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वीपीएफ: ईपीएफ से आगे ₹2.5 लाख की सीमा और कर नियमों को समझना

By Arth Vani Desk · 2026-10-17

स्वैच्छिक भविष्य निधि (VPF) कर्मचारियों को अनिवार्य ईपीएफ से परे सेवानिवृत्ति बचत में अधिक योगदान करने की अनुमति देती है। हालांकि यह आकर्षक, जोखिम-मुक्त रिटर्न प्रदान करता है, लेकिन ₹2.5 लाख (सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख) से अधिक वार्षिक वीपीएफ योगदान पर अर्जित ब्याज अब कर योग्य है। यह रिपोर्ट वीपीएफ के लाभों, कर निहितार्थों और यह कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से कैसे भिन्न है, इसका विवरण देती है।

Key takeaways

भारत में कई वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) उनकी सेवानिवृत्ति बचत का एक आधार है। हालांकि, स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ) इन बचतों को और बढ़ाने का एक कम ज्ञात तरीका प्रदान करती है। जबकि वीपीएफ ईपीएफ के कई पहलुओं को दर्शाता है, कुछ साल पहले शुरू किए गए एक महत्वपूर्ण बदलाव ने उच्च योगदान के लिए इसकी कर दक्षता को प्रभावित किया है: ₹2.5 लाख से अधिक वार्षिक वीपीएफ योगदान पर अर्जित ब्याज अब कर योग्य है।

स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ) क्या है?

स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ) वेतनभोगी कर्मचारियों को उनके भविष्य निधि खाते में उनकी अनिवार्य हिस्सेदारी से अधिक स्वेच्छा से योगदान करने की अनुमति देती है। ईपीएफ के विपरीत, जहां कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मूल वेतन और महंगाई भत्ते (वर्तमान में प्रत्येक 12%) का एक निश्चित प्रतिशत योगदान करते हैं, वीपीएफ योगदान पूरी तरह से वैकल्पिक हैं और पूरी तरह से कर्मचारी द्वारा किए जाते हैं। आप अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 100% तक अपने वीपीएफ खाते में योगदान कर सकते हैं। यह सुविधा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा प्रबंधित की जाती है और यह अनिवार्य रूप से आपके मौजूदा ईपीएफ खाते का विस्तार है।

वीपीएफ ब्याज दरें और कर नियम

वीपीएफ योगदान पर ईपीएफ के समान ब्याज दर मिलती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए, यह दर प्रति वर्ष 8.25% है। यहां प्रमुख कर नियमों का विवरण दिया गया है:

वीपीएफ बनाम ईपीएफ: प्रमुख अंतर

हालांकि अक्सर इन्हें एक साथ रखा जाता है, लेकिन अंतर को समझना महत्वपूर्ण है:

वीपीएफ पर किसे विचार करना चाहिए?

वीपीएफ कुछ व्यक्तियों के लिए एक आकर्षक निवेश विकल्प बना हुआ है:

हालांकि, यदि आपका संयुक्त ईपीएफ और वीपीएफ योगदान सालाना ₹2.5 लाख (या सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख) से अधिक होने की संभावना है, तो आपको सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए कि क्या वीपीएफ सबसे अधिक कर-कुशल विकल्प बना हुआ है। ऐसे मामलों में, इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस), एनपीएस, या यहां तक कि सीधे इक्विटी जैसे अन्य निवेश विकल्प आपकी जोखिम लेने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर संभावित रूप से बेहतर कर-पश्चात रिटर्न प्रदान कर सकते हैं।

अंततः, वीपीएफ सेवानिवृत्ति योजना के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है, जो स्थिरता और प्रतिस्पर्धी रिटर्न प्रदान करता है। नए कर निहितार्थों, विशेष रूप से ₹2.5 लाख की सीमा को समझना, आपके वित्तीय भविष्य के बारे में सूचित निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह का गठन नहीं करता है। निवेश निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।

Frequently asked questions

ईपीएफ और वीपीएफ के बीच मुख्य अंतर क्या है?

ईपीएफ में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों से अनिवार्य योगदान शामिल होता है, जबकि वीपीएफ कर्मचारी द्वारा अपने भविष्य निधि खाते में किया गया एक अतिरिक्त, स्वैच्छिक योगदान है।

क्या वीपीएफ पर अर्जित ब्याज हमेशा कर-मुक्त होता है?

नहीं। जबकि वीपीएफ पारंपरिक रूप से कर-मुक्त ब्याज प्रदान करता है, 1 अप्रैल, 2021 से, ₹2.5 लाख (सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख) से अधिक वार्षिक वीपीएफ योगदान पर अर्जित ब्याज अब कर के अधीन है।

वीपीएफ में किसे निवेश करने पर विचार करना चाहिए?

वीपीएफ उन व्यक्तियों के लिए आदर्श है जो अपने ईपीएफ और धारा 80सी लाभों को अधिकतम करने के बाद अतिरिक्त कम जोखिम वाली, निश्चित आय वाली सेवानिवृत्ति बचत चाहते हैं, बशर्ते उनका योगदान ₹2.5 लाख (या ₹5 लाख) की कर-मुक्त ब्याज सीमा के भीतर रहे।

Source: GNews Fixed Income
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