Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5024,090.851%H 24,297.45 · L 24,090.85|Sensex76,933.590.93%H 77,694.97 · L 76,933.59|Bank Nifty57,509.950.01%H 58,012.4 · L 57,509.95|USD / INR₹95.540.01%H ₹95.54 · L ₹95.53|Gold Intl (10g)₹1,42,507.520.53%H ₹1,43,287.73 · L ₹1,42,501.38|Silver Intl (1kg)₹2,14,295.760.67%H ₹2,15,862.31 · L ₹2,14,265.04|Crude WTI₹7,961.350.24%H ₹8,004.34 · L ₹7,956.57|Bitcoin₹77,14,6292.71%H ₹78,19,198.62 · L ₹76,10,059.38|Ethereum₹2,40,7671.24%H ₹2,42,259.42 · L ₹2,39,274.58|Nifty 5024,090.851%H 24,297.45 · L 24,090.85|Sensex76,933.590.93%H 77,694.97 · L 76,933.59|Bank Nifty57,509.950.01%H 58,012.4 · L 57,509.95|USD / INR₹95.540.01%H ₹95.54 · L ₹95.53|Gold Intl (10g)₹1,42,507.520.53%H ₹1,43,287.73 · L ₹1,42,501.38|Silver Intl (1kg)₹2,14,295.760.67%H ₹2,15,862.31 · L ₹2,14,265.04|Crude WTI₹7,961.350.24%H ₹8,004.34 · L ₹7,956.57|Bitcoin₹77,14,6292.71%H ₹78,19,198.62 · L ₹76,10,059.38|Ethereum₹2,40,7671.24%H ₹2,42,259.42 · L ₹2,39,274.58|
0%
Fintech

Swift ने अनुपालन चुनौतियों के बीच बैंकों के लिए ISO 20022 की समय-सीमा बढ़ाई

Arth Vani Deskप्रकाशित: 3 मिनट पढ़ें
Swift ने अनुपालन चुनौतियों के बीच बैंकों के लिए ISO 20022 की समय-सीमा बढ़ाई

Source: Finextra

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
No direct action is required from retail customers, but this update signifies ongoing improvements in global payment efficiency that will benefit international transactions.
  • Swift ने बैंकों के लिए ISO 20022 भुगतान संदेशों के लिए संरचित डाक पते अपनाने की नवंबर की समय-सीमा बढ़ा दी है।
  • इस कदम का उद्देश्य वैश्विक वित्तीय मैसेजिंग को मानकीकृत करना है, जिससे त्रुटियों को कम करके अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को तेज़ और अधिक सटीक बनाया जा सके।
  • यह विस्तार इसलिए दिया गया क्योंकि दुनिया भर के बैंकों ने अपनी प्रणालियों को अपडेट करने और एक सहज संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया था।
Remind Me Radar
Remind me when this story updates
Recommended for you
Discover financial products for you
Explore
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

Swift ने वित्तीय संस्थानों के लिए ISO 20022 भुगतान संदेशों के लिए संरचित डाक पते अपनाने की पिछली निर्धारित नवंबर की समय-सीमा को स्थगित कर दिया है। यह विस्तार कई बैंकों द्वारा नई वैश्विक मानक के साथ अपनी प्रणालियों को संरेखित करने के लिए अधिक समय का अनुरोध करने के बाद आया है, जिसका उद्देश्य सीमा-पार भुगतानों की सटीकता और दक्षता को बढ़ाना है।

मुख्य बातें
  • Swift ने बैंकों के लिए ISO 20022 भुगतान संदेशों के लिए संरचित डाक पते अपनाने की नवंबर की समय-सीमा बढ़ा दी है।
  • इस कदम का उद्देश्य वैश्विक वित्तीय मैसेजिंग को मानकीकृत करना है, जिससे त्रुटियों को कम करके अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को तेज़ और अधिक सटीक बनाया जा सके।
  • यह विस्तार इसलिए दिया गया क्योंकि दुनिया भर के बैंकों ने अपनी प्रणालियों को अपडेट करने और एक सहज संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया था।
  • भारतीय खुदरा ग्राहकों के लिए, यह अंततः अधिक कुशल और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण का कारण बनेगा।
Key Takeaways
  • Swift ने बैंकों के लिए ISO 20022 भुगतान संदेशों के लिए संरचित डाक पते अपनाने की नवंबर की समय-सीमा बढ़ा दी है।
  • इस कदम का उद्देश्य वैश्विक वित्तीय मैसेजिंग को मानकीकृत करना है, जिससे त्रुटियों को कम करके अंतरराष्ट्रीय भुगतानों को तेज़ और अधिक सटीक बनाया जा सके।
  • यह विस्तार इसलिए दिया गया क्योंकि दुनिया भर के बैंकों ने अपनी प्रणालियों को अपडेट करने और एक सहज संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया था।
  • भारतीय खुदरा ग्राहकों के लिए, यह अंततः अधिक कुशल और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण का कारण बनेगा।

वैश्विक अंतरबैंक वित्तीय दूरसंचार नेटवर्क, Swift ने ISO 20022 भुगतान संदेशों के भीतर असंरचित से संरचित डाक पतों में परिवर्तन करने वाले बैंकों के लिए अपनी समय-सीमा के विस्तार की घोषणा की है। नवंबर के लिए निर्धारित मूल समय-सीमा को वित्तीय संस्थानों से व्यापक अनुरोधों के बाद आगे बढ़ा दिया गया है, जिन्हें नए मानक का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए अधिक समय की आवश्यकता है।

यह कदम भुगतान अवसंरचना को आधुनिक बनाने के चल रहे वैश्विक प्रयास में एक महत्वपूर्ण विकास है। ISO 20022 वित्तीय संस्थानों के बीच इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के आदान-प्रदान के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक है। वित्तीय लेनदेन, विशेष रूप से सीमा-पार भुगतानों के क्षेत्र में, गति, पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के लिए इसका अपनाया जाना महत्वपूर्ण है।

ISO 20022 क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

ISO 20022 मूल रूप से वित्तीय मैसेजिंग के लिए एक नई, समृद्ध भाषा है। पुराने, अधिक प्रतिबंधात्मक मैसेजिंग प्रारूपों के विपरीत, यह प्रत्येक भुगतान संदेश के भीतर कहीं अधिक विस्तृत जानकारी ले जाने की अनुमति देता है। इसमें प्रेषक और प्राप्तकर्ता के पतों के लिए संरचित डेटा शामिल है, जो अस्पष्टताओं को खत्म करने और त्रुटियों की संभावना को कम करने में मदद करता है।

भारतीय बैंकों और उनके ग्राहकों के लिए, ISO 20022 का पूर्ण अपनाने का मतलब अंतरराष्ट्रीय प्रेषण और अन्य सीमा-पार लेनदेन के लिए एक अधिक सुव्यवस्थित प्रक्रिया है। वर्तमान में, कई भुगतान संदेश पतों के लिए असंरचित पाठ क्षेत्रों का उपयोग करते हैं, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप, देरी और संभावित गलत व्याख्या या डेटा प्रविष्टि त्रुटियों के कारण उच्च लागत हो सकती है। संरचित प्रारूप में जाने से यह सुनिश्चित होता है कि पते की जानकारी लगातार स्वरूपित और मशीन-पठनीय है, जिससे सीधे प्रसंस्करण दरें (straight-through processing rates) बेहतर होती हैं।

देरी क्यों?

नवंबर की समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय मौजूदा बैंकिंग प्रणालियों में नई संरचित पते की आवश्यकताओं को एकीकृत करने की जटिलता से उपजा है। भारत सहित विश्व भर के वित्तीय संस्थानों को अपने आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने, अपने भुगतान प्रसंस्करण अनुप्रयोगों को अपडेट करने और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण संसाधन निवेश करने की आवश्यकता है। दैनिक रूप से संसाधित होने वाले लेनदेन की भारी मात्रा और भुगतान प्रणालियों की महत्वपूर्ण प्रकृति को देखते हुए, एक सहज और त्रुटि-मुक्त संक्रमण सुनिश्चित करना सर्वोपरि है। बैंकों ने दैनिक संचालन को बाधित किए बिना इन परिवर्तनों का ठीक से परीक्षण और परिनियोजन (deploy) करने के लिए सामूहिक रूप से अधिक समय का अनुरोध किया।

भारतीय ग्राहकों पर प्रभाव

हालांकि ISO 20022 प्रवासन एक आंतरिक बैंकिंग उद्योग का कार्य है, इसका सफल कार्यान्वयन अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में शामिल भारतीय खुदरा ग्राहकों को ठोस लाभ प्रदान करेगा। इनमें शामिल हैं:

  • तेज़ प्रेषण: संरचित डेटा मैन्युअल जांच की आवश्यकता को कम करता है, जिससे आने वाले और जाने वाले अंतरराष्ट्रीय भुगतानों के प्रसंस्करण में तेजी आती है।
  • कम त्रुटियाँ: मानकीकृत पता प्रारूप गलत या अधूरी जानकारी के कारण भुगतान अस्वीकृति या देरी की संभावना को कम करते हैं।
  • अधिक पारदर्शिता: संदेशों के भीतर समृद्ध डेटा भुगतान यात्रा पर अधिक स्पष्टता प्रदान कर सकता है, हालांकि यह लेनदेन को ट्रैक करने में बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए अधिक प्रासंगिक है।
  • संभावित लागत बचत: लंबी अवधि में, बढ़ी हुई दक्षता और कम मैन्युअल कार्य बैंकों के लिए परिचालन लागत को कम कर सकते हैं, जो अंततः ग्राहकों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी शुल्कों में परिवर्तित हो सकता है।

यह विस्तार बैंकों को आवश्यक समायोजन करने के लिए पर्याप्त समय देता है, जो अंततः एक अधिक मजबूत और कुशल वैश्विक भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा जिससे भारतीय ग्राहकों को सीधा लाभ होगा। हालांकि कोई नई समय-सीमा निर्दिष्ट नहीं की गई है, यह कदम नए वैश्विक मानक में एक स्थिर और प्रभावी संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए Swift की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Community Pulse · This story

How readers rate the outlook after reading this article. Anonymous · one vote per reader · updates live.

Bullish 50%50% Bearish
Be the first to call it
Did this advice help you?
Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
IDFC FIRST Savings
Savings Account
7.0%
Interest p.a.
Current Account Pro
Current Account · ICICI
₹0
Min Balance
Bandhan Bank FD
Fixed Deposit
7.85%
FD Rate
SBI Recurring Deposit
Recurring Deposit
7.0%
RD Rate
HDFC Millennia Card
Credit Card
5%
Cashback
Axis Ace Credit Card
Credit Card
5%
Cashback

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

ISO 20022 क्या है?

ISO 20022 वित्तीय संस्थानों के बीच आदान-प्रदान किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक संदेशों के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक है, जिसे वित्तीय लेनदेन, विशेष रूप से भुगतानों के लिए समृद्ध डेटा और अधिक दक्षता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Swift ने ISO 20022 संरचित पतों की समय-सीमा क्यों बढ़ाई?

Swift ने समय-सीमा बढ़ाई क्योंकि कई बैंकों ने भुगतान संदेशों में संरचित डाक पतों की नई आवश्यकताओं का अनुपालन करने के लिए अपनी जटिल आईटी प्रणालियों और प्रक्रियाओं को अपडेट करने के लिए अधिक समय का अनुरोध किया था।

यह परिवर्तन भारतीय खुदरा ग्राहकों को कैसे प्रभावित करता है?

जबकि यह परिवर्तन मुख्य रूप से बैंकों को प्रभावित करता है, भारतीय खुदरा ग्राहकों को अंततः वैश्विक भुगतान प्रसंस्करण में कम त्रुटियों और बढ़ी हुई दक्षता के कारण सुगम, तेज़ और अधिक सटीक अंतरराष्ट्रीय धन हस्तांतरण से लाभ होगा।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Fintech पढ़ा

RQD* Clearing ने Bain Capital के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त किया
Fintech

RQD* Clearing ने Bain Capital के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त किया

यूएस-आधारित प्रौद्योगिकी फर्म RQD* Clearing, जो क्लियरिंग और कस्टडी सेवाओं पर केंद्रित है, ने अल्पसंख्यक वृद्धि निवेश के रूप में $74 मिलियन (लगभग ₹617 करोड़) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व वैश्विक प्राइवेट इक्विटी दिग्गज बेन कैपिटल ने किया था। इस निवेश का उद्देश्य कंपनी के वित्तीय सेवा क्षेत्र में विस्तार को बढ़ावा देना है।

53m ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
RQD* क्लियरिंग को बेन कैपिटल के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त हुआ
Fintech

RQD* क्लियरिंग को बेन कैपिटल के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त हुआ

RQD* क्लियरिंग, क्लियरिंग और कस्टडी सेवाओं पर केंद्रित एक अमेरिकी प्रौद्योगिकी फर्म, ने अल्पसंख्यक वृद्धि निवेश (minority growth investment) में $74 मिलियन (लगभग ₹617 करोड़) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व वैश्विक निजी इक्विटी दिग्गज बेन कैपिटल ने किया। इस निवेश का उद्देश्य वित्तीय सेवा क्षेत्र में कंपनी के विस्तार को गति देना है।

53m ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
जियोफाइनेंस ऐप में वित्तीय सलाह के लिए AI पर्सनल सीएफओ की सुविधा होगी
Fintech

जियोफाइनेंस ऐप में वित्तीय सलाह के लिए AI पर्सनल सीएफओ की सुविधा होगी

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज अपने जियोफाइनेंस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-संचालित 'पर्सनल सीएफओ' सुविधा लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह नया टूल उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत वित्तीय मार्गदर्शन और सलाह प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।

17h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

RQD* Clearing ने Bain Capital के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त किया
Fintech

RQD* Clearing ने Bain Capital के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त किया

यूएस-आधारित प्रौद्योगिकी फर्म RQD* Clearing, जो क्लियरिंग और कस्टडी सेवाओं पर केंद्रित है, ने अल्पसंख्यक वृद्धि निवेश के रूप में $74 मिलियन (लगभग ₹617 करोड़) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व वैश्विक प्राइवेट इक्विटी दिग्गज बेन कैपिटल ने किया था। इस निवेश का उद्देश्य कंपनी के वित्तीय सेवा क्षेत्र में विस्तार को बढ़ावा देना है।

53m ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
RQD* क्लियरिंग को बेन कैपिटल के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त हुआ
Fintech

RQD* क्लियरिंग को बेन कैपिटल के नेतृत्व में ₹617 करोड़ ($74M) का निवेश प्राप्त हुआ

RQD* क्लियरिंग, क्लियरिंग और कस्टडी सेवाओं पर केंद्रित एक अमेरिकी प्रौद्योगिकी फर्म, ने अल्पसंख्यक वृद्धि निवेश (minority growth investment) में $74 मिलियन (लगभग ₹617 करोड़) जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व वैश्विक निजी इक्विटी दिग्गज बेन कैपिटल ने किया। इस निवेश का उद्देश्य वित्तीय सेवा क्षेत्र में कंपनी के विस्तार को गति देना है।

53m ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
जियोफाइनेंस ऐप में वित्तीय सलाह के लिए AI पर्सनल सीएफओ की सुविधा होगी
Fintech

जियोफाइनेंस ऐप में वित्तीय सलाह के लिए AI पर्सनल सीएफओ की सुविधा होगी

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज अपने जियोफाइनेंस ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-संचालित 'पर्सनल सीएफओ' सुविधा लॉन्च करने के लिए तैयार है। यह नया टूल उपयोगकर्ताओं को व्यक्तिगत वित्तीय मार्गदर्शन और सलाह प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।

17h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
बिन्नी बंसल ने अर्ली-स्टेज इम्पैक्ट स्टार्टअप्स के लिए TILT के नए ₹250 करोड़ के फंड का समर्थन किया
New Launchताज़ा
Fintech

बिन्नी बंसल ने अर्ली-स्टेज इम्पैक्ट स्टार्टअप्स के लिए TILT के नए ₹250 करोड़ के फंड का समर्थन किया

The/Nudge Foundation की निवेश शाखा TILT ने सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित अर्ली-स्टेज स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए ₹250 करोड़ का वेंचर फंड लॉन्च किया है। फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक बिन्नी बंसल द्वारा समर्थित, इस फंड का उद्देश्य भारत की बड़े पैमाने की चुनौतियों का समाधान करने वाले उद्यमियों के लिए फंडिंग की कमी को दूर करना है।

17h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें