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Jio IPO: रिलायंस $100 बिलियन के मूल्यांकन पर भारत का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू लाने की योजना बना रहा है

By Arth Vani Desk · 2026-10-15

रिलायंस इंडस्ट्रीज कथित तौर पर अपनी टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स के 2025 में बड़े IPO की तैयारी कर रही है, जिसका अनुमानित मूल्यांकन $100 बिलियन है। यह पब्लिक इश्यू भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जो हाल ही में आए हुंडई इंडिया के IPO को भी पीछे छोड़ देगा।

Key takeaways

रिलायंस इंडस्ट्रीज कथित तौर पर अपनी टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स के 2025 में बड़े IPO की तैयारी कर रही है, जिसका अनुमानित मूल्यांकन $100 बिलियन है। यह पब्लिक इश्यू भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़ा होने की उम्मीद है, जो हाल ही में आए हुंडई इंडिया के IPO को भी पीछे छोड़ देगा।

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) कथित तौर पर अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए मंच तैयार कर रही है। बाजार विश्लेषकों और निवेश बैंकरों का सुझाव है कि कंपनी लगभग $100 बिलियन (लगभग ₹8.4 लाख करोड़) के चौंका देने वाले मूल्यांकन लक्ष्य के साथ 2025 में लिस्टिंग का लक्ष्य बना रही है।

इश्यू का पैमाना

यदि रिपोर्ट किए गए आंकड़े सही रहते हैं, तो जियो IPO भारतीय पूंजी बाजार में अब तक का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा। वर्तमान में, यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है, जिसने ₹27,870 करोड़ जुटाए थे। सार्वजनिक बाजार में जियो के प्रवेश से भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने और बड़े पैमाने पर वैश्विक संस्थागत निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। यह कदम 2020 की हिस्सेदारी बिक्री के बाद आया है जहां जियो ने गूगल और मेटा जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ-साथ केकेआर (KKR) और सिल्वर लेक जैसी निजी इक्विटी फर्मों से ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक जुटाए थे।

अभी क्यों? विकास के मुख्य कारक

IPO का समय कंपनी के वित्तीय मेट्रिक्स में महत्वपूर्ण सुधार के साथ मेल खाता है। टेलीकॉम उद्योग में हाल ही में हुई टैरिफ बढ़ोतरी के बाद, जियो का प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (ARPU) लगातार बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी की 5G सेवाओं के आक्रामक रोलआउट और इसके विस्तार करते फाइबर-टू-द-होम (FTTH) नेटवर्क ने 470 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ बाजार के लीडर के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत किया है।

निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

रिटेल निवेशकों के लिए, जियो IPO भारत के सबसे बड़े डेटा और डिजिटल सेवा प्रदाता में सीधे हिस्सेदारी रखने का एक अवसर है। विश्लेषकों का मानना है कि लिस्टिंग से मौजूदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने में मदद मिलेगी, हालांकि शेयर बिक्री की सटीक संरचना—चाहे इसमें मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा या शेयरों का नया इश्यू—अभी तय होना बाकी है।

हालांकि ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल नहीं होने के कारण ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) वर्तमान में सट्टा है, लेकिन प्राइमरी मार्केट में हलचल उच्च मांग का संकेत देती है। निवेशकों को प्राइस बैंड और लॉट साइज पर ठोस विवरण के लिए सेबी (SEBI) के पास आधिकारिक फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें वित्तीय या निवेश सलाह शामिल नहीं है।

Frequently asked questions

जियो IPO कब खुलने की उम्मीद है?

हालांकि कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन उद्योग की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि रिलायंस कैलेंडर वर्ष 2025 में लिस्टिंग का लक्ष्य बना रही है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का अपेक्षित मूल्यांकन क्या है?

निवेश बैंकरों का अनुमान है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लगभग $100 बिलियन (₹8.4 लाख करोड़) होगा।

क्या मौजूदा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों को कोटा मिलेगा?

शेयरधारक आरक्षण या 'लॉयल्टी' कोटे के संबंध में विवरण सेबी के पास DRHP दाखिल होने के बाद ही पता चलेगा।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.