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अमेरिकी टेक शेयरों में भारी गिरावट: नैस्डैक 4.5% और S&P 500 पिछले सप्ताह 2% गिरा

By Arth Vani Desk · 2026-10-19

पिछले सप्ताह प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों, जिनमें S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट शामिल हैं, में भारी गिरावट देखी गई। S&P 500 ने जून के अंत के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की, जबकि प्रौद्योगिकी-केंद्रित नैस्डैक ने अपनी चार सप्ताह की लगातार जीत का सिलसिला तोड़ दिया।

Key takeaways

पिछले सप्ताह प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों, जिनमें S&P 500 और नैस्डैक कंपोजिट शामिल हैं, में भारी गिरावट देखी गई। S&P 500 ने जून के अंत के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की, जबकि प्रौद्योगिकी-केंद्रित नैस्डैक ने अपनी चार सप्ताह की लगातार जीत का सिलसिला तोड़ दिया।

पिछले सप्ताह अमेरिकी शेयर बाजार में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई, जिसमें प्रमुख सूचकांकों ने हफ्तों में अपनी सबसे तेज गिरावट दर्ज की। S&P 500, एक व्यापक बाजार बेंचमार्क, सप्ताह के दौरान लगभग 2% गिर गया, जो जून के अंत के बाद इसकी सबसे महत्वपूर्ण साप्ताहिक गिरावट है। साथ ही, प्रौद्योगिकी-केंद्रित नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक में 4.5% की गिरावट आई, जिससे इसकी प्रभावशाली चार सप्ताह की बढ़त का सिलसिला समाप्त हो गया।

प्रमुख बाजार गतिविधियां

S&P 500 की गिरावट विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक बिकवाली को दर्शाती है, जिससे कई कंपनियां प्रभावित हुई हैं। यह 2% की गिरावट इतने व्यापक सूचकांक के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह निवेशकों की धारणा में बदलाव का संकेत देती है, कम से कम अल्पावधि के लिए।

नैस्डैक कंपोजिट का प्रदर्शन और भी अधिक स्पष्ट था, जिसका झुकाव प्रौद्योगिकी और विकास शेयरों की ओर अधिक है। इसकी 4.5% की गिरावट से पता चलता है कि निवेशकों ने उन क्षेत्रों में मुनाफावसूली की, जिन्होंने हाल के सप्ताहों में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया था, विशेष रूप से वे जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय से जुड़े थे। नैस्डैक के लिए चार सप्ताह की लगातार जीत के क्रम का टूटना लगातार तेजी के बाद एक शीतलन अवधि का संकेत देता है।

भारतीय निवेशकों के लिए संदर्भ

हालांकि ये गतिविधियां अमेरिकी बाजारों में हुईं, लेकिन उनका भारतीय खुदरा निवेशकों पर अक्सर अप्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। वैश्विक बाजार भावना, विशेष रूप से अमेरिका से, अक्सर भारत जैसे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) के प्रवाह को प्रभावित करती है। अमेरिकी टेक शेयरों में भारी गिरावट से FIIs अपनी वैश्विक स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं, जिससे भारतीय इक्विटी बाजार, खासकर आईटी क्षेत्र, प्रभावित हो सकता है।

वैश्विक रुझानों पर नज़र रखने वाले भारतीय निवेशकों को, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय फंडों में निवेश करने वालों या भारत में आईटी क्षेत्र के शेयरों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों को इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। अमेरिकी बाजारों में गिरावट कभी-कभी दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर प्रस्तुत कर सकती है या भारतीय बाजारों के लिए बढ़ी हुई अस्थिरता की अवधि का संकेत दे सकती है।

हालिया गिरावट इक्विटी बाजारों की अंतर्निहित अस्थिरता और विविधीकरण (diversification) तथा दीर्घकालिक निवेश रणनीतियों के महत्व को उजागर करती है। भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए वैश्विक आर्थिक और बाजार रुझानों के बारे में सूचित रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि अंतर-कनेक्टिविटी का मतलब है कि विदेशों में होने वाली घटनाएं घरेलू बाजारों में भी फैल सकती हैं।

यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।

Frequently asked questions

पिछले सप्ताह प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों का क्या हुआ?

पिछले सप्ताह, S&P 500 लगभग 2% गिर गया, जो जून के अंत के बाद इसकी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। नैस्डैक कंपोजिट 4.5% गिरा, जिससे चार सप्ताह की लगातार जीत का सिलसिला टूट गया।

नैस्डैक कंपोजिट का प्रदर्शन क्यों महत्वपूर्ण है?

नैस्डैक कंपोजिट प्रौद्योगिकी और विकास शेयरों की ओर heavily weighted है। इसकी 4.5% की गिरावट और चार सप्ताह की लगातार जीत के क्रम का अंत इन उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण बिकवाली को दर्शाता है, जो अक्सर कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे विषयों से प्रभावित होते हैं।

अमेरिकी बाजार की गतिविधियां भारतीय निवेशकों को कैसे प्रभावित करती हैं?

अमेरिकी बाजारों में गतिविधियां वैश्विक भावना और विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) के प्रवाह को प्रभावित करके भारतीय निवेशकों पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल सकती हैं। अमेरिकी बाजारों में गिरावट भारतीय इक्विटी बाजारों, विशेष रूप से आईटी क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है, और बढ़ी हुई अस्थिरता का कारण बन सकती है।

Source: CNBC World Markets
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.