key takeaways

पिछले साल देखी गई एक उल्लेखनीय प्रवृत्ति में, भारत में केवल दो लाभांश उपज म्यूचुअल फंड ही 10% से अधिक रिटर्न उत्पन्न करने में सफल रहे। एक हालिया अध्ययन पर आधारित यह निष्कर्ष, इस विशिष्ट म्यूचुअल फंड श्रेणी के भीतर एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन अंतर को रेखांकित करता है, जहाँ कुछ फंड शीर्ष प्रदर्शन करने वालों से काफी पीछे रह गए।

लाभांश उपज निधियों को समझना

लाभांश उपज निधि (Dividend yield funds) एक प्रकार का इक्विटी म्यूचुअल फंड है जो मुख्य रूप से उच्च लाभांश का भुगतान करने के ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनियों में निवेश करता है। अंतर्निहित रणनीति शेयरों की पूंजीगत वृद्धि और इन कंपनियों से प्राप्त नियमित लाभांश आय दोनों के माध्यम से रिटर्न उत्पन्न करना है। इन फंडों को अक्सर उन निवेशकों द्वारा माना जाता है जो विशेष रूप से परिपक्व, सुस्थापित कंपनियों से विकास की संभावना के साथ-साथ अपेक्षाकृत स्थिर आय स्रोत की तलाश में हैं।

प्रदर्शन में इतना बड़ा अंतर क्यों?

लाभांश उपज फंडों में रिटर्न के बड़े अंतर का श्रेय कई महत्वपूर्ण कारकों को दिया जा सकता है:

निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

लाभांश उपज फंड श्रेणी के भीतर प्रदर्शन में देखी गई असमानता निवेशकों के लिए गहन शोध और उचित परिश्रम के महत्व को उजागर करती है। केवल इसकी श्रेणी के नाम के आधार पर एक फंड चुनना वांछित परिणाम की गारंटी नहीं दे सकता है। इसके बजाय, निवेशकों को फंड की अंतर्निहित रणनीति, इसकी ऐतिहासिक प्रदर्शन निरंतरता (केवल एक साल से अधिक), इसके पोर्टफोलियो होल्डिंग्स की गुणवत्ता और इसके व्यय अनुपात में गहराई से देखना चाहिए।

जबकि लाभांश उपज फंड आय और विकास की तलाश करने वालों के लिए एक आकर्षक विकल्प हो सकते हैं, यह समझना महत्वपूर्ण है कि श्रेणी के भीतर सभी फंड समान रूप से प्रदर्शन नहीं करेंगे। बाजार की स्थिति भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक ऐसा बाजार वातावरण जो वैल्यू या लाभांश देने वाले शेयरों पर ग्रोथ शेयरों का पक्ष लेता है, उसमें लाभांश उपज फंड व्यापक बाजार सूचकांकों से कम प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके विपरीत, बाजार में अस्थिरता या आर्थिक मंदी की अवधि के दौरान, लाभांश देने वाले शेयरों को कभी-कभी अधिक लचीला देखा जाता है, जो एक हद तक स्थिरता प्रदान करते हैं।

भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए, फंड के निवेश उद्देश्य, फंड प्रबंधक के अनुभव की समीक्षा करना और केवल अल्पकालिक रिटर्न से परे कई मापदंडों पर श्रेणी के भीतर विभिन्न फंडों की तुलना करना उचित है। फंड की विशेषताओं को व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहिष्णुता के साथ संरेखित करना भी महत्वपूर्ण है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently asked questions

लाभांश उपज निधि क्या हैं?

लाभांश उपज निधि म्यूचुअल फंड होते हैं जो मुख्य रूप से उन कंपनियों में निवेश करते हैं जो लगातार उच्च लाभांश का भुगतान करने के लिए जानी जाती हैं। उनका लक्ष्य निवेशकों को इन लाभांशों से पूंजीगत वृद्धि और नियमित आय दोनों प्रदान करना है।

कुछ ही लाभांश उपज निधियों ने अच्छा प्रदर्शन क्यों किया?

प्रदर्शन में भिन्नता मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि प्रत्येक फंड कितना इक्विटी रखता है, वे किन विशिष्ट कंपनियों में निवेश करते हैं (उनकी पोर्टफोलियो होल्डिंग्स), और वे जो वार्षिक शुल्क लेते हैं (व्यय अनुपात)।

भारतीय निवेशकों को लाभांश उपज निधि चुनते समय क्या विचार करना चाहिए?

निवेशकों को अल्पकालिक रिटर्न से आगे बढ़कर फंड की निवेश रणनीति, उसके अंतर्निहित शेयरों की गुणवत्ता, व्यय अनुपात और यह उनके अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम सहिष्णुता के साथ कितनी अच्छी तरह संरेखित होता है, इसका मूल्यांकन करना चाहिए।

Source: Mint Money
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.