Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5023,292.70.09%H 23,360.55 · L 23,286.6|Sensex74,416.870.14%H 74,593.82 · L 74,375.07|Bank Nifty56,138.90.15%H 56,326.95 · L 56,073.55|USD / INR₹95.780.15%H ₹95.93 · L ₹95.7|Gold Intl (10g)₹1,35,855.870.28%H ₹1,36,043.7 · L ₹1,34,630.33|Silver Intl (1kg)₹2,06,247.191.34%H ₹2,06,755.26 · L ₹2,02,428.94|Crude WTI₹9,673.280.89%H ₹9,727.87 · L ₹9,648.37|Bitcoin₹74,12,2721.23%H ₹74,57,728.96 · L ₹73,66,815.04|Ethereum₹2,37,5311.54%H ₹2,39,363.11 · L ₹2,35,698.89|Nifty 5023,292.70.09%H 23,360.55 · L 23,286.6|Sensex74,416.870.14%H 74,593.82 · L 74,375.07|Bank Nifty56,138.90.15%H 56,326.95 · L 56,073.55|USD / INR₹95.780.15%H ₹95.93 · L ₹95.7|Gold Intl (10g)₹1,35,855.870.28%H ₹1,36,043.7 · L ₹1,34,630.33|Silver Intl (1kg)₹2,06,247.191.34%H ₹2,06,755.26 · L ₹2,02,428.94|Crude WTI₹9,673.280.89%H ₹9,727.87 · L ₹9,648.37|Bitcoin₹74,12,2721.23%H ₹74,57,728.96 · L ₹73,66,815.04|Ethereum₹2,37,5311.54%H ₹2,39,363.11 · L ₹2,35,698.89|
0%
Business & Economy

CBDT ने भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए वैश्विक कर रिपोर्टिंग पर संशोधित दिशानिर्देश जारी किए

Arth Vani Deskप्रकाशित: 3 मिनट पढ़ें
CBDT ने भारतीय वित्तीय संस्थानों के लिए वैश्विक कर रिपोर्टिंग पर संशोधित दिशानिर्देश जारी किए

Source: ET Economy

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
Ensure your financial institutions have your accurate and updated tax residency information to avoid any compliance issues.
  • CBDT ने कर उद्देश्यों के लिए ग्राहक वित्तीय जानकारी की रिपोर्टिंग के तरीके पर बैंकों, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए नियमों को अद्यतन किया है।
  • ये नियम वैश्विक कर चोरी से निपटने के लिए सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं।
  • वित्तीय संस्थानों को अब रिपोर्ट करने योग्य खातों की पहचान करने और ग्राहकों के कर निवास स्थान की पुष्टि करने के लिए सख्त प्रक्रियाएँ अपनानी होंगी।
Recommended for you
Track markets & economic indicators
Open Markets
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने भारतीय वित्तीय संस्थानों, जिनमें बैंक, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियाँ शामिल हैं, के लिए अद्यतन दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये संशोधन वैश्विक 'सूचनाओं का स्वतः आदान-प्रदान' (AEOI) समझौतों के तहत ग्राहक वित्तीय जानकारी की रिपोर्टिंग के अनुपालन ढाँचे को मजबूत करते हैं, जिसका उद्देश्य कर चोरी से निपटना है।

मुख्य बातें
  • CBDT ने कर उद्देश्यों के लिए ग्राहक वित्तीय जानकारी की रिपोर्टिंग के तरीके पर बैंकों, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए नियमों को अद्यतन किया है।
  • ये नियम वैश्विक कर चोरी से निपटने के लिए सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं।
  • वित्तीय संस्थानों को अब रिपोर्ट करने योग्य खातों की पहचान करने और ग्राहकों के कर निवास स्थान की पुष्टि करने के लिए सख्त प्रक्रियाएँ अपनानी होंगी।
  • भारतीय ग्राहकों से उनकी कर स्थिति को सत्यापित करने के लिए उनके बैंकों या म्यूचुअल फंड द्वारा अधिक विस्तृत जानकारी माँगी जा सकती है।
Key Takeaways
  • CBDT ने कर उद्देश्यों के लिए ग्राहक वित्तीय जानकारी की रिपोर्टिंग के तरीके पर बैंकों, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए नियमों को अद्यतन किया है।
  • ये नियम वैश्विक कर चोरी से निपटने के लिए सूचनाओं के स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं।
  • वित्तीय संस्थानों को अब रिपोर्ट करने योग्य खातों की पहचान करने और ग्राहकों के कर निवास स्थान की पुष्टि करने के लिए सख्त प्रक्रियाएँ अपनानी होंगी।
  • भारतीय ग्राहकों से उनकी कर स्थिति को सत्यापित करने के लिए उनके बैंकों या म्यूचुअल फंड द्वारा अधिक विस्तृत जानकारी माँगी जा सकती है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जो भारत में वित्तीय संस्थानों के लिए वैश्विक कर रिपोर्टिंग से संबंधित मौजूदा अनुपालन ढाँचे को परिष्कृत करते हैं। यह अद्यतन निर्देश वाणिज्यिक बैंकों, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों, कस्टोडियन और विभिन्न अन्य निवेश संस्थाओं सहित संस्थाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को प्रभावित करता है, जिन्हें सामूहिक रूप से रिपोर्टिंग वित्तीय संस्थानों (RFIs) के रूप में जाना जाता है।

सूचनाओं का स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) को मजबूत करना

इस संशोधित दिशानिर्देश का मुख्य उद्देश्य सूचनाओं का स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) ढाँचे के तहत भारत की प्रतिबद्धताओं को बढ़ाना है। AEOI एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जिसे अपतटीय कर चोरी से निपटने के लिए कई देशों ने अपनाया है। इस ढाँचे के तहत, प्रतिभागी क्षेत्राधिकार वार्षिक आधार पर एक-दूसरे के साथ वित्तीय खाते की जानकारी का स्वचालित रूप से आदान-प्रदान करते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि करदाता अपनी आय और विदेशों में रखी गई संपत्ति की घोषणा करें, जिससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलता है।

वित्तीय संस्थानों के लिए नए दिशानिर्देशों में क्या शामिल है

भारत में RFIs के लिए, संशोधित ढाँचा तीन प्रमुख क्षेत्रों में स्पष्ट प्रक्रियाएँ और जिम्मेदारियाँ निर्धारित करता है:

  • रिपोर्ट करने योग्य खातों की पहचान करना: वित्तीय संस्थानों को उन खातों की सावधानीपूर्वक पहचान करनी होगी जो AEOI समझौतों के तहत रिपोर्टिंग के अधीन हैं। इसमें अन्य AEOI-भागीदार क्षेत्राधिकारों के कर निवासी व्यक्तियों या संस्थाओं द्वारा धारित खातों की पहचान करने के लिए उनके ग्राहक आधार की व्यापक समीक्षा शामिल है।
  • कर निवास स्थान को मान्य करना: नए दिशानिर्देशों का एक महत्वपूर्ण पहलू खाताधारकों के कर निवास स्थान का कड़ा सत्यापन है। RFIs को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता होगी कि उनके पास अपने ग्राहकों के कर निवास स्थान की पुष्टि करने के लिए सटीक और अद्यतन दस्तावेज हैं। इसमें स्व-प्रमाणन और सहायक साक्ष्य एकत्र करना शामिल हो सकता है।
  • वित्तीय जानकारी की रिपोर्टिंग करना: एक बार जब रिपोर्ट करने योग्य खातों की पहचान हो जाती है और कर निवास स्थान मान्य हो जाता है, तो RFIs को विशिष्ट वित्तीय जानकारी भारतीय कर अधिकारियों (CBDT) को रिपोर्ट करनी होती है। यह जानकारी फिर AEOI समझौतों के अनुसार संबंधित विदेशी कर अधिकारियों के साथ स्वचालित रूप से आदान-प्रदान की जाती है। रिपोर्ट किए गए डेटा में आमतौर पर खाते की शेष राशि, ब्याज आय, लाभांश और वित्तीय परिसंपत्तियों की बिक्री से प्राप्त आय शामिल होती है।

भारतीय खुदरा निवेशकों और ग्राहकों पर प्रभाव

हालांकि यह दिशानिर्देश मुख्य रूप से वित्तीय संस्थानों को लक्षित करता है, यह अप्रत्यक्ष रूप से लाखों भारतीय खुदरा निवेशकों और ग्राहकों को प्रभावित करता है। बढ़ा हुआ अनुपालन ढाँचा का मतलब है कि वित्तीय संस्थान ग्राहक जानकारी एकत्र करने और सत्यापित करने में अधिक चौकस रहेंगे, खासकर कर निवास स्थान के संबंध में। बैंक, म्यूचुअल फंड या बीमा कंपनियों के साथ नए खाते खोलने वाले या मौजूदा खाते रखने वाले ग्राहकों को अपनी कर स्थिति की पुष्टि करने के लिए अधिक विस्तृत दस्तावेज़ों के लिए अनुरोध का अनुभव हो सकता है, खासकर यदि उनके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन या दोहरी निवास स्थान हो।

CBDT का यह कदम कर चोरी के खिलाफ वैश्विक प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि देश का वित्तीय क्षेत्र उच्च मानकों की पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित होता है। एक औसत भारतीय के लिए, यह व्यक्तियों को विदेशों में धन छिपाने से रोककर एक निष्पक्ष कर प्रणाली में योगदान देता है, जिससे अंततः राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं को लाभ होता है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे कर सलाह नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए कृपया एक योग्य कर पेशेवर से परामर्श करें।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
14.9%
3Y CAGR
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
12.0%
3Y CAGR
Gold / Sovereign Gold
Classic inflation hedge
Gold
Hedge
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
11.5%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
10.8%
3Y CAGR
Open a Demat Account
Participate in markets
Demat
Access

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

सूचनाओं का स्वतः आदान-प्रदान (AEOI) क्या है?

AEOI एक अंतरराष्ट्रीय मानक है जहाँ देश वार्षिक रूप से एक-दूसरे के साथ वित्तीय खाते की जानकारी स्वचालित रूप से साझा करते हैं ताकि करदाताओं को विदेशों में रखी गई अपनी आय और संपत्ति की घोषणा सुनिश्चित करके कर चोरी से निपटने में मदद मिल सके।

इस नए CBDT दिशानिर्देश से कौन से वित्तीय संस्थान प्रभावित हैं?

संशोधित दिशानिर्देश रिपोर्टिंग वित्तीय संस्थानों (RFIs) पर लागू होता है, जिसमें भारत में कार्यरत बैंक, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियाँ, कस्टोडियन और अन्य निवेश संस्थाएँ शामिल हैं।

एक भारतीय खुदरा निवेशक के रूप में यह मुझे कैसे प्रभावित कर सकता है?

हालांकि नियम मुख्य रूप से संस्थानों को लक्षित करते हैं, आपको अपनी कर निवास स्थान की पुष्टि करने के लिए अपने बैंक, म्यूचुअल फंड या बीमाकर्ता से अधिक विस्तृत दस्तावेज़ों के लिए अनुरोध का अनुभव हो सकता है, खासकर यदि आपके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय कनेक्शन हैं।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Business & Economy पढ़ा

OpenAI ने मार्च से 'चिंताजनक' AI मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया
Business & Economy

OpenAI ने मार्च से 'चिंताजनक' AI मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया

OpenAI ने मार्च से अब तक समस्याग्रस्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया है, जो AI सुरक्षा को लेकर तेज होती वैश्विक बहस को उजागर करता है। कंपनी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पारदर्शी रूप से रिपोर्ट करने के लिए एक नया ढाँचा भी पेश किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब बैंकिंग और वित्त सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI को तेजी से अपनाया जा रहा है।

1d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: 1 करोड़ श्रमिकों की टेक-होम सैलरी होगी कम
ताज़ा
Business & Economy

EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: 1 करोड़ श्रमिकों की टेक-होम सैलरी होगी कम

सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेतन सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है, जो गुरुवार से प्रभावी है। इस कदम से 10 मिलियन से अधिक संगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रभावित होंगे, जिससे उनकी टेक-होम सैलरी संभावित रूप से कम हो सकती है, जबकि कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों का योगदान बढ़ेगा।

1d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: लाखों लोगों के लिए उच्च PF योगदान और पेंशन
ताज़ा
Business & Economy

EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: लाखों लोगों के लिए उच्च PF योगदान और पेंशन

केंद्रीय कैबिनेट ने EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से अधिक कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे और भारतीय कार्यबल की मासिक सेवानिवृत्ति बचत में वृद्धि होगी।

1d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

OpenAI ने मार्च से 'चिंताजनक' AI मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया
Business & Economy

OpenAI ने मार्च से 'चिंताजनक' AI मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया

OpenAI ने मार्च से अब तक समस्याग्रस्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल व्यवहार के छह नए मामलों का खुलासा किया है, जो AI सुरक्षा को लेकर तेज होती वैश्विक बहस को उजागर करता है। कंपनी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पारदर्शी रूप से रिपोर्ट करने के लिए एक नया ढाँचा भी पेश किया है। यह कदम तब उठाया गया है जब बैंकिंग और वित्त सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI को तेजी से अपनाया जा रहा है।

1d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: 1 करोड़ श्रमिकों की टेक-होम सैलरी होगी कम
ताज़ा
Business & Economy

EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: 1 करोड़ श्रमिकों की टेक-होम सैलरी होगी कम

सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की वेतन सीमा को बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह कर दिया है, जो गुरुवार से प्रभावी है। इस कदम से 10 मिलियन से अधिक संगठित क्षेत्र के श्रमिक प्रभावित होंगे, जिससे उनकी टेक-होम सैलरी संभावित रूप से कम हो सकती है, जबकि कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों का योगदान बढ़ेगा।

1d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: लाखों लोगों के लिए उच्च PF योगदान और पेंशन
ताज़ा
Business & Economy

EPFO वेतन सीमा बढ़कर ₹25,000 हुई: लाखों लोगों के लिए उच्च PF योगदान और पेंशन

केंद्रीय कैबिनेट ने EPFO की अनिवार्य वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने की मंजूरी दे दी है। इस कदम से अधिक कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आएंगे और भारतीय कार्यबल की मासिक सेवानिवृत्ति बचत में वृद्धि होगी।

1d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे 2029 तक पूरा होने की राह पर, बाधाएं दूर
Business & Economy

अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे 2029 तक पूरा होने की राह पर, बाधाएं दूर

भारत का महत्वपूर्ण अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे परियोजना अब निर्माण के लिए पटरी पर है, जिसका लक्ष्य 2029 तक पूरा करना है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के प्रमुख मुद्दे, जिन्होंने पहले प्रगति में बाधा डाली थी, काफी हद तक सुलझा लिए गए हैं, जिससे इस रणनीतिक सड़क के लिए रास्ता साफ हो गया है।

4d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें