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बिटकॉइन $63,000 के नीचे गिरा; कॉइनबेस की अर्निंग्स ने बाजार की धारणा को किया कमजोर

By Arth Vani Desk · 2026-08-01

बिटकॉइन $63,000 के स्तर से नीचे गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है। कॉइनबेस की कमजोर अर्निंग्स रिपोर्ट और अमेरिकी क्रिप्टो कानूनों को लेकर कम होती उम्मीदों ने बाजार पर दबाव बनाया है। जहां सोलाना और XRP जैसे प्रमुख टोकन में गिरावट देखी गई, वहीं बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणी का इंतजार कर रहा है।

Key takeaways

बिटकॉइन $63,000 के स्तर से नीचे गिरकर दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गया है। कॉइनबेस की कमजोर अर्निंग्स रिपोर्ट और अमेरिकी क्रिप्टो कानूनों को लेकर कम होती उम्मीदों ने बाजार पर दबाव बनाया है। जहां सोलाना और XRP जैसे प्रमुख टोकन में गिरावट देखी गई, वहीं बाजार अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की टिप्पणी का इंतजार कर रहा है।

बिटकॉइन (BTC) की कीमतें शुक्रवार को $63,000 (लगभग ₹52.95 लाख) की सीमा से नीचे गिर गईं, जो दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी के लिए दो सप्ताह का निचला स्तर है। यह गिरावट डिजिटल एसेट मार्केट में सावधानी की लहर के बीच आई है, जो निराशाजनक कॉर्पोरेट अर्निंग्स और अमेरिका में नियामक दृष्टिकोण में बदलाव के कारण शुरू हुई है।

कॉइनबेस अर्निंग्स और नियामक बाधाएं

हालिया मूल्य सुधार का प्राथमिक कारण दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों में से एक, कॉइनबेस की नवीनतम अर्निंग्स रिपोर्ट प्रतीत होती है। परिणाम विश्लेषकों की उम्मीदों से कम रहे, जो रिटेल ट्रेडिंग गतिविधि में संभावित मंदी का संकेत देते हैं। इसके अतिरिक्त, अमेरिका में संभावित क्रिप्टो-समर्थक कानून को लेकर शुरुआती उत्साह कम होने लगा है, क्योंकि निवेशकों को एहसास हो रहा है कि विधायी प्रगति पहले की तुलना में धीमी हो सकती है।

Altcoins में मिला-जुला प्रदर्शन

बिकवाली केवल बिटकॉइन तक सीमित नहीं थी। प्रमुख altcoins में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखा गया:

वैश्विक बाजार प्रभाव और मैक्रो संकेत

कुल वैश्विक क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में कमी आई है, जो निवेशकों की सावधानी के व्यापक रुझान को दर्शाता है। संस्थागत प्रवाह (Institutional flows), जो 2024 की शुरुआत में रैली का एक प्रमुख चालक था, अब मिला-जुला हो गया है। ट्रेडर्स अब अपना ध्यान व्यापक आर्थिक संकेतों की ओर स्थानांतरित कर रहे हैं, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों की तलाश कर रहे हैं। ब्याज दर के प्रक्षेपवक्र के संबंध में किसी भी टिप्पणी से आने वाले हफ्तों में क्रिप्टोकरेंसी जैसी उच्च-जोखिम वाली संपत्तियों के प्रभावित होने की उम्मीद है।

भारतीय निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए, यह गिरावट क्रिप्टो क्षेत्र में चल रही अस्थिरता को उजागर करती है। जबकि $63,000 से नीचे की गिरावट को कुछ लोगों द्वारा खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, स्पष्ट नियामक गति की कमी और वैश्विक कॉर्पोरेट अर्निंग्स का प्रभाव बताता है कि बाजार एक सीमित दायरे (range-bound) में रह सकता है। निवेशकों को ऐसे बाजार उतार-चढ़ाव के दौरान संभावित रिटर्न की गणना करते समय भारत में लागू क्रिप्टो लाभ पर 30% टैक्स और 1% TDS का भी ध्यान रखना चाहिए।

क्रिप्टोकरेंसी निवेश उच्च बाजार जोखिम और अस्थिरता के अधीन हैं। यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।

Frequently asked questions

आज बिटकॉइन की कीमत क्यों गिरी?

कॉइनबेस एक्सचेंज की निराशाजनक अर्निंग्स और अमेरिका में नए क्रिप्टो-अनुकूल कानूनों को लेकर कम होती उम्मीदों के कारण बिटकॉइन में गिरावट आई।

क्या पूरा क्रिप्टो बाजार क्रैश हो रहा है?

पूरी तरह से नहीं। जबकि बिटकॉइन, सोलाना और XRP नीचे हैं, BNB और कार्डानो जैसे कुछ टोकन ने मामूली बढ़त के साथ लचीलापन दिखाया है।

भारतीय क्रिप्टो निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

निवेशकों को ब्याज दरों में बदलाव के लिए अमेरिकी फेड संकेतों पर नजर रखनी चाहिए और याद रखना चाहिए कि भारतीय क्रिप्टो लेनदेन पर 30% टैक्स और 1% TDS लगता है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.