Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5022,421.950.88%H 22,610.6 · L 22,217.3as of 01 Oct, 3:31 PM IST|Sensex71,909.70.79%H 72,572.9 · L 71,292.88as of 01 Oct, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,450.750.33%H 55,091.45 · L 54,066.6as of 01 Oct, 3:31 PM IST|USD / INR₹96.30.01%H ₹96.31 · L ₹96.3as of 03 Oct, 2:48 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,29,1730.72%H ₹1,31,863.52 · L ₹1,28,606.41as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,87,965.120.76%H ₹1,93,367.84 · L ₹1,85,720.43as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Crude WTI₹8,788.341.73%H ₹9,005.01 · L ₹8,480.18as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Bitcoin₹81,11,2460.64%H ₹81,37,182.79 · L ₹80,85,309.21as of 03 Oct, 1:45 AM IST|Ethereum₹2,56,4941.38%H ₹2,58,265.66 · L ₹2,54,722.34as of 03 Oct, 1:45 AM IST|Nifty 5022,421.950.88%H 22,610.6 · L 22,217.3as of 01 Oct, 3:31 PM IST|Sensex71,909.70.79%H 72,572.9 · L 71,292.88as of 01 Oct, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,450.750.33%H 55,091.45 · L 54,066.6as of 01 Oct, 3:31 PM IST|USD / INR₹96.30.01%H ₹96.31 · L ₹96.3as of 03 Oct, 2:48 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,29,1730.72%H ₹1,31,863.52 · L ₹1,28,606.41as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,87,965.120.76%H ₹1,93,367.84 · L ₹1,85,720.43as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Crude WTI₹8,788.341.73%H ₹9,005.01 · L ₹8,480.18as of 03 Oct, 2:29 AM IST|Bitcoin₹81,11,2460.64%H ₹81,37,182.79 · L ₹80,85,309.21as of 03 Oct, 1:45 AM IST|Ethereum₹2,56,4941.38%H ₹2,58,265.66 · L ₹2,54,722.34as of 03 Oct, 1:45 AM IST|
0%
Fintechताज़ा

यूपीआई भुगतान फर्में नए मर्चेंट शुल्क में बड़ी हिस्सेदारी चाह रही हैं

Arth Vani Deskप्रकाशित: 2 मिनट पढ़ें
यूपीआई भुगतान फर्में नए मर्चेंट शुल्क में बड़ी हिस्सेदारी चाह रही हैं

Source: GNews Fintech

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
अपनी यूपीआई ऐप्स से आने वाले अपडेट्स पर नज़र रखें।
  • आपके यूपीआई लेनदेन अभी भी निःशुल्क रहेंगे, इसलिए तत्काल कोई सीधा वित्तीय बोझ नहीं है।
  • यदि व्यापारियों पर शुल्क बढ़ता है, तो वे अप्रत्यक्ष रूप से वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बढ़ा सकते हैं, जिससे आपकी जेब पर असर पड़ सकता है।
  • भुगतान फर्मों को अधिक राजस्व मिलने से यूपीआई सेवाओं में सुधार या नए फीचर्स आ सकते हैं, जो आपके डिजिटल अनुभव को बेहतर बना सकते हैं।
Recommended for you
Discover financial products for you
Explore
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

भारत की यूपीआई भुगतान फर्में कथित तौर पर नए पेश किए गए मर्चेंट शुल्क का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए बातचीत कर रही हैं। यह बातचीत देश के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में हितधारकों के बीच राजस्व वितरण को नया आकार दे सकती है, विशेष रूप से भुगतान सेवा प्रदाताओं के मुआवजे के संबंध में।

मुख्य बातें
  • ▸भारतीय यूपीआई भुगतान फर्में नए मर्चेंट शुल्क में बड़ी हिस्सेदारी के लिए बातचीत कर रही हैं।
  • ▸इस कदम का उद्देश्य यूपीआई भुगतान ऐप विकसित करने और बनाए रखने वाली फर्मों के लिए राजस्व बढ़ाना है।
  • ▸परिणाम भुगतान प्रदाताओं के अर्थशास्त्र को प्रभावित कर सकता है और संभावित रूप से व्यापारियों पर असर डाल सकता है।
Key Takeaways
  • ✓भारतीय यूपीआई भुगतान फर्में नए मर्चेंट शुल्क में बड़ी हिस्सेदारी के लिए बातचीत कर रही हैं।
  • ✓इस कदम का उद्देश्य यूपीआई भुगतान ऐप विकसित करने और बनाए रखने वाली फर्मों के लिए राजस्व बढ़ाना है।
  • ✓परिणाम भुगतान प्रदाताओं के अर्थशास्त्र को प्रभावित कर सकता है और संभावित रूप से व्यापारियों पर असर डाल सकता है।

न्यूज़अफ़िनिटी (NewsAffinity) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भुगतान फर्में वर्तमान में नए मर्चेंट शुल्क का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए बातचीत में लगी हुई हैं। यह विकास देश के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल भुगतान परिदृश्य के भीतर विभिन्न प्रतिभागियों के बीच राजस्व आवंटन के संबंध में चल रही चर्चाओं का संकेत देता है।

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारशिला के रूप में उभरा है, जो व्यक्तियों और व्यापारियों के बीच तुरंत, वास्तविक समय में भुगतान की सुविधा प्रदान करता है। इसके व्यापक उपयोग के साथ, इस इकोसिस्टम में बैंक, भुगतान सेवा प्रदाता (PSP) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) जैसे कई खिलाड़ी शामिल हैं, जो यूपीआई प्लेटफॉर्म का संचालन करते हैं।

डिजिटल भुगतान में मर्चेंट शुल्क को समझना

मर्चेंट शुल्क आमतौर पर व्यवसायों द्वारा ग्राहकों से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए भुगतान किए जाने वाले शुल्क होते हैं। ये शुल्क लेनदेन को संसाधित करने, भुगतान बुनियादी ढांचे को बनाए रखने और सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित करने से जुड़ी लागतों को कवर करते हैं। यूपीआई लेनदेन के लिए, इन शुल्कों की संरचना और इकोसिस्टम प्रतिभागियों के बीच उनका वितरण भुगतान फर्मों की स्थिरता और लाभप्रदता के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भुगतान फर्में, जिन्हें अक्सर पीएसपी (PSP) या तृतीय-पक्ष एप्लिकेशन प्रदाता (TPAP) के रूप में जाना जाता है, उपयोगकर्ता के अनुकूल ऐप विकसित करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं जो ग्राहकों को यूपीआई भुगतान करने में सक्षम बनाती हैं। उनकी परिचालन लागत में प्रौद्योगिकी विकास, ग्राहक सहायता, धोखाधड़ी का पता लगाना और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विपणन प्रयास शामिल हैं। मर्चेंट शुल्क का एक बड़ा हिस्सा सीधे उनकी राजस्व धाराओं को प्रभावित करेगा और संभवतः नवाचार और सेवा विस्तार में आगे के निवेश की अनुमति देगा।

डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम के लिए निहितार्थ

चल रही बातचीत भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र की गतिशील प्रकृति पर प्रकाश डालती है। जबकि 'नए मर्चेंट शुल्क' और प्रस्तावित आवंटन के विशिष्ट विवरण सार्वजनिक रूप से विस्तृत नहीं हैं, ऐसी चर्चाओं में अक्सर व्यापारियों के हितों को संतुलित करना शामिल होता है, जो कम लेनदेन लागत पसंद करते हैं, साथ ही भुगतान फर्मों के लिए अपने परिचालन को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए पर्याप्त राजस्व उत्पन्न करने की आवश्यकता भी होती है।

एक संशोधित शुल्क-साझाकरण मॉडल के कई निहितार्थ हो सकते हैं:

  • भुगतान फर्मों के लिए: एक बड़ी हिस्सेदारी लाभप्रदता में सुधार कर सकती है, यूपीआई बुनियादी ढांचे में आगे के निवेश को प्रोत्साहित कर सकती है, और संभवतः उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर सेवाओं या नई सुविधाओं को जन्म दे सकती है।
  • व्यापारियों के लिए: जिस तरह से शुल्क संरचित और अंततः पारित किए जाते हैं, उसके आधार पर यह यूपीआई भुगतान स्वीकार करने की लागत को प्रभावित कर सकता है।
  • उपभोक्ताओं के लिए: जबकि उपभोक्ताओं के लिए यूपीआई लेनदेन आमतौर पर मुफ्त रहते हैं, व्यवसायों के लिए अंतर्निहित शुल्क संरचना में बदलाव लंबी अवधि में व्यापारी व्यवहार या सेवा पेशकशों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

ये बातचीत भारत के डिजिटल भुगतान क्षेत्र के विकास और परिपक्वता का प्रमाण हैं, जहां हितधारक न्यायसंगत और टिकाऊ आर्थिक मॉडल स्थापित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इन चर्चाओं के परिणाम पर उद्योग द्वारा बारीकी से नज़र रखी जाएगी क्योंकि यह दुनिया के सबसे सक्रिय डिजिटल भुगतान प्रणालियों में से एक में राजस्व कैसे वितरित किया जाता है, इसके लिए नए उदाहरण स्थापित कर सकता है।

यह रिपोर्ट केवल सूचना के उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले एक योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Digital Neobank Account
Zero-paperwork · app-first
Digital
Account
UPI & Payments App
Instant transfers & bills
UPI
Instant
Buy Now, Pay Later
Split purchases flexibly
BNPL
Flexible
Digital Gold
Buy & sell in-app
Gold
Digital
Smart Expense Manager
Auto-track & budget
Track
Budgeting
Instant App Loan
Paperless personal credit
Instant
Disbursal

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

यूपीआई भुगतान फर्में किस बात के लिए बातचीत कर रही हैं?

भारत में यूपीआई भुगतान फर्में डिजिटल लेनदेन से जुड़े नए मर्चेंट शुल्क का एक बड़ा हिस्सा प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रही हैं।

इस संदर्भ में 'मर्चेंट शुल्क' क्या हैं?

मर्चेंट शुल्क वे शुल्क हैं जो व्यवसाय आमतौर पर डिजिटल भुगतान स्वीकार करने के लिए भुगतान करते हैं, जिसमें लेनदेन को संसाधित करने और भुगतान बुनियादी ढांचे को बनाए रखने की लागत शामिल होती है।

इन वार्ताओं में कौन शामिल है?

इन वार्ताओं में मुख्य रूप से भारत की यूपीआई भुगतान फर्में शामिल हैं, जो संभवतः डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में अन्य प्रमुख हितधारकों जैसे बैंकों और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के साथ बातचीत कर रही हैं।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Fintech पढ़ा

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
Fintech

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

फिनटेक प्रमुख पाइन लैब्स ने P3P नामक एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है। P3P की सुविधाओं और लक्षित दर्शकों के बारे में विशिष्ट विवरणों का इंतजार है, लेकिन यह कदम भारतीय डिजिटल भुगतान और व्यापारी वाणिज्य पारिस्थितिकी तंत्र में पाइन लैब्स के निरंतर नवाचार को दर्शाता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
Fintech

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पाइन लैब्स ने P3P नामक एक नए प्लेटफॉर्म के लॉन्च की घोषणा की है। जबकि P3P की विशेषताओं और लक्षित दर्शकों के बारे में विशिष्ट विवरणों का इंतजार है, यह कदम भारतीय डिजिटल भुगतान और मर्चेंट कॉमर्स इकोसिस्टम में पाइन लैब्स के निरंतर नवाचार को दर्शाता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
बार्कलेज ने बैंकिंग संचालन के आधुनिकीकरण के लिए एंथ्रोपिक के क्लाउड के साथ एआई के उपयोग का विस्तार किया
Fintech

बार्कलेज ने बैंकिंग संचालन के आधुनिकीकरण के लिए एंथ्रोपिक के क्लाउड के साथ एआई के उपयोग का विस्तार किया

वैश्विक बैंकिंग दिग्गज बार्कलेज सॉफ्टवेयर विकास को तेज करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए एंथ्रोपिक के एआई मॉडल, क्लाउड को अपनाने में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य बैंक की पुरानी प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना है, जो प्रमुख वित्तीय संस्थानों द्वारा आंतरिक प्रक्रियाओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

1d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
Fintech

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पाइन लैब्स ने P3P नामक एक नए प्लेटफॉर्म के लॉन्च की घोषणा की है। जबकि P3P की विशेषताओं और लक्षित दर्शकों के बारे में विशिष्ट विवरणों का इंतजार है, यह कदम भारतीय डिजिटल भुगतान और मर्चेंट कॉमर्स इकोसिस्टम में पाइन लैब्स के निरंतर नवाचार को दर्शाता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया
Fintech

पाइन लैब्स ने फिनटेक पेशकशों का विस्तार करने के लिए नया 'P3P' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया

फिनटेक प्रमुख पाइन लैब्स ने P3P नामक एक नया प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की घोषणा की है। P3P की सुविधाओं और लक्षित दर्शकों के बारे में विशिष्ट विवरणों का इंतजार है, लेकिन यह कदम भारतीय डिजिटल भुगतान और व्यापारी वाणिज्य पारिस्थितिकी तंत्र में पाइन लैब्स के निरंतर नवाचार को दर्शाता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
बार्कलेज ने बैंकिंग संचालन के आधुनिकीकरण के लिए एंथ्रोपिक के क्लाउड के साथ एआई के उपयोग का विस्तार किया
Fintech

बार्कलेज ने बैंकिंग संचालन के आधुनिकीकरण के लिए एंथ्रोपिक के क्लाउड के साथ एआई के उपयोग का विस्तार किया

वैश्विक बैंकिंग दिग्गज बार्कलेज सॉफ्टवेयर विकास को तेज करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए एंथ्रोपिक के एआई मॉडल, क्लाउड को अपनाने में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य बैंक की पुरानी प्रणालियों का आधुनिकीकरण करना है, जो प्रमुख वित्तीय संस्थानों द्वारा आंतरिक प्रक्रियाओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का लाभ उठाने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

1d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
ऑस्ट्रेलिया का वीमनी एआई, ओपन बैंकिंग का लाभ उठाकर बेहतर ऋण मूल्यांकन प्रदान करता है
New Launchताज़ा
Fintech

ऑस्ट्रेलिया का वीमनी एआई, ओपन बैंकिंग का लाभ उठाकर बेहतर ऋण मूल्यांकन प्रदान करता है

ऑस्ट्रेलियाई फिनटेक वीमनी ने ओपन बैंकिंग डेटा का उपयोग करके ऋण आवेदनों का मूल्यांकन करने के लिए एक नई एआई-संचालित सेवा शुरू की है। ऑस्ट्रेलिया के उपभोक्ता डेटा अधिकार (Consumer Data Right) पर निर्मित इस नवाचार का उद्देश्य अधिक व्यक्तिगत और कुशल ऋण निर्णय प्रदान करना है।

1d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund