Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5023,146.152.31%H 23,149.85 · L 22,913.8as of 3:31 PM IST|Sensex74,729.272.68%H 74,778.78 · L 74,012.99as of 3:32 PM IST|Bank Nifty55,8440.95%H 55,989.55 · L 55,526.3as of 3:31 PM IST|USD / INR₹94.950.1%H ₹95.06 · L ₹94.66as of 10:11 PM IST|Gold Intl (10g)₹1,27,639.960.27%H ₹1,28,830.51 · L ₹1,27,221.74as of 10:06 PM IST|Silver Intl (1kg)₹1,75,134.040.37%H ₹1,77,484.62 · L ₹1,74,691.39as of 10:06 PM IST|Crude WTI₹9,368.722.25%H ₹9,369.67 · L ₹9,047.79as of 10:06 PM IST|Bitcoin₹77,41,6420.6%H ₹77,64,978.67 · L ₹77,18,305.33as of 9:57 PM IST|Ethereum₹2,31,7210.64%H ₹2,32,456.74 · L ₹2,30,985.26as of 9:57 PM IST|Nifty 5023,146.152.31%H 23,149.85 · L 22,913.8as of 3:31 PM IST|Sensex74,729.272.68%H 74,778.78 · L 74,012.99as of 3:32 PM IST|Bank Nifty55,8440.95%H 55,989.55 · L 55,526.3as of 3:31 PM IST|USD / INR₹94.950.1%H ₹95.06 · L ₹94.66as of 10:11 PM IST|Gold Intl (10g)₹1,27,639.960.27%H ₹1,28,830.51 · L ₹1,27,221.74as of 10:06 PM IST|Silver Intl (1kg)₹1,75,134.040.37%H ₹1,77,484.62 · L ₹1,74,691.39as of 10:06 PM IST|Crude WTI₹9,368.722.25%H ₹9,369.67 · L ₹9,047.79as of 10:06 PM IST|Bitcoin₹77,41,6420.6%H ₹77,64,978.67 · L ₹77,18,305.33as of 9:57 PM IST|Ethereum₹2,31,7210.64%H ₹2,32,456.74 · L ₹2,30,985.26as of 9:57 PM IST|
0%
Business & Economyताज़ा

भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक जोखिमों के बावजूद मजबूत गति दिखा रही है, मुख्य आर्थिक सलाहकार का कहना है

Arth Vani Deskप्रकाशित: 1 मिनट पढ़ें
भारत की अर्थव्यवस्था वैश्विक जोखिमों के बावजूद मजबूत गति दिखा रही है, मुख्य आर्थिक सलाहकार का कहना है

Source: ET Economy

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
आर्थिक विकास का लाभ उठाने के लिए डाइवर्सिफाइड इक्विटी म्यूचुअल फंड में अपने मासिक एसआईपी (SIP) को बढ़ाने पर विचार करें।
  • रुपये की स्थिरता से आयातित सामान (जैसे ईंधन, इलेक्ट्रॉनिक्स) महंगे होने की गति धीमी होगी, जिससे आपकी खरीदने की शक्ति बनी रहेगी।
  • मजबूत अर्थव्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में विकास से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वेतन में वृद्धि की संभावना है, जिससे आपकी आय स्थिर रहेगी।
  • दीर्घकालिक सुधारों और आर्थिक स्थिरता से शेयर बाजार और अन्य निवेशों में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है, जिससे आपकी संपत्ति बढ़ सकती है।
Recommended for you
Track markets & economic indicators
Open Markets
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था घरेलू गतिविधि और निर्यात के कारण मजबूत निकट-अवधि की गति का अनुभव कर रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्य भी भुगतान संतुलन को मजबूत कर रहे हैं और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये को स्थिर करने में मदद कर रहे हैं। सभी प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों ने पहली तिमाही में मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में योगदान दिया, जिसमें दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार अब सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।

मुख्य बातें
  • ▸भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग और मजबूत निर्यात से प्रेरित होकर मजबूत गति दिखा रही है।
  • ▸भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) रुपये को स्थिर करके और भुगतान संतुलन को मजबूत करके अर्थव्यवस्था को सक्रिय रूप से समर्थन दे रहा है।
  • ▸सभी तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों ने पहली तिमाही में भारत की मजबूत जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया है।
  • ▸पिछले बारह वर्षों में लागू किए गए दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार अब सकारात्मक आर्थिक परिणाम दे रहे हैं।
Key Takeaways
  • ✓भारत की अर्थव्यवस्था घरेलू मांग और मजबूत निर्यात से प्रेरित होकर मजबूत गति दिखा रही है।
  • ✓भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) रुपये को स्थिर करके और भुगतान संतुलन को मजबूत करके अर्थव्यवस्था को सक्रिय रूप से समर्थन दे रहा है।
  • ✓सभी तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों ने पहली तिमाही में भारत की मजबूत जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया है।
  • ✓पिछले बारह वर्षों में लागू किए गए दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार अब सकारात्मक आर्थिक परिणाम दे रहे हैं।

मुख्य आर्थिक सलाहकार के एक बयान के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में मजबूत निकट-अवधि की गति प्रदर्शित कर रही है, जो चल रही वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद लचीली बनी हुई है। यह सकारात्मक दृष्टिकोण काफी हद तक मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में स्वस्थ प्रदर्शन से प्रेरित है, जो देश के लिए संतुलित विकास पथ का संकेत देता है।

इस स्थिरता में योगदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कारक भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा निभाई गई सक्रिय भूमिका है। आरबीआई के रणनीतिक 'जमा संग्रहण' के प्रयास भारत के भुगतान संतुलन के लिए पर्याप्त समर्थन प्रदान कर रहे हैं। भुगतान संतुलन अनिवार्य रूप से भारत और शेष विश्व के बीच सभी आर्थिक लेनदेन का एक रिकॉर्ड है, और एक स्वस्थ संतुलन यह सुनिश्चित करता है कि देश अपने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय दायित्वों को पूरा कर सके। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक द्वारा ये कार्रवाइयाँ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के लिए एक स्थिर आधार बना रही हैं, जो आयातित मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और व्यवसायों तथा निवेशकों के लिए पूर्वानुमेयता प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है।

आर्थिक शक्ति व्यापक-आधारित है, जिसमें सभी तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों – आमतौर पर कृषि, उद्योग और सेवाएँ – ने पहली तिमाही में दर्ज की गई मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। क्षेत्रों में यह व्यापक भागीदारी इंगित करती है कि आर्थिक विस्तार अच्छी तरह से विविध है और अपनी प्रेरणा के लिए किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं है।

मुख्य आर्थिक सलाहकार ने यह भी बताया कि पिछले बारह वर्षों में लागू किए गए संरचनात्मक सुधार अब स्पष्ट रूप से लाभकारी परिणाम दे रहे हैं। इन सुधारों में अर्थव्यवस्था की दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक विकास क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से कई नीतिगत परिवर्तन शामिल हैं। ऐसे दीर्घकालिक नीतिगत समायोजनों में आमतौर पर व्यापार करने में आसानी में सुधार, विदेशी निवेश आकर्षित करने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उपाय शामिल होते हैं, जो निरंतर आर्थिक प्रगति के लिए एक ठोस आधार तैयार करते हैं।

कुल मिलाकर, मुख्य आर्थिक सलाहकार का आकलन भारतीय अर्थव्यवस्था की एक ऐसी तस्वीर पेश करता है जो न केवल तेजी से बढ़ रही है बल्कि आंतरिक चालकों, रणनीतिक केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेपों और निरंतर नीतिगत सुधारों के सकारात्मक प्रभाव के संयोजन के कारण अधिक लचीली और स्थिर भी बन रही है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
13.7%
3Y CAGR
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
12.3%
3Y CAGR
Gold / Sovereign Gold
Classic inflation hedge
Gold
Hedge
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
11.0%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
10.3%
3Y CAGR
Open a Demat Account
Participate in markets
Demat
Access

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

भारत की वर्तमान आर्थिक गति को क्या संचालित कर रहा है?

भारत की मजबूत आर्थिक गति मुख्य रूप से मजबूत घरेलू कारकों और मजबूत निर्यात प्रदर्शन से प्रेरित है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) आर्थिक स्थिरता में कैसे योगदान दे रहा है?

आरबीआई के जमा संग्रहण के प्रयास भारत के भुगतान संतुलन के लिए महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान कर रहे हैं और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के लिए एक स्थिर आधार बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।

भारत की जीडीपी वृद्धि में कौन से क्षेत्र योगदान दे रहे हैं?

सभी तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों (आमतौर पर कृषि, उद्योग और सेवाएँ) ने पहली तिमाही में देखी गई मजबूत जीडीपी वृद्धि में योगदान दिया।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Business & Economy पढ़ा

ट्रेडर्स यूनियन: उच्च मुद्रास्फीति के बीच विकास को बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है भारत की अर्थव्यवस्था
Business & Economy

ट्रेडर्स यूनियन: उच्च मुद्रास्फीति के बीच विकास को बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है भारत की अर्थव्यवस्था

ट्रेडर्स यूनियन के एक अवलोकन के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था अपनी तीव्र वृद्धि गति को बनाए रखने की महत्वपूर्ण चुनौती से जूझ रही है, साथ ही लगातार उच्च मुद्रास्फीति से भी लड़ रही है। यह दोहरा दबाव नीति निर्माताओं के लिए एक जटिल वातावरण बनाता है और आम नागरिकों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करता है।

16h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में, जल्द ही लागू होने की उम्मीद
ताज़ा
Business & Economy

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में, जल्द ही लागू होने की उम्मीद

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते का कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में हैं, जिसके जल्द ही लागू होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पुष्टि की कि इस समझौते का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए तरजीही बाजार पहुंच सुनिश्चित करना और टैरिफ स्थिरता बनाए रखना है। यह समझौता अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा के बाद आया है, जिसमें अधिकारी हस्ताक्षर से पहले किसी भी शेष मुद्दे को हल करने पर काम कर रहे हैं।

17h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत का सितंबर माह में वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ, व्यापार घाटा कम हुआ
ताज़ा
Business & Economy

भारत का सितंबर माह में वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ, व्यापार घाटा कम हुआ

सितंबर में भारत का वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि आयात में मामूली 8% की वृद्धि हुई, जिससे व्यापार घाटा काफी कम होकर $30.21 बिलियन हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के साथ-साथ सोने के आयात में तेज गिरावट से इस सुधार को बल मिला।

17h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

ट्रेडर्स यूनियन: उच्च मुद्रास्फीति के बीच विकास को बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है भारत की अर्थव्यवस्था
Business & Economy

ट्रेडर्स यूनियन: उच्च मुद्रास्फीति के बीच विकास को बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना कर रही है भारत की अर्थव्यवस्था

ट्रेडर्स यूनियन के एक अवलोकन के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था अपनी तीव्र वृद्धि गति को बनाए रखने की महत्वपूर्ण चुनौती से जूझ रही है, साथ ही लगातार उच्च मुद्रास्फीति से भी लड़ रही है। यह दोहरा दबाव नीति निर्माताओं के लिए एक जटिल वातावरण बनाता है और आम नागरिकों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करता है।

16h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में, जल्द ही लागू होने की उम्मीद
ताज़ा
Business & Economy

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में, जल्द ही लागू होने की उम्मीद

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते का कानूनी मसौदा तैयार करने के अंतिम चरण में हैं, जिसके जल्द ही लागू होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पुष्टि की कि इस समझौते का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के लिए तरजीही बाजार पहुंच सुनिश्चित करना और टैरिफ स्थिरता बनाए रखना है। यह समझौता अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों के साथ व्यापक चर्चा के बाद आया है, जिसमें अधिकारी हस्ताक्षर से पहले किसी भी शेष मुद्दे को हल करने पर काम कर रहे हैं।

17h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
भारत का सितंबर माह में वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ, व्यापार घाटा कम हुआ
ताज़ा
Business & Economy

भारत का सितंबर माह में वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन हुआ, व्यापार घाटा कम हुआ

सितंबर में भारत का वस्तु निर्यात 23% बढ़कर $44.4 बिलियन तक पहुंच गया, जबकि आयात में मामूली 8% की वृद्धि हुई, जिससे व्यापार घाटा काफी कम होकर $30.21 बिलियन हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के साथ-साथ सोने के आयात में तेज गिरावट से इस सुधार को बल मिला।

17h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्री की चेतावनी: नवंबर में भारत में ईंधन मूल्य वृद्धि से उच्च मुद्रास्फीति का जोखिम
Business & Economy

ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्री की चेतावनी: नवंबर में भारत में ईंधन मूल्य वृद्धि से उच्च मुद्रास्फीति का जोखिम

एक ऑक्सफोर्ड अर्थशास्त्री का अनुमान है कि भारत नवंबर में ईंधन की कीमतें बढ़ा सकता है, जिससे देश की मुद्रास्फीति दर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निर्धारित लक्ष्य से ऊपर जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो इस विकास का घरेलू बजट और व्यापक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

17h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund