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निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों को गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारत की विकास यात्रा से जुड़ने का निमंत्रण दिया

By Arth Vani Desk · 2026-10-12

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों से गुजरात के गिफ्ट आईएफएससी (GIFT IFSC) के माध्यम से भारत के आर्थिक विस्तार में भाग लेने का आह्वान किया है। देश के स्थिर नियामक वातावरण पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने इस हब को भारतीय बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रवेश द्वार के रूप में पेश किया।

Key takeaways

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक निवेशकों से गुजरात के गिफ्ट आईएफएससी (GIFT IFSC) के माध्यम से भारत के आर्थिक विस्तार में भाग लेने का आह्वान किया है। देश के स्थिर नियामक वातावरण पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने इस हब को भारतीय बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रवेश द्वार के रूप में पेश किया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक संस्थागत निवेशकों से गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) का उपयोग करके भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि का लाभ उठाने का पुरजोर आह्वान किया है। एक उच्च स्तरीय बैठक में बोलते हुए, मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, जो बड़े पैमाने, डिजिटल बुनियादी ढांचे और नीतिगत स्थिरता का एक अनूठा संयोजन प्रदान करता है।

रणनीतिक प्रवेश द्वार के रूप में गिफ्ट सिटी

वित्त मंत्री ने रेखांकित किया कि गिफ्ट आईएफएससी (GIFT IFSC) को सिंगापुर और दुबई जैसे वैश्विक केंद्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रतिस्पर्धी कर व्यवस्था और एक एकीकृत नियामक (IFSCA) के साथ व्यापार के अनुकूल इकोसिस्टम प्रदान करके, सरकार का लक्ष्य विदेशी फंडों के लिए ऑनशोर प्रवेश की पारंपरिक बाधाओं के बिना भारतीय संपत्तियों में निवेश करना आसान बनाना है।

बुनियादी ढांचे और ग्रीन फाइनेंस पर ध्यान

सीतारमण ने बताया कि भारत की हरित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण और इसके विशाल बुनियादी ढांचे के पाइपलाइन के लिए महत्वपूर्ण दीर्घकालिक पूंजी की आवश्यकता है। उन्होंने वैश्विक सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड से इन निवेशों के लिए गिफ्ट सिटी को प्राथमिक माध्यम के रूप में देखने का आग्रह किया। मंत्री ने उल्लेख किया कि 2047 तक 'विकसित भारत' पर सरकार का ध्यान धैर्यवान पूंजी (patient capital) के लिए कई दशकों का विकास पथ प्रदान करता है।

वैश्विक निवेशक भारत की ओर क्यों देख रहे हैं

यह प्रयास ऐसे समय में किया गया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं विविध हो रही हैं, और भारत एक पसंदीदा विनिर्माण और सेवा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। वित्त मंत्री ने दोहराया कि राजकोषीय अनुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता, मजबूत घरेलू खपत के साथ मिलकर, अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के लिए एक लचीला वातावरण बनाती है। गिफ्ट सिटी के माध्यम से निवेश को रूट करके, निवेशक उच्च-उपज वाले भारतीय बाजारों में एक्सपोजर प्राप्त करते हुए मुद्रा जोखिमों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर सकते हैं।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

गिफ्ट सिटी क्या है और यह निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

गिफ्ट सिटी गुजरात में स्थित भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) है। यह भारत के वित्तीय और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक वैश्विक नियामक वातावरण और कर प्रोत्साहन प्रदान करता है।

गिफ्ट सिटी में कौन से कर लाभ उपलब्ध हैं?

गिफ्ट सिटी की इकाइयां 15 में से किसी भी लगातार 10 वर्षों के लिए 100% आयकर छूट का आनंद लेती हैं, साथ ही विशिष्ट शर्तों के तहत GST, लाभांश वितरण कर और पूंजीगत लाभ कर से छूट भी मिलती है।

गिफ्ट सिटी भारतीय रिटेल पाठक की कैसे मदद करता है?

मुख्य रूप से संस्थागत निवेशकों के लिए होने के बावजूद, गिफ्ट सिटी के विकास से भारतीय बाजारों में अधिक विदेशी पूंजी आती है, बेहतर बुनियादी ढांचे का विकास होता है और घरेलू वित्तीय क्षेत्र में उच्च-मूल्य वाली नौकरियों का सृजन होता है।

Source: GNews GIFT City
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