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OYO की पैरेंट कंपनी PRISM अपने IPO के फ्रेश इश्यू का साइज 50% घटाकर ₹3,350 करोड़ करेगी

By Arth Vani Desk · 2026-10-20

OYO की पैरेंट कंपनी, ओरावेल स्टेज (PRISM), अपने IPO के फ्रेश इश्यू साइज को ₹6,650 करोड़ से घटाकर ₹3,350 करोड़ करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य बेहतर कैश फ्लो और मूडीज (Moody's) के सकारात्मक दृष्टिकोण के बाद मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए इस राशि का उपयोग करना है।

Key takeaways

OYO की पैरेंट कंपनी, ओरावेल स्टेज (PRISM), अपने IPO के फ्रेश इश्यू साइज को ₹6,650 करोड़ से घटाकर ₹3,350 करोड़ करने की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य बेहतर कैश फ्लो और मूडीज (Moody's) के सकारात्मक दृष्टिकोण के बाद मुख्य रूप से कर्ज चुकाने के लिए इस राशि का उपयोग करना है।

हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी OYO की पैरेंट इकाई ओरावेल स्टेज लिमिटेड (जो अपनी लिस्टिंग के लिए PRISM के रूप में काम कर रही है), कथित तौर पर अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के फ्रेश इश्यू साइज में लगभग 50% की कटौती करने के लिए तैयार है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी अब नए शेयरों की बिक्री के माध्यम से ₹3,350 करोड़ तक जुटाने की योजना बना रही है, जो पहले प्रस्तावित ₹6,650 करोड़ से कम है।

कर्ज कम करने पर ध्यान

IPO के आकार को कम करने का निर्णय कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट और मजबूत आंतरिक कैश फ्लो के कारण लिया गया है। संशोधित फंड जुटाने का प्राथमिक उद्देश्य मौजूदा कर्ज का पुनर्भुगतान या प्री-पेमेंट करना है। अपने ब्याज के बोझ को कम करके, कंपनी का लक्ष्य सेकेंडरी मार्केट में उतरने से पहले अपने प्रॉफिट मार्जिन और समग्र वित्तीय स्वास्थ्य में और सुधार करना है।

बेहतर वित्तीय दृष्टिकोण

यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने PRISM के आउटलुक को 'पॉजिटिव' में अपग्रेड किया है। यह बदलाव कंपनी के EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) में निरंतर वृद्धि की उम्मीदों को दर्शाता है। हॉस्पिटैलिटी टेक फर्म ने अपने परिचालन मेट्रिक्स में महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है, जिससे बड़े पैमाने पर बाहरी इक्विटी फंडिंग पर इसकी निर्भरता कम हो गई है।

प्रमुख हितधारक और बाजार की स्थिति

रितेश अग्रवाल द्वारा स्थापित, OYO को सॉफ्टबैंक (SoftBank) जैसे प्रमुख वैश्विक निवेशकों से महत्वपूर्ण समर्थन मिला है, जो एक बड़ा शेयरधारक बना हुआ है। IPO की ओर कंपनी की यात्रा पर रिटेल निवेशकों और बाजार विश्लेषकों दोनों की कड़ी नजर है, क्योंकि यह सार्वजनिक इकाई में बदलने का प्रयास करने वाले भारत के सबसे प्रमुख स्टार्टअप्स में से एक है।

हालांकि संशोधित फाइलिंग में IPO के लिए विशिष्ट मूल्य बैंड और तारीखों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है, लेकिन आकार में कमी पूंजी बाजार के प्रति अधिक रूढ़िवादी और अनुशासित दृष्टिकोण का सुझाव देती है, जो केवल पूंजी की मात्रा के बजाय वैल्यूएशन की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करती है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें वित्तीय या निवेश सलाह शामिल नहीं है।

Frequently asked questions

OYO की पैरेंट कंपनी अपने IPO का आकार क्यों कम कर रही है?

कंपनी आकार कम कर रही है क्योंकि उसके वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, कैश फ्लो मजबूत हुआ है और बैलेंस शीट बेहतर हुई है, जिससे अत्यधिक बाहरी पूंजी की आवश्यकता कम हो गई है।

IPO से प्राप्त राशि का उपयोग किस लिए किया जाएगा?

₹3,350 करोड़ के फ्रेश इश्यू का प्राथमिक लक्ष्य ब्याज लागत को कम करने के लिए कंपनी के बकाया ऋणों का पुनर्भुगतान या प्री-पेमेंट करना है।

PRISM (OYO) में प्रमुख शेयरधारक कौन हैं?

प्रमुख हितधारकों में संस्थापक रितेश अग्रवाल और जापानी निवेश दिग्गज सॉफ्टबैंक शामिल हैं।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.