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NLC India OFS: रिटेल बिडिंग शुरू, सरकार ने 'ग्रीन शू' विकल्प का किया इस्तेमाल

By Arth Vani Desk · 2026-06-10

भारत सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NLC India में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है, जिसमें संस्थागत खरीदारों ने पहले ही भारी दिलचस्पी दिखाई है। रिटेल निवेशक आज शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, भले ही सेकेंडरी मार्केट में स्टॉक में मामूली गिरावट देखी गई है।

Key takeaways

भारत सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NLC India में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है, जिसमें संस्थागत खरीदारों ने पहले ही भारी दिलचस्पी दिखाई है। रिटेल निवेशक आज शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, भले ही सेकेंडरी मार्केट में स्टॉक में मामूली गिरावट देखी गई है।

सार्वजनिक क्षेत्र की लिग्नाइट माइनिंग और बिजली उत्पादक कंपनी NLC India वर्तमान में चर्चा में है क्योंकि केंद्र सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रही है। हालांकि बुधवार को खुले बाजार में कंपनी के शेयरों को कुछ बिकवाली के दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन सेल के संस्थागत हिस्से को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

संस्थागत मांग आपूर्ति से अधिक

OFS के पहले दिन, जो बड़े संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित था, सरकार को लगभग ₹4,158 करोड़ की बोलियां प्राप्त हुईं। यह भारी प्रतिक्रिया ऑफर के शुरुआती बेस साइज से कहीं अधिक थी। नतीजतन, केंद्र ने 'ओवरसब्सक्रिप्शन' या ग्रीन शू विकल्प का उपयोग करने का निर्णय लिया, जिससे कुल हिस्सेदारी बिक्री का आकार लगभग ₹1,263 करोड़ हो गया।

रिटेल निवेशकों के लिए अवसर

सफल संस्थागत दौर के बाद, रिटेल निवेशकों के लिए विंडो आज खुल गई है। यह व्यक्तिगत निवेशकों को सरकार द्वारा निर्धारित फ्लोर प्राइस पर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के शेयर खरीदने का अवसर प्रदान करता है। रिटेल प्रतिभागियों के लिए मुख्य विवरण इस प्रकार हैं:

सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी

यह हिस्सेदारी बिक्री चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार के व्यापक विनिवेश (disinvestment) लक्ष्य का हिस्सा है। NLC India में अपनी होल्डिंग कम करके, केंद्र का लक्ष्य पूंजी जुटाना है और साथ ही कंपनी के पब्लिक फ्लोट को बढ़ाना है, जिससे भविष्य में बेहतर प्राइस डिस्कवरी और लिक्विडिटी हो सकती है।

NLC India भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनी हुई है, जो पारंपरिक कोयला और लिग्नाइट खनन से आगे बढ़कर नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) परियोजनाओं में कदम रख रही है। OFS में भाग लेने वाले निवेशक बदलते भारतीय बिजली परिदृश्य में कंपनी के दीर्घकालिक विकास पथ पर नजर रखेंगे।

प्रतिभूति बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले सभी संबंधित दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय सलाह नहीं है।

Source: Economictimes
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.