Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5022,716.21.83%H 22,753.25 · L 22,569.65as of 29 Sep, 3:31 PM IST|Sensex72,529.071.85%H 72,684.9 · L 72,064as of 29 Sep, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,259.952.38%H 54,405.3 · L 53,785.7as of 29 Sep, 3:31 PM IST|USD / INR₹95.970%H ₹96.15 · L ₹95.94as of 1:38 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,29,813.360.93%H ₹1,29,905.93 · L ₹1,27,900.35as of 1:34 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,90,637.920.11%H ₹1,90,853.9 · L ₹1,87,074.16as of 1:34 AM IST|Crude WTI₹8,543.253.87%H ₹9,092.2 · L ₹8,534.61as of 1:34 AM IST|Bitcoin₹80,59,5100.98%H ₹80,99,037.21 · L ₹80,19,982.79as of 29 Sep, 12:06 PM IST|Ethereum₹2,58,9221.75%H ₹2,61,192.08 · L ₹2,56,651.92as of 29 Sep, 12:06 PM IST|Nifty 5022,716.21.83%H 22,753.25 · L 22,569.65as of 29 Sep, 3:31 PM IST|Sensex72,529.071.85%H 72,684.9 · L 72,064as of 29 Sep, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,259.952.38%H 54,405.3 · L 53,785.7as of 29 Sep, 3:31 PM IST|USD / INR₹95.970%H ₹96.15 · L ₹95.94as of 1:38 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,29,813.360.93%H ₹1,29,905.93 · L ₹1,27,900.35as of 1:34 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,90,637.920.11%H ₹1,90,853.9 · L ₹1,87,074.16as of 1:34 AM IST|Crude WTI₹8,543.253.87%H ₹9,092.2 · L ₹8,534.61as of 1:34 AM IST|Bitcoin₹80,59,5100.98%H ₹80,99,037.21 · L ₹80,19,982.79as of 29 Sep, 12:06 PM IST|Ethereum₹2,58,9221.75%H ₹2,61,192.08 · L ₹2,56,651.92as of 29 Sep, 12:06 PM IST|
0%
Business & Economyताज़ा

केंद्र ने SC को सूचित किया कि वह 18 साल से कम उम्र वालों को सोशल मीडिया से रोकने के लिए आईटी नियमों में संशोधन की योजना बना रहा है

Arth Vani Deskप्रकाशित: 3 मिनट पढ़ें
केंद्र ने SC को सूचित किया कि वह 18 साल से कम उम्र वालों को सोशल मीडिया से रोकने के लिए आईटी नियमों में संशोधन की योजना बना रहा है

Source: Inc42 FinTech

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों और उनसे जुड़े खर्चों की समीक्षा करें।
  • बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों के लिए डेटा/इंटरनेट प्लान के खर्चों में बदलाव आ सकता है, क्योंकि वे अन्य प्लेटफॉर्म या गतिविधियों की ओर मुड़ सकते हैं।
  • सोशल मीडिया तक पहुंच सीमित होने से बच्चों के मनोरंजन या शिक्षा के लिए अन्य ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन या ऑफलाइन गतिविधियों पर खर्च बढ़ सकता है।
  • माता-पिता को बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और नियंत्रण के लिए अतिरिक्त ऐप्स या सेवाओं पर निवेश करना पड़ सकता है।
Recommended for you
Track markets & economic indicators
Open Markets
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

केंद्र ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट (SC) को आईटी नियमों में संशोधन करने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया है, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचने से रोकना है। यह महत्वपूर्ण नियामक परिवर्तन पूरे भारत में नाबालिगों के लिए ऑनलाइन सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ाना चाहता है। विशिष्ट संशोधनों और उनके कार्यान्वयन पर आगे के विवरण की प्रतीक्षा है।

मुख्य बातें
  • ▸केंद्र 18 साल से कम उम्र के व्यक्तियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से प्रतिबंधित करने के लिए आईटी नियमों में संशोधन करने की योजना बना रहा है।
  • ▸इस कदम का उद्देश्य ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाना और नाबालिगों को साइबरबुलिंग और अनुपयुक्त सामग्री जैसे डिजिटल जोखिमों से बचाना है।
  • ▸सोशल मीडिया कंपनियों को आयु सत्यापन और अनुपालन के लिए नई आवश्यकताओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • ▸भारतीय माता-पिता को इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि उनके बच्चे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचेंगे और उनका उपयोग करेंगे।
Key Takeaways
  • ✓केंद्र 18 साल से कम उम्र के व्यक्तियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करने से प्रतिबंधित करने के लिए आईटी नियमों में संशोधन करने की योजना बना रहा है।
  • ✓इस कदम का उद्देश्य ऑनलाइन सुरक्षा बढ़ाना और नाबालिगों को साइबरबुलिंग और अनुपयुक्त सामग्री जैसे डिजिटल जोखिमों से बचाना है।
  • ✓सोशल मीडिया कंपनियों को आयु सत्यापन और अनुपालन के लिए नई आवश्यकताओं का सामना करना पड़ सकता है।
  • ✓भारतीय माता-पिता को इस बात के लिए तैयार रहना चाहिए कि उनके बच्चे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचेंगे और उनका उपयोग करेंगे।

ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल शासन के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, केंद्र ने कथित तौर पर सुप्रीम कोर्ट (SC) को सूचित किया है कि वह मौजूदा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में संशोधन करने की योजना बना रहा है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचने से रोकना है, जो भारत में नाबालिगों के लिए इंटरनेट के उपयोग को विनियमित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सरकार द्वारा यह खुलासा युवा व्यक्तियों पर सोशल मीडिया के प्रभाव के बारे में बढ़ती वैश्विक चिंता को उजागर करता है। जबकि नियोजित संशोधनों के विशिष्ट विवरण अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, यह घोषणा डिजिटल क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय पेश करने के सरकार के इरादे का संकेत देती है।

भारतीय परिवारों के लिए यह संशोधन क्यों मायने रखता है

भारतीय खुदरा पाठकों, विशेषकर माता-पिता के लिए, इस संभावित संशोधन के महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं। यह कदम मुख्य रूप से नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा, गोपनीयता और भलाई से संबंधित चिंताओं से प्रेरित है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जहां एक ओर कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं, वहीं बच्चों को साइबरबुलिंग, अनुपयुक्त सामग्री, गोपनीयता उल्लंघनों और संभावित शोषण जैसे जोखिमों से भी अवगत कराते हैं।

  • बाल संरक्षण: मूल उद्देश्य एक सुरक्षित ऑनलाइन वातावरण बनाना है, जो बच्चों को अनियमित सोशल मीडिया पहुंच से जुड़े संभावित नुकसान से बचाए।
  • माता-पिता का नियंत्रण: जबकि संशोधन एक कानूनी बाधा डालेगा, यह माता-पिता के लिए सतर्क रहने और अपने बच्चों के साथ जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के बारे में चर्चा में शामिल होने की आवश्यकता पर भी जोर देता है।
  • प्लेटफॉर्म की जवाबदेही: सोशल मीडिया कंपनियों को उपयोगकर्ता की उम्र को अधिक सख्ती से सत्यापित करने और मजबूत आयु-गेटिंग तंत्र को लागू करने के लिए बढ़ते दबाव और कानूनी दायित्वों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे भारत में उनकी उपयोगकर्ता अधिग्रहण रणनीतियों पर संभावित रूप से असर पड़ सकता है।

वर्तमान परिदृश्य और भविष्य की संभावनाएं

विश्व स्तर पर, कई देश इसी तरह की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, जिसमें बच्चों की ऑनलाइन पहुंच को विनियमित करने के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाए जा रहे हैं। आईटी नियमों में संशोधन करने का केंद्र का निर्णय भारत को उन देशों में रखता है जो डिजिटल क्षेत्र में अपनी युवा आबादी के लिए सुरक्षात्मक उपायों को कानून बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत हैं। वर्तमान आईटी नियम, जबकि डिजिटल आचरण और मध्यस्थ दायित्व के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करते हैं, स्पष्ट रूप से नाबालिग व्यक्तियों को सोशल मीडिया से नहीं रोकते हैं। यह प्रस्तावित संशोधन मौजूदा ढांचे में एक नया अतिरिक्त होगा।

इन संशोधनों की सटीक समय-सीमा, साथ ही आयु सत्यापन विधियों, गैर-अनुपालन के लिए दंड और प्रवर्तन तंत्र से संबंधित उनके विशिष्ट प्रावधान अभी तक सामने नहीं आए हैं। एक बार जब मसौदा संशोधन सार्वजनिक हो जाएंगे, तो वे संभवतः सार्वजनिक परामर्श की अवधि से गुजरेंगे, जिससे हितधारकों, जिनमें टेक कंपनियां, बाल अधिकार संगठन और आम जनता शामिल हैं, को प्रतिक्रिया देने की अनुमति मिलेगी। यह नए नियमों के अंतिम स्वरूप को आकार देने में एक महत्वपूर्ण चरण होगा।

Inc42 FinTech द्वारा पहली बार रिपोर्ट किया गया यह कदम, यह बताता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म नाबालिग उपयोगकर्ताओं के साथ कैसे इंटरैक्ट करते हैं, इसका एक व्यापक पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। माता-पिता और अभिभावकों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे इन विधायी परिवर्तनों के आगे बढ़ने के साथ सूचित रहें, यह समझते हुए कि वे उनके बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल स्वतंत्रता को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और कानूनी या निवेश सलाह का गठन नहीं करती है। नीतिगत विवरण के लिए पाठकों को आधिकारिक सरकारी स्रोतों से परामर्श करना चाहिए।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
14.7%
3Y CAGR
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
12.3%
3Y CAGR
Gold / Sovereign Gold
Classic inflation hedge
Gold
Hedge
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
11.3%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
10.5%
3Y CAGR
Open a Demat Account
Participate in markets
Demat
Access

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

केंद्र सोशल मीडिया के लिए कौन सा नया नियम बनाने की योजना बना रहा है?

केंद्र आईटी नियमों में संशोधन करने की योजना बना रहा है ताकि 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुंचने या उनका उपयोग करने से रोका जा सके।

सरकार यह बदलाव क्यों कर रही है?

यह बदलाव बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ाने के लिए विचाराधीन है, जिसमें साइबरबुलिंग, अनुपयुक्त सामग्री के संपर्क और नाबालिगों द्वारा सोशल मीडिया के उपयोग से जुड़े गोपनीयता जोखिमों के बारे में चिंताओं को दूर किया जा सके।

इस संभावित संशोधन से कौन प्रभावित होगा?

18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जो वर्तमान में सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, उनके माता-पिता या अभिभावक, और भारत में संचालित होने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इन प्रस्तावित परिवर्तनों से सीधे प्रभावित होंगे।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Business & Economy पढ़ा

भारत ने रबी खाद्यान्न के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य रखा, अल नीनो के कारण कुल लक्ष्य घटाया गया
ताज़ा
Business & Economy

भारत ने रबी खाद्यान्न के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य रखा, अल नीनो के कारण कुल लक्ष्य घटाया गया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी रबी सीजन के लिए खाद्यान्न उत्पादन का 177.72 मिलियन टन (mt) का लक्ष्य घोषित किया। यह लक्ष्य राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 में निर्धारित किया गया, जहाँ यह भी बताया गया कि अल नीनो के अपेक्षित प्रभावों के कारण भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य कम कर दिया गया है।

1m ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: आरबीआई
ताज़ा
Business & Economy

भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पहली तिमाही में भारत के लिए 7.8% की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इस महत्वपूर्ण विस्तार का मुख्य श्रेय निर्यात क्षेत्र के सशक्त प्रदर्शन को दिया जाता है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देता है।

8m ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: RBI
ताज़ा
Business & Economy

भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: RBI

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत के लिए पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। यह महत्वपूर्ण विस्तार मुख्य रूप से निर्यात क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन के कारण है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देता है।

8m ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

भारत ने रबी खाद्यान्न के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य रखा, अल नीनो के कारण कुल लक्ष्य घटाया गया
ताज़ा
Business & Economy

भारत ने रबी खाद्यान्न के लिए 177.72 मिलियन टन का लक्ष्य रखा, अल नीनो के कारण कुल लक्ष्य घटाया गया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी रबी सीजन के लिए खाद्यान्न उत्पादन का 177.72 मिलियन टन (mt) का लक्ष्य घोषित किया। यह लक्ष्य राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-रबी अभियान 2026 में निर्धारित किया गया, जहाँ यह भी बताया गया कि अल नीनो के अपेक्षित प्रभावों के कारण भारत का कुल खाद्यान्न उत्पादन लक्ष्य कम कर दिया गया है।

1m ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: आरबीआई
ताज़ा
Business & Economy

भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पहली तिमाही में भारत के लिए 7.8% की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। इस महत्वपूर्ण विस्तार का मुख्य श्रेय निर्यात क्षेत्र के सशक्त प्रदर्शन को दिया जाता है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देता है।

8m ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: RBI
ताज़ा
Business & Economy

भारत की अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8% बढ़ी, मजबूत निर्यात से प्रेरित: RBI

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत के लिए पहली तिमाही में 7.8% की मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। यह महत्वपूर्ण विस्तार मुख्य रूप से निर्यात क्षेत्र में मजबूत प्रदर्शन के कारण है, जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक गति का संकेत देता है।

8m ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
RBI रेपो दर जल्द ही 5.75% तक पहुँच सकती है, ऋण और बचत पर पड़ेगा असर: रिपोर्ट
ताज़ा
Business & Economy

RBI रेपो दर जल्द ही 5.75% तक पहुँच सकती है, ऋण और बचत पर पड़ेगा असर: रिपोर्ट

एक हालिया रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) जल्द ही रेपो दर को 5.75% तक बढ़ा सकता है, जिसमें दो संभावित बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है। इस कदम से ऋण ब्याज दरों और बचत पर रिटर्न में बदलाव के माध्यम से लाखों भारतीय खुदरा ग्राहकों पर असर पड़ सकता है।

19m ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund