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वॉल स्ट्रीट का DTCC, प्रमुख बैंकों के साथ $30 ट्रिलियन प्रतिभूति क्लियरिंग के लिए ब्लॉकचेन का परीक्षण कर रहा है

By Arth Vani Desk · 2026-10-28

डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (DTCC), एक महत्वपूर्ण वित्तीय बुनियादी ढाँचा प्रदाता, अपने $30 ट्रिलियन प्रतिभूति क्लियरिंग और सेटलमेंट व्यवसाय को ब्लॉकचेन तकनीक के करीब ला रहा है। प्रमुख वैश्विक बैंकों को शामिल करने वाली इस पायलट परियोजना का उद्देश्य वॉल स्ट्रीट की रीढ़ को आधुनिक बनाना है, जिससे वित्तीय प्रणाली में दक्षता बढ़ाई जा सके और जोखिम कम किए जा सकें।

Key takeaways

डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (DTCC), जिसे अक्सर 'वॉल स्ट्रीट की रीढ़' कहा जाता है, ने अपने मुख्य प्रतिभूति क्लियरिंग और सेटलमेंट कार्यों में ब्लॉकचेन तकनीक को एकीकृत करने के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू किया है। इस महत्वपूर्ण कदम में $30 ट्रिलियन की प्रतिभूतियों का एक विशाल पोर्टफोलियो शामिल है, जिसमें प्रमुख वैश्विक बैंक भाग ले रहे हैं, जो वित्तीय बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है।

DTCC वैश्विक वित्तीय सेवा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण पोस्ट-ट्रेड मार्केट बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य करता है, जो रोजाना ट्रिलियन डॉलर के प्रतिभूति लेनदेन को संसाधित करता है। इसकी वर्तमान प्रणालियाँ, हालांकि मजबूत हैं, बड़े पैमाने पर पुरानी हैं। डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT), जिसे आमतौर पर ब्लॉकचेन के नाम से जाना जाता है, को अपनाने से इन कार्यों में अभूतपूर्व स्तर की दक्षता, पारदर्शिता और जोखिम में कमी आने की उम्मीद है।

प्रतिभूति बाजार के लिए इसका क्या मतलब है?

जबकि यह पायलट अमेरिकी बाजार के बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है, इसके निहितार्थ वैश्विक हैं। वॉल स्ट्रीट पर ऐसे मौलिक तकनीकी बदलाव अक्सर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों के लिए मिसाल कायम करते हैं। भारतीय निवेशकों और वित्तीय संस्थानों को इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि वे भारत के अपने मजबूत वित्तीय क्षेत्र में भविष्य के बुनियादी ढांचे के उन्नयन और सीमा-पार लेनदेन की दक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।

DTCC की ब्लॉकचेन पहल की सफलता वित्तीय सेवाओं के विभिन्न पहलुओं में DLT को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, डेरिवेटिव्स क्लियरिंग से लेकर परिसंपत्ति टोकनाइजेशन तक। प्रमुख बैंकों के साथ यह सहयोगात्मक प्रयास एक अधिक लचीला और कुशल वैश्विक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए अभिनव प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए उद्योग की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Frequently asked questions

DTCC क्या है और इसकी क्या भूमिका है?

डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉर्पोरेशन (DTCC) वैश्विक वित्तीय सेवा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण पोस्ट-ट्रेड मार्केट अवसंरचना है, जो मुख्य रूप से प्रतिभूति लेनदेन की क्लियरिंग और सेटलमेंट को संभालता है, जिसे अक्सर 'वॉल स्ट्रीट की रीढ़' कहा जाता है।

ब्लॉकचेन तकनीक DTCC के संचालन में कैसे मदद करेगी?

ब्लॉकचेन से बढ़ी हुई दक्षता, कम जोखिम, संभावित लागत बचत और बढ़ी हुई पारदर्शिता आने की उम्मीद है, जो $30 ट्रिलियन प्रतिभूति बाजार के लिए वास्तविक समय प्रसंस्करण, अपरिवर्तनीय लेनदेन रिकॉर्ड प्रदान करने और संचालन को सुव्यवस्थित करने में सक्षम होगी।

क्या यह विकास भारतीय निवेशकों या बाजारों को प्रभावित करता है?

हालांकि सीधे तौर पर वॉल स्ट्रीट पर केंद्रित है, वैश्विक वित्तीय बुनियादी ढांचे में ऐसे मौलिक तकनीकी बदलाव मिसाल कायम कर सकते हैं। भारतीय वित्तीय संस्थान भविष्य में इसी तरह की तकनीकों की खोज कर सकते हैं, और वैश्विक बाजार दक्षता सीमा-पार लेनदेन में सुधार और समग्र बाजार स्थिरता के माध्यम से भारतीय निवेशकों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचा सकती है।

Source: CoinDesk
Investments are subject to market risks. This article is for informational purposes only and not financial advice.