सोफी बैंक, मास्टरकार्ड पार्टनर फॉर ब्लॉकचेन-आधारित स्टेबलकॉइन सेटलमेंट

Source: Finextra
Arth Insight · What this means for your wallet
- सीधे तौर पर आपके दैनिक खर्च या भारत में लेनदेन पर कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- भविष्य में यह वैश्विक प्रवृत्ति सीमा-पार लेनदेन (जैसे प्रेषण) को सस्ता और तेज़ बना सकती है।
- भारतीय डिजिटल भुगतान और RBI की CBDC जैसी पहल भी इस तरह के नवाचारों से प्रभावित हो सकती हैं, जिससे दक्षता बढ़ेगी।
यूएस-आधारित सोफी बैंक ने मास्टरकार्ड के साथ मिलकर अपने पूरे कार्ड कार्यक्रम को ब्लॉकचेन सेटलमेंट में एकीकृत किया है, जिसमें अपने मालिकाना स्टेबलकॉइन, SoFiUSD का उपयोग किया गया है। यह कदम तेज़ और अधिक कुशल लेनदेन के लिए स्टेबलकॉइन तकनीक को मुख्यधारा के वित्तीय नेटवर्क में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
- ▸SoFi Bank मास्टरकार्ड के साथ साझेदारी में अपने कार्ड कार्यक्रम को अपने स्टेबलकॉइन, SoFiUSD का उपयोग करके ब्लॉकचेन सेटलमेंट में स्थानांतरित कर रहा है।
- ▸इसका उद्देश्य ब्लॉकचेन की वास्तविक समय प्रसंस्करण क्षमताओं का लाभ उठाकर कार्ड लेनदेन को तेज और अधिक कुशल बनाना है।
- ▸यह विकास दर्शाता है कि प्रमुख वित्तीय खिलाड़ी मुख्यधारा की भुगतान प्रणालियों में डिजिटल मुद्राओं और ब्लॉकचेन को कैसे एकीकृत कर रहे हैं।
- ▸हालांकि इसका भारत पर तत्काल सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है, यह डिजिटल भुगतान में वैश्विक रुझानों को दर्शाता है जो भविष्य के सीमा-पार लेनदेन या भारत के डिजिटल वित्त के विकास को प्रभावित कर सकता है।
- ✓SoFi Bank मास्टरकार्ड के साथ साझेदारी में अपने कार्ड कार्यक्रम को अपने स्टेबलकॉइन, SoFiUSD का उपयोग करके ब्लॉकचेन सेटलमेंट में स्थानांतरित कर रहा है।
- ✓इसका उद्देश्य ब्लॉकचेन की वास्तविक समय प्रसंस्करण क्षमताओं का लाभ उठाकर कार्ड लेनदेन को तेज और अधिक कुशल बनाना है।
- ✓यह विकास दर्शाता है कि प्रमुख वित्तीय खिलाड़ी मुख्यधारा की भुगतान प्रणालियों में डिजिटल मुद्राओं और ब्लॉकचेन को कैसे एकीकृत कर रहे हैं।
- ✓हालांकि इसका भारत पर तत्काल सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है, यह डिजिटल भुगतान में वैश्विक रुझानों को दर्शाता है जो भविष्य के सीमा-पार लेनदेन या भारत के डिजिटल वित्त के विकास को प्रभावित कर सकता है।
वैश्विक वित्तीय प्रौद्योगिकी परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, यूएस-आधारित सोफी बैंक ने भुगतान दिग्गज मास्टरकार्ड के साथ अपने पूरे कार्ड कार्यक्रम को ब्लॉकचेन सेटलमेंट में बदलने के लिए एक साझेदारी की घोषणा की है। यह अभिनव दृष्टिकोण सोफी बैंक के मालिकाना स्टेबलकॉइन, SoFiUSD का लाभ उठाएगा, जो पारंपरिक भुगतान प्रणालियों में डिजिटल मुद्राओं को एकीकृत करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।
इस साझेदारी में क्या शामिल है?
अनिवार्य रूप से, सोफी बैंक अब अपने कार्ड पर किए गए लेनदेन को पारंपरिक बैंकिंग सेटलमेंट चैनलों के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे ब्लॉकचेन पर SoFiUSD का उपयोग करके संसाधित करेगा। स्टेबलकॉइन क्रिप्टोकरेंसी हैं जिन्हें एक स्थिर मूल्य बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है, अक्सर यूएस डॉलर जैसी फिएट मुद्रा से जुड़ा होता है, ताकि बिटकॉइन जैसी अन्य डिजिटल संपत्तियों से जुड़ी अस्थिरता से बचा जा सके।
भुगतान प्रौद्योगिकी में एक वैश्विक नेता, मास्टरकार्ड, इस ब्लॉकचेन-आधारित सेटलमेंट तंत्र को अपने विशाल नेटवर्क में एकीकृत करके एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सहयोग का उद्देश्य लेनदेन के लिए सेटलमेंट प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, जिससे व्यापारियों, बैंकों और कार्डधारकों के बीच धन के तेज और अधिक कुशल आवागमन की संभावना है।
ब्लॉकचेन सेटलमेंट कैसे काम करता है
पारंपरिक भुगतान सेटलमेंट प्रणालियों को अक्सर कई मध्यस्थों और बैच प्रोसेसिंग के कारण लेनदेन को अंतिम रूप देने में कई दिन लग सकते हैं। दूसरी ओर, ब्लॉकचेन सेटलमेंट, 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन लगभग तात्कालिक और निरंतर प्रसंस्करण का वादा करता है। ब्लॉकचेन पर SoFiUSD जैसे स्टेबलकॉइन का उपयोग करके, यह प्रक्रिया कुछ पारंपरिक बाधाओं को समाप्त करती है, जिससे वास्तविक समय या लगभग वास्तविक समय में मूल्य का हस्तांतरण संभव हो जाता है।
यह विधि वित्तीय संस्थानों के लिए परिचालन लागत को काफी कम कर सकती है और तरलता प्रबंधन में सुधार कर सकती है। उपभोक्ताओं के लिए, जबकि कार्ड का उपयोग करने का तत्काल फ्रंट-एंड अनुभव अपरिवर्तित रहता है, अंतर्निहित अवसंरचना अधिक मजबूत और कुशल हो जाती है।
भुगतान के भविष्य के लिए निहितार्थ
एक फिनटेक-केंद्रित बैंक और एक प्रमुख भुगतान नेटवर्क के बीच यह सहयोग पारंपरिक वित्त में डिजिटल संपत्तियों को एकीकृत करने के बढ़ते चलन को उजागर करता है। यह स्थापित खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वे ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी को उसके सट्टात्मक उपयोगों से परे खोजें और अपनाएं, भुगतान अवसंरचना में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर ध्यान केंद्रित करें।
भारतीय खुदरा पाठकों के लिए, हालांकि एक अमेरिकी बैंक और वैश्विक कार्ड नेटवर्क द्वारा इस विशिष्ट विकास का भारत के भीतर लेनदेन पर तत्काल सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है, यह एक महत्वपूर्ण वैश्विक प्रवृत्ति का संकेत देता है। भारत स्वयं अपने एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) के साथ डिजिटल भुगतान में एक अग्रणी है, और भारतीय रिज़र्व बैंक अपनी स्वयं की सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की सक्रिय रूप से खोज कर रहा है। सोफी और मास्टरकार्ड जैसे विकास दर्शाते हैं कि पारंपरिक वित्तीय खिलाड़ी ब्लॉकचेन और स्टेबलकॉइन को कैसे एकीकृत कर रहे हैं, जो भविष्य के सीमा-पार भुगतानों या भारत के डिजिटल वित्त परिदृश्य के विकास को प्रभावित कर सकता है। वित्त की भविष्य की दिशा को समझने के लिए ऐसी नवाचारों के बारे में सूचित रहना महत्वपूर्ण है।
यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.
Frequently Asked Questions
ब्लॉकचेन सेटलमेंट पारंपरिक भुगतान विधियों से कैसे भिन्न है?
पारंपरिक भुगतान विधियों में अक्सर कई मध्यस्थ शामिल होते हैं और सेटलमेंट में कई दिन लग सकते हैं। सोफी और मास्टरकार्ड द्वारा उपयोग किए जाने वाले ब्लॉकचेन सेटलमेंट का उद्देश्य सीधे वितरित लेजर पर लेनदेन रिकॉर्ड करके लगभग तात्कालिक, 24/7 प्रसंस्करण करना है, जिससे यह संभावित रूप से तेज और अधिक कुशल हो जाता है।
इसका भारतीय ग्राहकों या भारतीय वित्तीय बाजार के लिए क्या मतलब है?
जबकि यह विकास एक अमेरिकी बैंक और एक वैश्विक नेटवर्क द्वारा किया गया है, इसका भारतीय ग्राहकों या घरेलू लेनदेन पर तत्काल सीधा प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, यह भुगतानों में ब्लॉकचेन और डिजिटल संपत्तियों को एकीकृत करने की दिशा में एक वैश्विक बदलाव का प्रतीक है, जो भविष्य में सीमा-पार लेनदेन में नवाचारों या भारत की अपनी डिजिटल वित्त रणनीतियों, जिसमें उसके CBDC प्रयास भी शामिल हैं, को प्रभावित कर सकता है।
Join the Arth Vani channels
Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.
क्योंकि आपने Fintech पढ़ा

कैनेडियन बैंक तेज़, प्रोग्रामयोग्य भुगतानों के लिए टोकनाइज्ड डिपॉजिट पर कर रहे हैं शोध
कनाडा के प्रमुख बैंक कैनेडियन-डॉलर टोकनाइज्ड डिपॉजिट सिस्टम विकसित करने के लिए सहयोग कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक सुरक्षित नेटवर्क पर पैसे के डिजिटल प्रतिनिधित्व भविष्य में तेज़ और अधिक कुशल स्वचालित भुगतान कैसे कर सकते हैं। यह पारंपरिक बैंकिंग में उन्नत प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के वैश्विक रुझान को उजागर करता है।

Snapdeal की मूल कंपनी AceVector ने वित्त वर्ष 26 में शुद्ध घाटा 64% घटाकर ₹45.5 करोड़ किया
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील की मूल कंपनी, AceVector लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने पुनः निर्धारित शुद्ध घाटे को लगभग 64% कम करके ₹45.5 करोड़ कर दिया है। वित्तीय प्रदर्शन में यह पर्याप्त सुधार कंपनी के लाभप्रदता की ओर एक मजबूत प्रक्षेपवक्र को इंगित करता है।

Kastle ने उपभोक्ता ऋण मंच में AI को आगे बढ़ाने के लिए $24 मिलियन जुटाए
उपभोक्ता ऋण के लिए AI समाधान विकसित करने वाली एक प्रौद्योगिकी फर्म, Kastle ने सीरीज़ A फंडिंग में $24 मिलियन सफलतापूर्वक जुटाए हैं। इस पूंजी निवेश से इसके AI कार्यबल मंच के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए ऋण प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाना है।
संबंधित खबरें

कैनेडियन बैंक तेज़, प्रोग्रामयोग्य भुगतानों के लिए टोकनाइज्ड डिपॉजिट पर कर रहे हैं शोध
कनाडा के प्रमुख बैंक कैनेडियन-डॉलर टोकनाइज्ड डिपॉजिट सिस्टम विकसित करने के लिए सहयोग कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एक सुरक्षित नेटवर्क पर पैसे के डिजिटल प्रतिनिधित्व भविष्य में तेज़ और अधिक कुशल स्वचालित भुगतान कैसे कर सकते हैं। यह पारंपरिक बैंकिंग में उन्नत प्रौद्योगिकी को एकीकृत करने के वैश्विक रुझान को उजागर करता है।

Snapdeal की मूल कंपनी AceVector ने वित्त वर्ष 26 में शुद्ध घाटा 64% घटाकर ₹45.5 करोड़ किया
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील की मूल कंपनी, AceVector लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने पुनः निर्धारित शुद्ध घाटे को लगभग 64% कम करके ₹45.5 करोड़ कर दिया है। वित्तीय प्रदर्शन में यह पर्याप्त सुधार कंपनी के लाभप्रदता की ओर एक मजबूत प्रक्षेपवक्र को इंगित करता है।

Kastle ने उपभोक्ता ऋण मंच में AI को आगे बढ़ाने के लिए $24 मिलियन जुटाए
उपभोक्ता ऋण के लिए AI समाधान विकसित करने वाली एक प्रौद्योगिकी फर्म, Kastle ने सीरीज़ A फंडिंग में $24 मिलियन सफलतापूर्वक जुटाए हैं। इस पूंजी निवेश से इसके AI कार्यबल मंच के विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के लिए ऋण प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं को सुव्यवस्थित और बेहतर बनाना है।
IPOताज़ाBharatPe ने सार्वजनिक लिस्टिंग से पहले ₹135 करोड़ का ऋण वित्तपोषण सुरक्षित किया
फिनटेक दिग्गज भारतपे ने संभावित आईपीओ के लिए अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करते हुए ₹135 करोड़ का ऋण वित्तपोषण जुटाया है। यह पूंजी निवेश ऐसे समय में आया है जब कंपनी लाभप्रदता हासिल करने और व्यापारियों के लिए अपनी ऋण पेशकशों का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
