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भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात लगातार दूसरे महीने रिकॉर्ड स्तर पर

By Arth Vani Desk · 2026-08-10

जुलाई में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया, जो लगातार दूसरे महीने बढ़ी हुई खरीद का संकेत है। यह वृद्धि देश भर के छोटे आयात टर्मिनलों के कारण हुई, जो रूस से रियायती ऊर्जा पर भारत की निरंतर निर्भरता को रेखांकित करती है।

Key takeaways

जुलाई में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया, जो लगातार दूसरे महीने बढ़ी हुई खरीद का संकेत है। यह वृद्धि देश भर के छोटे आयात टर्मिनलों के कारण हुई, जो रूस से रियायती ऊर्जा पर भारत की निरंतर निर्भरता को रेखांकित करती है।

जुलाई में लगातार दूसरे महीने रूसी कच्चे तेल के लिए भारत की मांग सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई, जिसमें आयात 2.1 प्रतिशत बढ़ा। इस निरंतर वृद्धि ने भारत की रूसी जीवाश्म ईंधन के प्रमुख खरीदार के रूप में स्थिति को उजागर किया है, जो केवल चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।

यह वृद्धि मुख्य रूप से राष्ट्र भर में छोटे, कम प्रमुख आयात टर्मिनलों पर मात्रा में वृद्धि के कारण हुई। इसके विपरीत, जामनगर रिफाइनरी जैसी बड़ी सुविधाओं में आयात का स्तर स्थिर रहा, जबकि पारादीप टर्मिनल में रूसी कच्चे तेल की आवक में कमी देखी गई।

यह प्रवृत्ति वैश्विक भू-राजनीतिक जटिलताओं के बावजूद, रूस से संभावित रियायती दरों पर ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने के लिए एक रणनीतिक बदलाव या निरंतर वरीयता का संकेत देती है। इन आपूर्तियों पर निर्भरता का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और उसके व्यापार संतुलन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।

लगातार उच्च आयात मात्रा यह बताती है कि रूसी कच्चे तेल से जुड़ी लागत बचत भारतीय रिफाइनरियों के लिए एक आकर्षक कारक बनी हुई है। यह रणनीति भारत को विशेष रूप से अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजार में अपनी ऊर्जा लागतों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने की अनुमति देती है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें निवेश सलाह शामिल नहीं है।

Frequently asked questions

भारत के कच्चे तेल के आयात में नवीनतम रुझान क्या है?

जुलाई में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले महीने के रुझान को जारी रखता है।

किन टर्मिनलों में आयात में वृद्धि देखी गई?

यह वृद्धि मुख्य रूप से भारत भर के छोटे आयात टर्मिनलों के कारण हुई, जबकि जामनगर जैसे बड़े टर्मिनल स्थिर रहे और पारादीप में गिरावट देखी गई।

रूसी कच्चे तेल के आयात में भारत का स्थान क्या है?

भारत केवल चीन के बाद, विश्व स्तर पर रूसी जीवाश्म ईंधन का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है।

Source: ET Economy
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