ArthVani
ipo

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने ₹33,400 करोड़ जुटाने के लिए भारत के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) के लिए आवेदन किया

By Arth Vani Desk · 2026-07-14

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड तोड़ पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। इस आईपीओ का उद्देश्य 5G विस्तार और कर्ज कम करने के लिए ₹33,400 करोड़ जुटाना है, जो लगभग 20 वर्षों में समूह की पहली पब्लिक लिस्टिंग है।

Key takeaways

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड तोड़ पब्लिक इश्यू के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। इस आईपीओ का उद्देश्य 5G विस्तार और कर्ज कम करने के लिए ₹33,400 करोड़ जुटाना है, जो लगभग 20 वर्षों में समूह की पहली पब्लिक लिस्टिंग है।

भारतीय बाजारों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

भारतीय पूंजी बाजारों को फिर से परिभाषित करने वाले एक कदम में, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की डिजिटल और टेलीकॉम शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स ने आधिकारिक तौर पर अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है। यह प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) भारत के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा होने जा रहा है, जिसका लक्ष्य लगभग ₹33,400 करोड़ ($4 बिलियन) जुटाना है।

यह घटनाक्रम रिलायंस समूह के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि लगभग बीस वर्षों में पहली बार इसके प्रमुख व्यवसायों में से एक सार्वजनिक (पब्लिक) होने जा रहा है। रिटेल निवेशकों के लिए, यह आईपीओ उस कंपनी में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी रखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है जिसने पिछले एक दशक में भारत के डिजिटल परिदृश्य को बदल दिया है।

रिकॉर्ड वैल्यूएशन और रणनीतिक लक्ष्य

फाइलिंग से संकेत मिलता है कि जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यूएशन ₹11,52,300 करोड़ ($138 बिलियन) तक हो सकती है। यह वैल्यूएशन इसे देश की सबसे मूल्यवान संस्थाओं में शामिल करती है, जो टेलीकॉम और डेटा सेवा क्षेत्र में इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाती है। कंपनी ताज़ा पूंजी का उपयोग दो प्राथमिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए करने की योजना बना रही है:

5G पर ध्यान केंद्रित करके, जियो का लक्ष्य प्रतिस्पर्धी टेलीकॉम रेस में आगे रहना है, जो होम ब्रॉडबैंड से लेकर एंटरप्राइज समाधानों तक, अगली पीढ़ी की डिजिटल सेवाओं को शक्ति प्रदान करने वाली हाई-स्पीड कनेक्टिविटी की पेशकश करेगा।

रिटेल निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है

औसत निवेशक के लिए, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ सिर्फ एक और लिस्टिंग नहीं है; यह 'डिजिटल इंडिया' की कहानी का एक प्रवेश द्वार है। अपनी शुरुआत के बाद से, जियो देश में कम लागत वाले डेटा और व्यापक इंटरनेट अपनाने का प्राथमिक चालक रहा है। अब, RIL की सहायक कंपनी से एक स्टैंडअलोन लिस्टेड इकाई के रूप में आगे बढ़कर, जियो निवेशकों को इसकी विकास यात्रा में सीधे भाग लेने के लिए एक स्पष्ट रास्ता प्रदान करता है, बिना मूल कंपनी के तेल या रिटेल जैसे अन्य विविध हितों में निवेश किए।

बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि आईपीओ का विशाल आकार घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों संस्थागत निवेशकों से महत्वपूर्ण रुचि आकर्षित कर सकता है, जिससे व्यापक भारतीय इक्विटी बाजार के लिए "हेलो इफेक्ट" (halo effect) पैदा हो सकता है। हालांकि इस इश्यू की विशिष्ट समयसीमा और प्राइस बैंड की घोषणा अभी बाकी है, DRHP दाखिल करना उस दिशा में पहला औपचारिक कदम है जो इस दशक का सबसे चर्चित मार्केट डेब्यू होने की उम्मीद है।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश करने के लिए कोई प्रस्ताव या आग्रह नहीं है।

Frequently asked questions

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

कंपनी का लक्ष्य विशेष रूप से पूरे भारत में अपने 5G नेटवर्क का विस्तार करने और मौजूदा कर्ज को चुकाने के लिए फंड जुटाना है।

यह रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर खरीदने से कैसे अलग है?

वर्तमान में, आप RIL के माध्यम से जियो के मालिक हैं; यह आईपीओ आपको एक स्टैंडअलोन कंपनी के रूप में विशेष रूप से टेलीकॉम और डिजिटल व्यवसाय में शेयर खरीदने की अनुमति देगा।

क्या यह वाकई भारत का सबसे बड़ा आईपीओ है?

हाँ, $4 बिलियन (₹33,000 करोड़ से अधिक) के लक्ष्य के साथ, यह भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होने के लिए तैयार है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.