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एसबीआई ने साइबर CoE 'CyRIS' लॉन्च किया, 1.8 लाख कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा में प्रशिक्षित करेगा

By Arth Vani Desk · 2026-10-27

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी डिजिटल सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए 'CyRIS' नामक एक नया साइबर उत्कृष्टता केंद्र (CoE) का उद्घाटन किया है। इस पहल के तहत, बैंक 1.8 लाख (1,80,000) कर्मचारियों को विभिन्न साइबर सुरक्षा कौशल में प्रशिक्षित करने की भी योजना बना रहा है।

Key takeaways

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपनी डिजिटल सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए 'CyRIS' नामक एक नया साइबर उत्कृष्टता केंद्र (CoE) का उद्घाटन किया है। इस पहल के तहत, बैंक 1.8 लाख (1,80,000) कर्मचारियों को विभिन्न साइबर सुरक्षा कौशल में प्रशिक्षित करने की भी योजना बना रहा है।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), देश के सबसे बड़े ऋणदाता ने 'CyRIS' नामक एक नए साइबर उत्कृष्टता केंद्र (CoE) का उद्घाटन करके अपनी डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह रणनीतिक कदम साइबर खतरों के लगातार विकसित हो रहे परिदृश्य के खिलाफ अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

CyRIS के लॉन्च के साथ, एसबीआई ने अपने 1.8 लाख (1,80,000) कर्मचारियों को महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा प्रथाओं और प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण पहल का उद्देश्य अपने कार्यबल को डिजिटल जोखिमों से निपटने और उनका मुकाबला करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस करना है, जिससे उसके विशाल ग्राहक आधार के लिए एक अधिक सुरक्षित बैंकिंग वातावरण सुनिश्चित हो सके।

CyRIS क्या है और यह किस पर ध्यान केंद्रित करेगा?

नव स्थापित 'CyRIS' केंद्र डिजिटल सुरक्षा और क्षमता विकास में सबसे आगे रहने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसका ध्यान कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रहेगा, जिनमें शामिल हैं:

यह व्यापक दृष्टिकोण पारंपरिक हैकिंग से लेकर उन्नत एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जोखिमों तक, वर्तमान और उभरती डिजिटल सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में एसबीआई के सक्रिय रुख पर प्रकाश डालता है।

यह खुदरा ग्राहकों के लिए क्यों मायने रखता है

लाखों भारतीय खुदरा बैंकिंग ग्राहकों के लिए, 'CyRIS' और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में एसबीआई का निवेश सीधे उनके खातों और डिजिटल लेनदेन के लिए बढ़ी हुई सुरक्षा में बदल जाता है। जैसे-जैसे अधिक बैंकिंग संचालन ऑनलाइन होते जा रहे हैं, साइबर धोखाधड़ी और डेटा उल्लंघनों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। अपनी आंतरिक क्षमताओं को मजबूत करके और अपने कर्मचारियों को शिक्षित करके, एसबीआई का लक्ष्य है:

यह पहल भारत में एक मजबूत और विश्वसनीय डिजिटल बैंकिंग पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो व्यक्तिगत खाताधारकों को उनकी वित्तीय गतिविधियों के लिए एक अधिक सुरक्षित मंच प्रदान करके लाभान्वित करती है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें वित्तीय या निवेश सलाह शामिल नहीं है।

Frequently asked questions

एसबीआई का नया 'CyRIS' केंद्र क्या है?

CyRIS एसबीआई का नव-लॉन्च किया गया साइबर उत्कृष्टता केंद्र है, जो बैंक की डिजिटल सुरक्षा और क्षमता क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए समर्पित है, जिसमें खतरा खुफिया, साइबर रक्षा और धोखाधड़ी विश्लेषण शामिल हैं।

यह पहल एसबीआई ग्राहकों को कैसे लाभ पहुंचाएगी?

यह पहल ग्राहकों के खातों की सुरक्षा को बढ़ाएगी, संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करेगी, और ऑनलाइन धोखाधड़ी और अनधिकृत लेनदेन के जोखिम को कम करेगी, जिससे एक सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग अनुभव प्राप्त होगा।

एसबीआई कर्मचारियों को किस प्रकार का प्रशिक्षण मिलेगा?

एसबीआई 1.8 लाख कर्मचारियों को विभिन्न साइबर सुरक्षा कौशल में प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है, जिसमें डिजिटल फोरेंसिक्स, मैलवेयर विश्लेषण, एथिकल हैकिंग और एआई सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं, ताकि साइबर खतरों का बेहतर ढंग से मुकाबला किया जा सके।

Source: ET Banking
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