डेयरी कचरे से असम में बनेगा बायोगैस प्लांट, सुजुकी के साथ साझेदारी

Source: ET Economy
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- अगर आप किसान या डेयरी उत्पादक हैं, तो आप अपने कृषि और डेयरी कचरे को बेचकर अतिरिक्त ₹500 - ₹2,000 प्रति माह कमा सकते हैं।
- बायोगैस से बनी सस्ती खाद का उपयोग करके आप अपनी खेती की लागत ₹200 - ₹500 प्रति फसल बचा सकते हैं।
- स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग से प्रदूषण कम होगा, जिससे आपके स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च में कमी आ सकती है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी।
पूर्बी डेयरी, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और सुजुकी R&D इंडिया की साझेदारी से असम में एक नया कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना कृषि और डेयरी कचरे को स्वच्छ ऊर्जा और खाद में बदलेगी, जिससे ग्रामीण आय बढ़ेगी और राज्य की हरित पहलों को बढ़ावा मिलेगा।
- ▸A new biogas plant will be built in Assam using farm and dairy waste.
- ▸The project is a collaboration between Purabi Dairy, NDDB, and Suzuki R&D India.
- ▸It aims to create clean energy, organic fertilizer, and new income for rural communities.
- ▸The initiative supports Assam's environmental goals and promotes a circular economy.
- ✓A new biogas plant will be built in Assam using farm and dairy waste.
- ✓The project is a collaboration between Purabi Dairy, NDDB, and Suzuki R&D India.
- ✓It aims to create clean energy, organic fertilizer, and new income for rural communities.
- ✓The initiative supports Assam's environmental goals and promotes a circular economy.
असम स्थायी विकास और ग्रामीण आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जिसके तहत एक नया कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस सुविधा को स्थापित करने के लिए नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (पूर्बी डेयरी), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और सुजुकी R&D इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
कचरे को धन में बदलना
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य असम में प्रचुर मात्रा में मौजूद कृषि और डेयरी कचरे को मूल्यवान संसाधनों में परिवर्तित करना है। प्लांट कंप्रेस्ड बायोगैस, एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, और जैविक खाद का उत्पादन करेगा। इस पहल से किसानों और डेयरी उत्पादकों के लिए कचरे के लिए एक बाजार प्रदान करके क्षेत्र में आय के नए स्रोत सृजित होने की उम्मीद है।
पर्यावरणीय और आर्थिक लाभ
स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करने के अलावा, यह परियोजना असम की पर्यावरणीय स्थिरता और चक्रीय अर्थव्यवस्था के विकास के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप है। कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन करके, इस पहल का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और बायोगैस के उपयोग के माध्यम से स्वच्छ गतिशीलता समाधानों को बढ़ावा देना है। यह राज्य के व्यापक हरित लक्ष्यों के अनुरूप है और अपशिष्ट प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने के लिए एक व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
यह साझेदारी डेयरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन में NDDB की विशेषज्ञता, सुजुकी R&D इंडिया की तकनीकी क्षमताओं और क्षेत्र में पूर्बी डेयरी की मजबूत उपस्थिति का लाभ उठाती है। इस तालमेल से बायोगैस प्लांट परियोजना के कुशल और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की उम्मीद है।
ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देना
CBG प्लांट की स्थापना से असम के ग्रामीण समुदायों की आजीविका में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। किसान और डेयरी किसान अपनी जैविक कचरा आपूर्ति करके अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इसके अलावा, जैविक खाद की उपलब्धता मिट्टी के स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता में सुधार कर सकती है, जिससे समग्र ग्रामीण समृद्धि में योगदान मिलेगा।
यह परियोजना ग्रामीण आर्थिक विकास और टिकाऊ ऊर्जा समाधानों को अपनाने के लिए सरकार के समर्थन को रेखांकित करती है। यह संसाधन प्रबंधन के प्रति एक दूरंदेशी दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है, जो संभावित पर्यावरणीय चुनौतियों को राज्य के लिए आर्थिक अवसरों में बदल देता है।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह का गठन नहीं करता है।
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Frequently Asked Questions
What is compressed biogas (CBG)?
Compressed biogas is a purified form of biogas, produced from organic waste, that can be used as a clean fuel for vehicles and cooking, similar to compressed natural gas (CNG).
How will this project benefit farmers in Assam?
Farmers and dairy producers can earn additional income by selling their agricultural and dairy waste to the biogas plant. They will also have access to organic fertilizer, which can improve crop yields.
What kind of waste will be used to produce biogas?
The plant will primarily use agricultural waste, such as crop residues, and dairy waste, like cow dung, to produce biogas and organic fertilizer.
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