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ICRA और Axis MF ने RBI द्वारा 75 बेसिस पॉइंट तक की ब्याज दर बढ़ोतरी का अनुमान लगाया

By Arth Vani Desk · 2026-10-10

प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA और फंड हाउस Axis Mutual Fund ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। ICRA को 25 बेसिस पॉइंट की एक और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जबकि Axis Mutual Fund ने 75 बेसिस पॉइंट तक की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है।

Key takeaways

भारतीय खुदरा उधारकर्ताओं और बचतकर्ताओं को ब्याज दरों में संभावित और समायोजन के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि प्रमुख वित्तीय संस्थाओं ICRA और Axis Mutual Fund ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के भविष्य के कदमों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया है। दोनों संस्थानों को उम्मीद है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) निकट भविष्य में ब्याज दरों में अतिरिक्त बढ़ोतरी लागू कर सकती है।

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, RBI अपनी प्रमुख नीतिगत दरों में 25 बेसिस पॉइंट (bps) की एक और बढ़ोतरी करने की संभावना है। एक बेसिस पॉइंट वित्त में माप की एक सामान्य इकाई है, जो एक प्रतिशत बिंदु के सौवें हिस्से के बराबर है। इसलिए, 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी 0.25% की वृद्धि में बदल जाती है।

इस बीच, Axis Mutual Fund ने एक व्यापक भविष्यवाणी की है, जिसमें सुझाव दिया गया है कि RBI ब्याज दरों में 75 बेसिस पॉइंट तक की बढ़ोतरी कर सकता है। इसका मतलब है कि भविष्य की नीतिगत समीक्षाओं में मौजूदा स्तरों से 0.75% की संभावित संचयी वृद्धि हो सकती है।

आपके लिए ब्याज दरों में और बढ़ोतरी का क्या मतलब हो सकता है

खुदरा पाठकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये वित्तीय संस्थानों के विशेषज्ञ अनुमान हैं और RBI की ओर से कोई निश्चित घोषणा नहीं हैं। RBI की मौद्रिक नीति समिति अपने निर्णय विभिन्न आर्थिक संकेतकों, जिनमें मुद्रास्फीति, वृद्धि और वैश्विक आर्थिक स्थितियां शामिल हैं, पर गहन विचार-विमर्श के बाद लेती है।

जैसे-जैसे आर्थिक परिदृश्य विकसित होता है, व्यक्तियों को सलाह दी जाती है कि वे RBI की आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें और विचार करें कि संभावित ब्याज दर आंदोलनों से उनकी वित्तीय योजना और निवेश रणनीतियों पर कैसे प्रभाव पड़ सकता है। बढ़ते ब्याज दर के माहौल में ऋण शर्तों की समीक्षा करना और जमा दरों की तुलना करना और भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently asked questions

'बेस पॉइंट' क्या है?

एक बेसिस पॉइंट (bps) वित्त में माप की एक मानक इकाई है, जो एक प्रतिशत बिंदु के सौवें हिस्से के बराबर है। तो, 25 बेसिस पॉइंट का मतलब 0.25% और 75 बेसिस पॉइंट का मतलब 0.75% है।

इन अनुमानित दर बढ़ोतरी से मेरे ऋणों पर कैसे असर पड़ सकता है?

यदि RBI ब्याज दरें बढ़ाता है, तो बैंकों द्वारा भी ऐसा करने की संभावना है। इससे आपके मौजूदा फ्लोटिंग-रेट ऋणों, जैसे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन पर EMI (समान मासिक किस्तें) बढ़ सकती हैं, जिससे वे अधिक महंगे हो जाएंगे।

क्या दरें बढ़ने पर मेरी बचत पर अधिक कमाई होगी?

आमतौर पर, जब RBI ब्याज दरें बढ़ाता है, तो बैंक सावधि जमा (FD) और आवर्ती जमा (RD) जैसे बचत साधनों पर उच्च ब्याज दरें प्रदान करते हैं। इसका मतलब बचतकर्ताओं के लिए बेहतर रिटर्न हो सकता है।

Source: GNews Economy
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.