अर्थ वाणी में आपका स्वागत है

अपनी पसंदीदा भाषा चुनें

Sponsored · Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5024,1690.29%H 24,262.2 · L 24,158.05|Sensex77,458.520.32%H 77,753.18 · L 77,409.23|Bank Nifty57,900.80.08%H 58,228.65 · L 57,820.9|USD / INR₹96.220.22%H ₹96.45 · L ₹96.19|Gold Intl (10g)₹1,26,108.631.5%H ₹1,26,482.96 · L ₹1,23,850.22|Silver Intl (1kg)₹1,83,008.023.65%H ₹1,83,301.92 · L ₹1,74,422.99|Crude WTI₹7,966.470.38%H ₹7,967.43 · L ₹7,873.13|Bitcoin₹63,35,1172.51%H ₹64,14,473.16 · L ₹62,55,760.84|Ethereum₹1,85,9773.85%H ₹1,89,556.27 · L ₹1,82,397.73|Nifty 5024,1690.29%H 24,262.2 · L 24,158.05|Sensex77,458.520.32%H 77,753.18 · L 77,409.23|Bank Nifty57,900.80.08%H 58,228.65 · L 57,820.9|USD / INR₹96.220.22%H ₹96.45 · L ₹96.19|Gold Intl (10g)₹1,26,108.631.5%H ₹1,26,482.96 · L ₹1,23,850.22|Silver Intl (1kg)₹1,83,008.023.65%H ₹1,83,301.92 · L ₹1,74,422.99|Crude WTI₹7,966.470.38%H ₹7,967.43 · L ₹7,873.13|Bitcoin₹63,35,1172.51%H ₹64,14,473.16 · L ₹62,55,760.84|Ethereum₹1,85,9773.85%H ₹1,89,556.27 · L ₹1,82,397.73|
0%
Business & Economy

भारतीय बैंकों ने आरबीआई स्वैप विंडो के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया

Arth Vani Deskप्रकाशित: 1 मिनट पढ़ें
भारतीय बैंकों ने आरबीआई स्वैप विंडो के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया

Source: Economictimes

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
Readers should note that strong foreign currency inflows contribute positively to India's overall economic stability and resilience.
  • Indian banks attracted ₹1.72 lakh crore ($20.72 billion) in foreign funds via an RBI swap facility.
  • The bulk of this inflow, ₹1.44 lakh crore ($17.41 billion), came from Foreign Currency Non-Resident (FCNR) Deposits.
  • These significant foreign currency inflows strengthen India's overall economic standing and foreign exchange reserves.

Wealth-Impact Simulator

See what a one-time investment could grow to.

Amount invested₹1,00,000
Holding period10 yrs
Expected return (p.a.)12%
Future value
₹3,10,585
Potential gain
₹2,10,585

Indicative estimate for education only — not investment advice.

Explore investments
Remind Me Radar
Remind me when this story updates
Recommended for you
Track markets & economic indicators
Open Markets
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

भारतीय बैंकों ने मुख्य रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रदान की गई एक विशेष स्वैप सुविधा के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ (20.72 अरब डॉलर) की एक महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा जुटाई है। विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR) जमा से प्राप्त यह प्रमुख प्रवाह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है और इसकी आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देता है।

मुख्य बातें
  • Indian banks attracted ₹1.72 lakh crore ($20.72 billion) in foreign funds via an RBI swap facility.
  • The bulk of this inflow, ₹1.44 lakh crore ($17.41 billion), came from Foreign Currency Non-Resident (FCNR) Deposits.
  • These significant foreign currency inflows strengthen India's overall economic standing and foreign exchange reserves.
Key Takeaways
  • Indian banks attracted ₹1.72 lakh crore ($20.72 billion) in foreign funds via an RBI swap facility.
  • The bulk of this inflow, ₹1.44 lakh crore ($17.41 billion), came from Foreign Currency Non-Resident (FCNR) Deposits.
  • These significant foreign currency inflows strengthen India's overall economic standing and foreign exchange reserves.

भारत की वित्तीय स्थिरता को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए, भारतीय बैंकों ने सफलतापूर्वक ₹1.72 लाख करोड़, जो 20.72 अरब डॉलर (लगभग ₹83 प्रति अमेरिकी डॉलर की अनुमानित विनिमय दर मानते हुए) के बराबर है, की विदेशी मुद्रा जुटाई है। यह प्रभावशाली प्रवाह मुख्य रूप से भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रदान की गई एक विशेष स्वैप सुविधा के माध्यम से हुआ।

इस विदेशी मुद्रा का अधिकांश हिस्सा, जो ₹1.44 लाख करोड़ (17.41 अरब डॉलर) था, विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR) जमा से प्राप्त हुआ। ये विशेष सावधि जमा खाते हैं जिन्हें अनिवासी भारतीय (एनआरआई) अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड या यूरो जैसी विदेशी मुद्राओं में खोल सकते हैं। एफसीएनआर जमा एनआरआई के बीच लोकप्रिय हैं क्योंकि वे उन्हें एक स्थिर मुद्रा में बचत करने और भारतीय रुपये में संभावित उतार-चढ़ाव से अपनी बचत की रक्षा करने की अनुमति देते हैं।

विदेशी फंड कैसे जुटाए गए

एफसीएनआर जमा के अलावा, अन्य महत्वपूर्ण स्रोतों ने कुल प्रवाह में योगदान दिया। बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECBs) से ₹11,122 करोड़ (1.34 अरब डॉलर) प्राप्त हुए। ईसीबी पात्र निवासी संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त अनिवासी संस्थाओं से लिए गए वाणिज्यिक ऋण होते हैं, जिनका उपयोग अक्सर भारत में निवेश के लिए किया जाता है। इसके अतिरिक्त, विदेशी मुद्रा उधार (Overseas Foreign Currency Borrowings) ने कुल राशि में ₹16,351 करोड़ (1.97 अरब डॉलर) का योगदान दिया।

आरबीआई की विशेष प्रोत्साहन खिड़की, जो आमतौर पर एक स्वैप सुविधा होती है, ऐसे प्रवाह को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस व्यवस्था के तहत, आरबीआई बैंकों द्वारा प्राप्त विदेशी मुद्रा को अस्थायी रूप से रुपये में बदलता है, और बाद की तारीख में लेनदेन को उलटने के समझौते के साथ। यह तंत्र बैंकों को विदेशी फंड आकर्षित करने के लिए एक प्रोत्साहन प्रदान करता है, जिससे अंततः देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होती है।

भारत के लिए ये प्रवाह क्यों महत्वपूर्ण हैं

ये महत्वपूर्ण विदेशी मुद्रा प्रवाह भारत के आर्थिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। वे सीधे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करते हैं, जो बाहरी झटकों के खिलाफ एक बफर के रूप में कार्य करते हैं और भारतीय रुपये की स्थिरता बनाए रखने में मदद करते हैं। उच्च भंडार अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और रेटिंग एजेंसियों को भी विश्वास दिलाते हैं, जो एक मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

आम भारतीय खुदरा पाठक के लिए, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार का अर्थ है अधिक आर्थिक स्थिरता। यह देश को अपने आयात बिलों का प्रबंधन करने, विदेशी ऋण चुकाने और निवेशक विश्वास बनाए रखने में मदद करता है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से एक स्थिर आर्थिक वातावरण और कम मुद्रास्फीति में योगदान मिल सकता है।

यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्य से है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Community Pulse · This story

How readers rate the outlook after reading this article. Anonymous · one vote per reader · updates live.

Bullish 50%50% Bearish
Be the first to call it
Did this advice help you?
Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
HDFC NIFTY Next 50 Index Fund
HDFC Mutual Fund · Index
18.2%
3Y CAGR
Bharat Mobility IPO
Mainboard · Auto
+20.5%
GMP
View IPO
Nippon India Small Cap Fund Growth Plan
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
17.6%
3Y CAGR
GreenVolt Energy IPO
Mainboard · Renewables
+13.8%
GMP
View IPO
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
14.6%
3Y CAGR
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
14.2%
3Y CAGR

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

What is the RBI's special incentive window mentioned in the report?

The RBI's special incentive window typically refers to a swap facility. Under this arrangement, the RBI temporarily exchanges foreign currency with banks for rupees, with an agreement to reverse the transaction later. This incentivizes banks to attract foreign funds, boosting the country's foreign exchange reserves.

What are Foreign Currency Non-Resident (FCNR) Deposits?

FCNR Deposits are special fixed deposit accounts that Non-Resident Indians (NRIs) can open in foreign currencies like US dollars, British pounds, or Euros. They are popular because they allow NRIs to save in a stable currency and protect their savings from fluctuations in the Indian Rupee.

How do these foreign currency inflows benefit the Indian economy?

Significant foreign currency inflows strengthen India's foreign exchange reserves, which are crucial for economic stability. Higher reserves help the nation manage import bills, repay foreign debts, and maintain confidence among international investors, contributing to a more stable economic environment.

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Business & Economy पढ़ा

Sebi 1 अगस्त से ओपन-मार्केट शेयर बायबैक फिर से शुरू करेगा
Business & Economy

Sebi 1 अगस्त से ओपन-मार्केट शेयर बायबैक फिर से शुरू करेगा

बाजार विनियामक ने एक ऐसे कदम को मंजूरी दी है जिससे कंपनियों को सीधे स्टॉक एक्सचेंज से अपने खुद के शेयर वापस खरीदने की अनुमति मिलेगी। यह औपचारिक टेंडर ऑफर का एक लचीला विकल्प प्रदान करता है और रिटेल निवेशकों के लिए बेहतर मूल्य समर्थन (price support) प्रदान कर सकता है।

1h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
अमेरिकी एआई सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने 3 महीने बाद इस्तीफा दिया; NIST निदेशक अरविंद रमन ने अंतरिम प्रभार संभाला
Business & Economy

अमेरिकी एआई सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने 3 महीने बाद इस्तीफा दिया; NIST निदेशक अरविंद रमन ने अंतरिम प्रभार संभाला

अमेरिकी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेफ्टी (CAISI) के प्रमुख ने केवल तीन महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी (NIST) के निदेशक अरविंद रमन अब एजेंसी के कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्य करेंगे, एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की।

6h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
भारतीय बैंकों ने RBI की स्वैप सुविधा के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया
Business & Economy

भारतीय बैंकों ने RBI की स्वैप सुविधा के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया

भारतीय बैंकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दी गई एक विशेष स्वैप सुविधा के माध्यम से मुख्य रूप से ₹1.72 लाख करोड़ (20.72 बिलियन डॉलर) की पर्याप्त विदेशी मुद्रा जुटाई है। यह बड़ा प्रवाह, जो मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR) जमा से आया है, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है और इसकी आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देता है।

6h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

Sebi 1 अगस्त से ओपन-मार्केट शेयर बायबैक फिर से शुरू करेगा
Business & Economy

Sebi 1 अगस्त से ओपन-मार्केट शेयर बायबैक फिर से शुरू करेगा

बाजार विनियामक ने एक ऐसे कदम को मंजूरी दी है जिससे कंपनियों को सीधे स्टॉक एक्सचेंज से अपने खुद के शेयर वापस खरीदने की अनुमति मिलेगी। यह औपचारिक टेंडर ऑफर का एक लचीला विकल्प प्रदान करता है और रिटेल निवेशकों के लिए बेहतर मूल्य समर्थन (price support) प्रदान कर सकता है।

1h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
अमेरिकी एआई सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने 3 महीने बाद इस्तीफा दिया; NIST निदेशक अरविंद रमन ने अंतरिम प्रभार संभाला
Business & Economy

अमेरिकी एआई सुरक्षा एजेंसी के प्रमुख ने 3 महीने बाद इस्तीफा दिया; NIST निदेशक अरविंद रमन ने अंतरिम प्रभार संभाला

अमेरिकी सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेफ्टी (CAISI) के प्रमुख ने केवल तीन महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी (NIST) के निदेशक अरविंद रमन अब एजेंसी के कार्यवाहक निदेशक के रूप में कार्य करेंगे, एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की।

6h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
भारतीय बैंकों ने RBI की स्वैप सुविधा के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया
Business & Economy

भारतीय बैंकों ने RBI की स्वैप सुविधा के माध्यम से ₹1.72 लाख करोड़ का विदेशी फंड आकर्षित किया

भारतीय बैंकों ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा दी गई एक विशेष स्वैप सुविधा के माध्यम से मुख्य रूप से ₹1.72 लाख करोड़ (20.72 बिलियन डॉलर) की पर्याप्त विदेशी मुद्रा जुटाई है। यह बड़ा प्रवाह, जो मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा अनिवासी (FCNR) जमा से आया है, भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करता है और इसकी आर्थिक स्थिति को बढ़ावा देता है।

6h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
विजय सिंह की सर रतन टाटा ट्रस्ट बोर्ड में पुनःनियुक्ति धर्मदाय आयुक्त के आदेश के बीच असंभावित
Business & Economy

विजय सिंह की सर रतन टाटा ट्रस्ट बोर्ड में पुनःनियुक्ति धर्मदाय आयुक्त के आदेश के बीच असंभावित

विजय सिंह का सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) के बोर्ड में कार्यकाल अनिश्चित है क्योंकि उनका कार्यकाल समाप्त होने वाला है। महाराष्ट्र के धर्मदाय आयुक्त के एक हालिया आदेश ने SRTT को बोर्ड बैठकें आयोजित करने या उसकी संरचना के बारे में निर्णय लेने से रोक दिया है, जिससे सिंह की पुनःनियुक्ति के किसी भी प्रस्ताव को अवरुद्ध कर दिया गया है।

6h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें

Daily 3-minute money update on WhatsApp

Join 50,000+ investors — free.