ArthVani
personal-finance

संपत्ति विक्रेता: नए लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) के जारी होने के बाद अग्रिम कर की पुनर्गणना करें

By Arth Vani Desk · 2026-07-18

जिन व्यक्तियों ने 23 जुलाई, 2024 से पहले अधिग्रहित संपत्ति बेची है, उन्हें लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) की अधिसूचना में देरी के बाद अपनी कर देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। आगामी किश्तों में अग्रिम कर भुगतान को समायोजित न करने पर आयकर नियमों के तहत ब्याज दंड लग सकता है।

Key takeaways

जिन व्यक्तियों ने 23 जुलाई, 2024 से पहले अधिग्रहित संपत्ति बेची है, उन्हें लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) की अधिसूचना में देरी के बाद अपनी कर देनदारियों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। आगामी किश्तों में अग्रिम कर भुगतान को समायोजित न करने पर आयकर नियमों के तहत ब्याज दंड लग सकता है।

यदि आपने हाल ही में कोई आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति बेची है, तो आपके कर गणना को फिर से देखने की आवश्यकता हो सकती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 (निर्धारण वर्ष 2025-26) के लिए सरकार द्वारा लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) को अधिसूचित करने में देरी ने उन करदाताओं के लिए एक अनूठी स्थिति पैदा कर दी है जिन्होंने वर्ष की शुरुआत में संपत्ति बेची थी। चूंकि अग्रिम कर की पहली किश्त 15 जून तक देय थी, इसलिए कई विक्रेताओं को आधिकारिक मुद्रास्फीति समायोजन आंकड़े के बिना अपने पूंजीगत लाभ का अनुमान लगाना पड़ा था।

लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) क्यों महत्वपूर्ण है

CII आयकर विभाग द्वारा उपयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो करदाताओं को 'अधिग्रहण की अनुक्रमित लागत' (indexed cost of acquisition) की गणना करने में मदद करता है। यह प्रक्रिया आपको मुद्रास्फीति के विरुद्ध अपनी संपत्ति के खरीद मूल्य को समायोजित करने की अनुमति देती है, जिससे आपके कर योग्य दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) प्रभावी रूप से कम हो जाते हैं। 23 जुलाई, 2024 से पहले अधिग्रहित संपत्तियों के लिए, करदाता अभी भी अपने सटीक कर व्यय को निर्धारित करने के लिए इन इंडेक्सेशन लाभों पर निर्भर हैं।

देरी का प्रभाव

चूंकि सूचकांक पहली अग्रिम कर समय सीमा के बाद जारी किया गया था, इसलिए कई संपत्ति विक्रेताओं ने अपनी पहली किश्त का कम या अधिक भुगतान किया होगा। भारतीय कर कानूनों के तहत, यदि आप अपनी कर देनदारी का कम अनुमान लगाते हैं और पहली समय सीमा तक अपने कुल वार्षिक कर का कम से कम 15% भुगतान करने में विफल रहते हैं, तो आप आयकर अधिनियम की धारा 234C के तहत कमी पर ब्याज देने के लिए उत्तरदायी हो सकते हैं।

संपत्ति विक्रेताओं के लिए कदम

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हालांकि केंद्रीय बजट 2024 में इंडेक्सेशन में बदलाव का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन 23 जुलाई, 2024 की कट-ऑफ तारीख से पहले रखी गई संपत्तियों के लिए विशिष्ट नियम यह सुनिश्चित करते हैं कि CII चालू वर्ष के लिए आपके कर नियोजन का एक महत्वपूर्ण घटक बना रहे।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और पेशेवर कर सलाह नहीं देता है। विशिष्ट फाइलिंग के लिए कृपया चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श लें।

Frequently asked questions

यदि मैंने अपनी पहली अग्रिम कर किश्त का कम भुगतान किया है तो क्या होगा?

आपको नए CII का उपयोग करके सही कर की गणना करनी चाहिए और धारा 234C के तहत ब्याज शुल्क को कम करने के लिए अगली किश्त में अंतर का भुगतान करना चाहिए।

क्या नया इंडेक्सेशन नियम सभी संपत्तियों पर लागू होता है?

यहां उल्लिखित विशिष्ट पुनर्गणना 23 जुलाई, 2024 से पहले अधिग्रहित संपत्तियों पर लागू होती है, जहां इंडेक्सेशन लाभ का दावा किया जा रहा है।

मैं नवीनतम लागत मुद्रास्फीति सूचकांक (CII) कैसे प्राप्त कर सकता हूं?

CII को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा प्रतिवर्ष अधिसूचित किया जाता है और यह आधिकारिक आयकर विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

Source: ET Wealth
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.