हंगरी के सीआईबी बैंक और वीज़ा ने ग्राहकों को मुफ्त कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग की पेशकश की

Source: Finextra
हंगरी में सीआईबी बैंक, वीज़ा के सहयोग से, योग्य ग्राहकों को मुफ्त रिंगपे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग प्रदान कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को पहनने योग्य तकनीक का लाभ उठाते हुए भुगतान करने का एक सुविधाजनक और सुरक्षित नया तरीका प्रदान करना है।
- ▸हंगरी का सीआईबी बैंक वीज़ा के साथ साझेदारी में योग्य ग्राहकों को मुफ्त रिंगपे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग प्रदान कर रहा है।
- ▸ये रिंगें उपयोगकर्ताओं को एनएफसी-सक्षम टर्मिनलों पर अपनी उंगली टैप करके भुगतान करने की अनुमति देती हैं, जिससे सुविधा और गति मिलती है।
- ▸यह पहल पहनने योग्य भुगतान तकनीक की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान को दर्शाती है, जो वित्तीय लेनदेन को दैनिक सामानों में एकीकृत करती है।
- ▸जबकि यह हंगरी के लिए विशिष्ट है, ऐसे नवाचार भारत जैसे बाजारों में डिजिटल भुगतान के लिए संभावित भविष्य की दिशाओं को उजागर करते हैं, जहां डिजिटल अपनाने की दर मजबूत है।
- ✓हंगरी का सीआईबी बैंक वीज़ा के साथ साझेदारी में योग्य ग्राहकों को मुफ्त रिंगपे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग प्रदान कर रहा है।
- ✓ये रिंगें उपयोगकर्ताओं को एनएफसी-सक्षम टर्मिनलों पर अपनी उंगली टैप करके भुगतान करने की अनुमति देती हैं, जिससे सुविधा और गति मिलती है।
- ✓यह पहल पहनने योग्य भुगतान तकनीक की ओर बढ़ते वैश्विक रुझान को दर्शाती है, जो वित्तीय लेनदेन को दैनिक सामानों में एकीकृत करती है।
- ✓जबकि यह हंगरी के लिए विशिष्ट है, ऐसे नवाचार भारत जैसे बाजारों में डिजिटल भुगतान के लिए संभावित भविष्य की दिशाओं को उजागर करते हैं, जहां डिजिटल अपनाने की दर मजबूत है।
हंगरी के सीआईबी बैंक ने वैश्विक भुगतान दिग्गज वीज़ा के साथ साझेदारी कर एक नया और अभिनव भुगतान समाधान पेश किया है: रिंगपे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग। बैंक इन रिंगों को योग्य ग्राहकों को मुफ्त में दे रहा है, जो पहनने योग्य तकनीक को दैनिक वित्तीय लेनदेन में एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग क्या है?
एक कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग एक पहनने योग्य उपकरण है जो उपयोगकर्ताओं को संगत पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) टर्मिनल के पास अपनी उंगली टैप या लहराकर भुगतान करने की अनुमति देता है। ये रिंगें आमतौर पर नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक का उपयोग करती हैं, जो कॉन्टैक्टलेस डेबिट/क्रेडिट कार्ड या मोबाइल भुगतान के लिए उपयोग किए जाने वाले स्मार्टफोन में पाई जाती है। विशेष रूप से, रिंगपे समाधान, भुगतान कार्यक्षमता को सीधे एक स्टाइलिश और टिकाऊ रिंग में एकीकृत करता है, जिससे छोटे लेनदेन के लिए कार्ड या स्मार्टफोन ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
यह कैसे काम करता है?
रिंगपे रिंग के भीतर एक सुरक्षित चिप को एम्बेड करके काम करता है। सक्रिय होने पर, आमतौर पर एक लिंक किए गए बैंक खाते के माध्यम से, रिंग एनएफसी-सक्षम भुगतान टर्मिनलों के साथ वायरलेस तरीके से संवाद कर सकता है। उपयोगकर्ता बस रिंग वाले अपने हाथ को टर्मिनल के पास रखते हैं, और लेनदेन सुरक्षित और तेज़ी से संसाधित होता है। स्मार्टफोन या स्मार्टवॉच के विपरीत, पेमेंट रिंगों को आमतौर पर चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती है, जिससे वे 'हमेशा-चालू' भुगतान विकल्प बन जाते हैं, जब तक वे एक सक्रिय खाते से जुड़े होते हैं।
उपभोक्ताओं और भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए लाभ
सीआईबी बैंक और वीज़ा द्वारा पेमेंट रिंगों की शुरुआत कई लाभों को उजागर करती है:
- सुविधा: उपयोगकर्ता एक साधारण इशारे से भुगतान कर सकते हैं, बिना वॉलेट या फोन तक पहुंचे, जो खरीदारी, यात्रा, या शारीरिक गतिविधियों के दौरान विशेष रूप से उपयोगी है।
- गति: कॉन्टैक्टलेस लेनदेन आमतौर पर चिप-और-पिन भुगतान की तुलना में तेज़ होते हैं, जिससे चेकआउट प्रक्रिया सुव्यवस्थित होती है।
- सुरक्षा: अन्य कॉन्टैक्टलेस तरीकों की तरह, लेनदेन एन्क्रिप्टेड होते हैं। यदि कोई रिंग खो जाती है, तो इसे अक्सर एक मोबाइल ऐप या बैंक के माध्यम से तुरंत निष्क्रिय किया जा सकता है, जैसे खोए हुए कार्ड को ब्लॉक करना।
- नवाचार: ऐसी पहलें वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देती हैं, जिससे हम अपने पैसे के साथ कैसे बातचीत करते हैं, इसकी सीमाओं को आगे बढ़ाया जाता है।
वैश्विक रुझान और भारत के लिए संभावना
जबकि सीआईबी बैंक की पेशकश हंगरी के लिए विशिष्ट है, पहनने योग्य भुगतान तकनीक की ओर वैश्विक रुझान बढ़ रहा है। दुनिया भर की विभिन्न कंपनियां और बैंक भुगतान क्षमताओं को एकीकृत करने के लिए स्मार्टवॉच, की फ़ॉब और यहां तक कि स्मार्ट गहनों सहित विभिन्न फॉर्म फैक्टर के साथ प्रयोग कर रहे हैं। भारत, अपने तेज़ी से विकसित हो रहे डिजिटल भुगतान परिदृश्य के साथ, भविष्य में ऐसे नवाचारों के लिए एक उपजाऊ जमीन हो सकता है। देश ने पहले ही कॉन्टैक्टलेस कार्ड भुगतान और यूपीआई-आधारित मोबाइल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाया है, जो सुविधाजनक और कुशल डिजिटल लेनदेन विधियों के लिए एक मजबूत भूख दर्शाता है।
अन्य बाजारों में रिंगपे जैसी पहलों की सफलता भारत में इसी तरह की पेशकशों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, जिससे संभावित रूप से भारतीय बैंक और फिनटेक कंपनियां पहनने योग्य भुगतान समाधानों का पता लगाने के लिए प्रेरित होंगी। यह लाखों भारतीय खुदरा ग्राहकों के लिए डिजिटल लेनदेन की आसानी को और बढ़ा सकता है, कार्ड और मोबाइल एप्लिकेशन से परे अधिक विकल्प प्रदान कर सकता है।
यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
Community Pulse · This story
How readers rate the outlook after reading this article. Anonymous · one vote per reader · updates live.
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.
Frequently Asked Questions
कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग क्या है?
एक कॉन्टैक्टलेस पेमेंट रिंग एक पहनने योग्य उपकरण है, जैसे कि गहने का एक टुकड़ा, जिसमें एक सुरक्षित चिप होती है जो आपको संगत भुगतान टर्मिनल पर टैप करके भुगतान करने में सक्षम बनाती है। यह नियर फील्ड कम्युनिकेशन (एनएफसी) तकनीक का उपयोग करता है।
रिंगपे पेमेंट रिंग कैसे काम करती है?
एक बार आपके बैंक खाते से लिंक हो जाने के बाद, आप बस रिंग को एनएफसी-सक्षम भुगतान टर्मिनल के पास रखते हैं। रिंग लेनदेन को संसाधित करने के लिए टर्मिनल के साथ वायरलेस तरीके से संचार करती है, जिससे कार्ड या फोन की आवश्यकता के बिना भुगतान करने का एक तेज़ और सुविधाजनक तरीका मिलता है।
क्या पेमेंट रिंग भारत में उपलब्ध हो सकती हैं?
जबकि सीआईबी बैंक की पेशकश हंगरी में है, इसी तरह की पहनने योग्य भुगतान तकनीकें विश्व स्तर पर उभर रही हैं। भारत के उन्नत डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र और कॉन्टैक्टलेस विधियों को अपनाने की उच्च दर को देखते हुए, यह संभव है कि भविष्य में भारतीय बैंकों और फिनटेक कंपनियों द्वारा ऐसे अभिनव भुगतान समाधान पेश किए जा सकें।
Join the Arth Vani channels
Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.
क्योंकि आपने Fintech पढ़ा

यूके भुगतान प्रणाली में बदलाव को उद्योग का समर्थन, कार्यान्वयन के विश्वास में कमी
यूके के 80% से अधिक वित्तीय उद्योग के नेता सरकार की भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण की योजना का समर्थन करते हैं। हालांकि, एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि 33% से भी कम इस बात पर अत्यधिक आश्वस्त हैं कि इस महत्वपूर्ण बदलाव को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, जो व्यावहारिक कार्यान्वयन के बारे में चिंताओं को दर्शाता है।

डच फिनटेक Adyen भारत में दीर्घकालिक विस्तार के अवसरों पर केंद्रित
डच फिनटेक फर्म Adyen भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है, क्योंकि वह देश के बढ़ते डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा बाजार में एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक अवसर देख रही है। कंपनी इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए स्थानीय विस्तार की योजना बना रही है।

AI भुगतान में कम विश्वास: केवल 23% अमेरिकी उपभोक्ता लेनदेन के लिए जेनरेटिव AI पर भरोसा करते हैं
वीज़ा द्वारा किए गए नए शोध से पता चला है कि केवल 23% अमेरिकी उपभोक्ता वर्तमान में अपने भुगतान लेनदेन को संभालने के लिए जेनरेटिव AI (GenAI) पर भरोसा करते हैं। यह निष्कर्ष वित्तीय सेवाओं में AI के लिए एक महत्वपूर्ण विश्वास अंतराल को उजागर करता है, इसके बावजूद कि खरीदारी यात्रा के अन्य पहलुओं में इसकी बढ़ती स्वीकृति है।
संबंधित खबरें

यूके भुगतान प्रणाली में बदलाव को उद्योग का समर्थन, कार्यान्वयन के विश्वास में कमी
यूके के 80% से अधिक वित्तीय उद्योग के नेता सरकार की भुगतान प्रणालियों के आधुनिकीकरण की योजना का समर्थन करते हैं। हालांकि, एक हालिया सर्वेक्षण से पता चलता है कि 33% से भी कम इस बात पर अत्यधिक आश्वस्त हैं कि इस महत्वपूर्ण बदलाव को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा, जो व्यावहारिक कार्यान्वयन के बारे में चिंताओं को दर्शाता है।

डच फिनटेक Adyen भारत में दीर्घकालिक विस्तार के अवसरों पर केंद्रित
डच फिनटेक फर्म Adyen भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही है, क्योंकि वह देश के बढ़ते डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा बाजार में एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक अवसर देख रही है। कंपनी इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए स्थानीय विस्तार की योजना बना रही है।

AI भुगतान में कम विश्वास: केवल 23% अमेरिकी उपभोक्ता लेनदेन के लिए जेनरेटिव AI पर भरोसा करते हैं
वीज़ा द्वारा किए गए नए शोध से पता चला है कि केवल 23% अमेरिकी उपभोक्ता वर्तमान में अपने भुगतान लेनदेन को संभालने के लिए जेनरेटिव AI (GenAI) पर भरोसा करते हैं। यह निष्कर्ष वित्तीय सेवाओं में AI के लिए एक महत्वपूर्ण विश्वास अंतराल को उजागर करता है, इसके बावजूद कि खरीदारी यात्रा के अन्य पहलुओं में इसकी बढ़ती स्वीकृति है।

फिनटेक हेलमगार्ड ने AI-संचालित कंप्लायंस प्लेटफॉर्म के लिए ₹60 करोड़ की फंडिंग हासिल की
वित्तीय प्रौद्योगिकी फर्म हेलमगार्ड ने सीड फंडिंग में $7.3 मिलियन (लगभग ₹60 करोड़) सफलतापूर्वक जुटाए हैं। इस पूंजी का उपयोग इसके AI-संचालित प्लेटफॉर्म को उन्नत करने के लिए किया जाएगा, जिसे वित्तीय सेवाओं सहित अत्यधिक विनियमित क्षेत्रों के लिए शासन, जोखिम और अनुपालन (GRC) कार्यों को स्वचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।