अर्थ वाणी में आपका स्वागत है

अपनी पसंदीदा भाषा चुनें

Sponsored · Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5023,622.91.99%H 23,645.35 · L 23,313.9|Sensex75,527.952.3%H 75,608.02 · L 74,453.39|Bank Nifty56,814.82.97%H 56,867.1 · L 55,726.55|USD / INR₹95.10.68%H ₹95.1 · L ₹95.1|Gold Intl (10g)₹1,29,602.740%H ₹1,30,489.42 · L ₹1,28,144.3|Silver Intl (1kg)₹2,07,832.80%H ₹2,09,272.9 · L ₹2,01,690.21|Crude WTI₹8,072.090%H ₹8,295.57 · L ₹7,912.32|Bitcoin$63,8990.5%H $64,059.38 · L $63,738.62|Ethereum$1,666.640.54%H $1,671.13 · L $1,662.15|Nifty 5023,622.91.99%H 23,645.35 · L 23,313.9|Sensex75,527.952.3%H 75,608.02 · L 74,453.39|Bank Nifty56,814.82.97%H 56,867.1 · L 55,726.55|USD / INR₹95.10.68%H ₹95.1 · L ₹95.1|Gold Intl (10g)₹1,29,602.740%H ₹1,30,489.42 · L ₹1,28,144.3|Silver Intl (1kg)₹2,07,832.80%H ₹2,09,272.9 · L ₹2,01,690.21|Crude WTI₹8,072.090%H ₹8,295.57 · L ₹7,912.32|Bitcoin$63,8990.5%H $64,059.38 · L $63,738.62|Ethereum$1,666.640.54%H $1,671.13 · L $1,662.15|
Stock Market

अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने की कीमतों में गिरावट; भारतीय मांग सुस्त रही

Arth Vani AI Desk6d ago2 मिनट पढ़ें
अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने की कीमतों में गिरावट; भारतीय मांग सुस्त रही

Source: Economictimes

Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

खाड़ी में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, निवेशकों द्वारा अमेरिका में संभावित ब्याज दर वृद्धि की तैयारी के बीच सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई। भारत में, खुदरा खरीदार 'वेट-एंड-वॉच' का रुख अपना रहे हैं क्योंकि भारी उतार-चढ़ाव के कारण वर्तमान दरें आकर्षक नहीं लग रही हैं।

Sponsored

Your dream home loan @ 8.4%*

Compare offers from 20+ banks in one click.

Compare

सोने की कीमतों में सोमवार को गिरावट का रुख जारी रहा, क्योंकि वैश्विक बाजारों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना पर प्रतिक्रिया दी। हालांकि पीली धातु को पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश (safe-haven asset) माना जाता है, लेकिन उच्च ब्याज दरों की संभावना ने अमेरिकी डॉलर को मजबूत किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना अधिक महंगा हो गया है और बिना ब्याज वाले निवेश के रूप में इसका आकर्षण कम हो गया है।

मुद्रास्फीति का डर और खाड़ी में तनाव

बाजार वर्तमान में दबावों के एक जटिल दौर का सामना कर रहा है। जबकि सोना ब्याज दर की उम्मीदों के खिलाफ संघर्ष कर रहा है, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को बढ़ा दिया है। ऊर्जा लागत में इस उछाल ने वैश्विक मुद्रास्फीति (inflation) के संबंध में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। आमतौर पर, उच्च मुद्रास्फीति सोने की कीमतों का समर्थन करती है, लेकिन वर्तमान बाजार की धारणा पर इस बात का डर हावी है कि केंद्रीय बैंक और भी सख्त मौद्रिक नीतियों के साथ इसका जवाब देंगे।

मिश्रित वैश्विक रुझान

कीमतों में गिरावट के बावजूद, कुछ संस्थागत समर्थन बना हुआ है। वैश्विक क्षेत्र के उल्लेखनीय घटनाक्रमों में शामिल हैं:

  • चीन के भंडार में वृद्धि: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने अपने सोने के भंडार का विस्तार करना जारी रखा, जो अल्पकालिक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद धातु में दीर्घकालिक विश्वास का संकेत देता है।
  • कीमती धातुओं का प्रदर्शन: जबकि सोना, चांदी और प्लैटिनम में गिरावट देखी गई, पैलेडियम मामूली बढ़त के साथ इस रुझान को पलटने में कामयाब रहा।

भारतीय खुदरा खरीदारों पर प्रभाव

भारतीय घरेलू बाजार में माहौल सावधानी भरा बना हुआ है। खुदरा मांग को मुख्य रूप से हाल के सप्ताहों में देखी गई उच्च अस्थिरता के कारण कम बताया गया है। औसत भारतीय परिवार के लिए, ₹ की कीमतों में तेजी से उतार-चढ़ाव ने शादियों या व्यक्तिगत निवेश के लिए खरीदारी का समय तय करना मुश्किल बना दिया है। कई खरीदार वर्तमान में बड़े लेनदेन करने से पहले कीमतों में स्थिरता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

जैसे-जैसे अमेरिकी आर्थिक दृष्टिकोण बदल रहा है, भारतीय निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा की हलचल और केंद्रीय बैंक की घोषणाओं पर पैनी नजर रखने की सलाह दी जाती है, जो वर्तमान में स्थानीय सोने की दरों के प्राथमिक चालक हैं।

सोने और कीमती धातुओं में निवेश में बाजार जोखिम शामिल हैं; सभी योजना संबंधी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें। यह सामग्री केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें वित्तीय सलाह शामिल नहीं है।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
HDFC NIFTY Next 50 Index Fund
HDFC Mutual Fund · Index
17.6%
3Y CAGR
Bharat Mobility IPO
Mainboard · Auto
+20.5%
GMP
View IPO
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
15.1%
3Y CAGR
GreenVolt Energy IPO
Mainboard · Renewables
+13.8%
GMP
View IPO
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
14.8%
3Y CAGR
HDFC Balanced Advantage Fund
HDFC Mutual Fund · Hybrid
14.6%
3Y CAGR

Some listings may be sponsored. Mutual fund data is from AMFI and for information only — funds are subject to market risks. Review terms & suitability before investing. Not investment advice.

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Stock Market पढ़ा

CEA ने AI स्टॉक बबल की चेतावनी दी: भारतीय निवेशकों को सावधानी क्यों बरतनी चाहिए
Stock Market

CEA ने AI स्टॉक बबल की चेतावनी दी: भारतीय निवेशकों को सावधानी क्यों बरतनी चाहिए

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों को लेकर वैश्विक उन्माद 'बबल' (बुलबुला) के क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। उनका सुझाव है कि उत्पादकता और नौकरियों पर AI के प्रभाव से जुड़े दावे वर्तमान में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं, जो ओवरएक्सपोज़्ड निवेशकों के लिए संभावित सुधार (Correction) का संकेत है।

7h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
वैश्विक तनाव कम होने से रिटेल पोर्टफोलियो में उछाल; सोमवार को बाजारों की मजबूत शुरुआत के संकेतताज़ा
Stock Market

वैश्विक तनाव कम होने से रिटेल पोर्टफोलियो में उछाल; सोमवार को बाजारों की मजबूत शुरुआत के संकेत

भू-राजनीतिक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण रिकवरी देखी जा रही है। निवेशकों की संपत्ति में ₹10 लाख करोड़ की बढ़ोतरी करने वाली हालिया तेजी के बाद, विशेषज्ञों को उम्मीद है कि नए कारोबारी सप्ताह में भी यह सकारात्मक गति बनी रहेगी।

8h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
Nifty को 23,700 पर प्रतिरोध का सामना: बाजार की तेजी में क्यों आ सकती है गिरावट
Stock Market

Nifty को 23,700 पर प्रतिरोध का सामना: बाजार की तेजी में क्यों आ सकती है गिरावट

पिछले कुछ सत्रों में शानदार प्रदर्शन के बावजूद, तकनीकी संकेतक बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार को 23,700 और 24,000 के स्तर पर महत्वपूर्ण प्रतिरोध (resistance) का सामना करना पड़ रहा है। रिटेल निवेशकों को इन बेंचमार्क पर बारीकी से नज़र रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये आने वाले सप्ताह के लिए बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

9h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

AI ಸ್ಟಾಕ್ ಬಬಲ್ ಬಗ್ಗೆ CEA ಎಚ್ಚರಿಕೆ: ಭಾರತೀಯ ಹೂಡಿಕೆದಾರರು ಏಕೆ ಜಾಗರೂಕರಾಗಿರಬೇಕು
Stock Market

AI ಸ್ಟಾಕ್ ಬಬಲ್ ಬಗ್ಗೆ CEA ಎಚ್ಚರಿಕೆ: ಭಾರತೀಯ ಹೂಡಿಕೆದಾರರು ಏಕೆ ಜಾಗರೂಕರಾಗಿರಬೇಕು

ಕೃತಕ ಬುದ್ಧಿಮತ್ತೆ (AI) ಷೇರುಗಳ ಸುತ್ತಲಿನ ಜಾಗತಿಕ ಉನ್ಮಾದವು 'ಬಬಲ್' (ಬುದ್ಬುದ) ಹಂತವನ್ನು ತಲುಪಿದೆ ಎಂದು ಭಾರತದ ಮುಖ್ಯ ಆರ್ಥಿಕ ಸಲಹೆಗಾರ (CEA) ವಿ ಅನಂತ ನಾಗೇಶ್ವರನ್ ಎಚ್ಚರಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಉತ್ಪಾದಕತೆ ಮತ್ತು ಉದ್ಯೋಗಗಳ ಮೇಲೆ AI ಪ್ರಭಾವದ ಬಗ್ಗೆ ಮಾಡಲಾಗುತ್ತಿರುವ ಹಕ್ಕುಗಳು ಪ್ರಸ್ತುತ ಅತಿಶಯೋಕ್ತಿಯಿಂದ ಕೂಡಿದ್ದು, ಇದು ಹೂಡಿಕೆದಾರರಿಗೆ ಸಂಭವನೀಯ ಮಾರುಕಟ್ಟೆ ತಿದ್ದುಪಡಿಯ ಮುನ್ಸೂಚನೆಯಾಗಿದೆ ಎಂದು ಅವರು ಸೂಚಿಸಿದ್ದಾರೆ.

7h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
CEA ने AI स्टॉक बबल की चेतावनी दी: भारतीय निवेशकों को सावधानी क्यों बरतनी चाहिए
Stock Market

CEA ने AI स्टॉक बबल की चेतावनी दी: भारतीय निवेशकों को सावधानी क्यों बरतनी चाहिए

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों को लेकर वैश्विक उन्माद 'बबल' (बुलबुला) के क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। उनका सुझाव है कि उत्पादकता और नौकरियों पर AI के प्रभाव से जुड़े दावे वर्तमान में बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जा रहे हैं, जो ओवरएक्सपोज़्ड निवेशकों के लिए संभावित सुधार (Correction) का संकेत है।

7h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
CEA कडून AI स्टॉक बबलचा इशारा: भारतीय गुंतवणूकदारांनी सावधगिरी का बाळगावी
Stock Market

CEA कडून AI स्टॉक बबलचा इशारा: भारतीय गुंतवणूकदारांनी सावधगिरी का बाळगावी

भारताचे मुख्य आर्थिक सल्लागार (CEA) व्ही. अनंत नागेश्वरन यांनी चेतावणी दिली आहे की आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स (AI) शेअर्सभोवतीचे जागतिक वेड आता 'बबल' (फुगा) क्षेत्रात पोहोचले आहे. उत्पादकता आणि नोकऱ्यांवरील AI च्या प्रभावाबाबत केले जाणारे दावे सध्या अतिशयोक्तीपूर्ण असल्याचे त्यांनी सुचवले असून, यामध्ये जास्त गुंतवणूक करणाऱ्या गुंतवणूकदारांसाठी मार्केट करेक्शनचे संकेत दिले आहेत.

7h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
CEA Warns of AI Stock Bubble: Why Indian Investors Should Tread Carefully
Stock Market

CEA Warns of AI Stock Bubble: Why Indian Investors Should Tread Carefully

India's Chief Economic Advisor V Anantha Nageswaran has warned that the global frenzy surrounding Artificial Intelligence (AI) stocks has entered bubble territory. He suggests that claims regarding AI’s impact on productivity and jobs are currently exaggerated, signaling a potential correction for overexposed investors.

7h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें

Daily 3-minute money update on WhatsApp

Join 50,000+ investors — free.