Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5022,620.450.7%H 22,809.35 · L 22,595.2as of 30 Sep, 3:31 PM IST|Sensex72,480.290.4%H 73,062.23 · L 72,366.44as of 30 Sep, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,633.050.3%H 55,135.5 · L 54,174.3as of 30 Sep, 3:31 PM IST|USD / INR₹95.820%H ₹95.99 · L ₹95.73as of 2:52 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,28,871.10.08%H ₹1,29,142.2 · L ₹1,28,827.97upd. 4:48 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,86,812.570.12%H ₹1,87,305.48 · L ₹1,86,720.15upd. 4:47 AM IST|Crude WTI₹8,629.550.4%H ₹8,672.67 · L ₹8,625.72upd. 4:47 AM IST|Bitcoin₹80,29,4050.2%H ₹80,37,508.25 · L ₹80,21,301.75upd. 4:51 AM IST|Ethereum₹2,57,9330.08%H ₹2,58,030.25 · L ₹2,57,835.75upd. 4:51 AM IST|Nifty 5022,620.450.7%H 22,809.35 · L 22,595.2as of 30 Sep, 3:31 PM IST|Sensex72,480.290.4%H 73,062.23 · L 72,366.44as of 30 Sep, 3:32 PM IST|Bank Nifty54,633.050.3%H 55,135.5 · L 54,174.3as of 30 Sep, 3:31 PM IST|USD / INR₹95.820%H ₹95.99 · L ₹95.73as of 2:52 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,28,871.10.08%H ₹1,29,142.2 · L ₹1,28,827.97upd. 4:48 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,86,812.570.12%H ₹1,87,305.48 · L ₹1,86,720.15upd. 4:47 AM IST|Crude WTI₹8,629.550.4%H ₹8,672.67 · L ₹8,625.72upd. 4:47 AM IST|Bitcoin₹80,29,4050.2%H ₹80,37,508.25 · L ₹80,21,301.75upd. 4:51 AM IST|Ethereum₹2,57,9330.08%H ₹2,58,030.25 · L ₹2,57,835.75upd. 4:51 AM IST|
0%
Stock Market

NSE अपने CSR फंड का 10% सोशल स्टॉक एक्सचेंज में करेगा ट्रांसफर, प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता को मिलेगा बढ़ावा

Arth Vani Deskप्रकाशित: 2 मिनट पढ़ें
NSE अपने CSR फंड का 10% सोशल स्टॉक एक्सचेंज में करेगा ट्रांसफर, प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता को मिलेगा बढ़ावा

Source: Economictimes

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
Retail investors should watch for increased listings on the Social Stock Exchange as corporate participation grows, offering new ways to contribute to transparent social causes.
  • NSE will now spend 10% of its CSR budget through the Social Stock Exchange (SSE).
  • Recent regulatory changes now allow companies to use SSE-listed instruments to meet CSR goals.
  • The move is designed to improve transparency and tracking of how social funds are used.
Recommended for you
Track live indices, stocks & movers
Open Markets
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने घोषणा की है कि वह अपने वार्षिक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) बजट का 10% सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) के माध्यम से खर्च करेगा। यह कदम नए नियामक अनुमोदनों के बाद उठाया गया है, जो कंपनियों को अपने सामाजिक वित्तपोषण जनादेशों को पूरा करने के लिए SSE-सूचीबद्ध उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति देते हैं।

मुख्य बातें
  • ▸NSE will now spend 10% of its CSR budget through the Social Stock Exchange (SSE).
  • ▸Recent regulatory changes now allow companies to use SSE-listed instruments to meet CSR goals.
  • ▸The move is designed to improve transparency and tracking of how social funds are used.
  • ▸NSE’s adoption provides credibility to the SSE, potentially attracting more corporate and retail interest.
Key Takeaways
  • ✓NSE will now spend 10% of its CSR budget through the Social Stock Exchange (SSE).
  • ✓Recent regulatory changes now allow companies to use SSE-listed instruments to meet CSR goals.
  • ✓The move is designed to improve transparency and tracking of how social funds are used.
  • ✓NSE’s adoption provides credibility to the SSE, potentially attracting more corporate and retail interest.

सोशल इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग के इकोसिस्टम को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण कदम में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने वार्षिक कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कोष का 10% सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) के माध्यम से संचालित करने के अपने निर्णय की घोषणा की है। यह बदलाव NSE को उस प्लेटफॉर्म के शुरुआती प्रमुख संस्थागत अपनाने वालों में से एक बनाता है जिसे बनाने में उसने स्वयं मदद की थी।

अधिक पारदर्शिता की ओर एक बदलाव

यह निर्णय हाल के नियामक बदलावों के तुरंत बाद आया है जो भारतीय कंपनियों को उनके अनिवार्य CSR आवश्यकताओं के तहत SSE-सूचीबद्ध उपकरणों पर खर्च किए गए धन को गिनने की अनुमति देते हैं। SSE के माध्यम से फंड भेजकर, NSE का लक्ष्य सामाजिक खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करना है।

पारंपरिक CSR गतिविधियों के विपरीत, जिनकी अक्सर सार्वजनिक निरीक्षण की कमी के लिए आलोचना की जाती है, सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध परियोजनाओं को सख्त प्रकटीकरण मानदंडों (disclosure norms) का पालन करना होगा। यह दाताओं और आम जनता को यह ट्रैक करने की अनुमति देता है कि पैसे का उपयोग कैसे किया जा रहा है और यह जमीन पर क्या ठोस प्रभाव डाल रहा है।

सोशल स्टॉक एक्सचेंज क्यों महत्वपूर्ण है

सोशल स्टॉक एक्सचेंज मौजूदा स्टॉक एक्सचेंजों के भीतर एक समर्पित खंड है जिसे सामाजिक उद्यमों — गैर-लाभकारी और लाभ-केंद्रित संगठनों दोनों — को पूंजी जुटाने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। खुदरा निवेशकों और बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए, यह शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा से लेकर पर्यावरणीय स्थिरता तक के कारणों को वित्तपोषित करने के लिए एक विनियमित वातावरण प्रदान करता है।

इस प्लेटफॉर्म के प्रमुख लाभों में शामिल हैं:

  • सत्यापित प्रभाव (Verified Impact): सूचीबद्ध प्रत्येक परियोजना को यह सुनिश्चित करने के लिए कठोर ऑडिट से गुजरना होगा कि धन इच्छित लाभार्थियों तक पहुंचे।
  • मानकीकृत रिपोर्टिंग: संगठनों को समय-समय पर अपडेट प्रदान करना होगा, जिससे योगदानकर्ताओं के लिए विभिन्न सामाजिक पहलों की प्रभावशीलता की तुलना करना आसान हो जाएगा।
  • संस्थागत विश्वास: NSE जैसी बड़ी इकाई द्वारा अपने स्वयं के फंड देने के साथ, प्लेटफॉर्म को अन्य बड़े कॉर्पोरेट घरानों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक संस्थागत विश्वसनीयता प्राप्त होती है।

बाजार के लिए इसके क्या मायने हैं

NSE की प्रतिबद्धता से अन्य ब्लू-चिप कंपनियों के लिए भी इसी मार्ग का अनुसरण करने के लिए एक उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में कार्य करने की उम्मीद है। जैसे-जैसे अधिक कॉर्पोरेट फंड SSE में प्रवाहित होंगे, प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामाजिक परियोजनाओं की तरलता (liquidity) और विविधता बढ़ने की संभावना है। भारतीय खुदरा पाठक के लिए, यह कदम एक नए एसेट क्लास के परिपक्व होने का संकेत देता है जहां 'रिटर्न' को केवल वित्तीय लाभ के बजाय सामाजिक भलाई में मापा जाता है।

उच्च-मूल्य वाले CSR खर्च के लिए SSE को एक प्राथमिक चैनल के रूप में वैध बनाकर, NSE भारत में परोपकार के लिए अधिक संगठित और पेशेवर दृष्टिकोण का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, जो निकट भविष्य में प्रत्यक्ष खुदरा भागीदारी के लिए दरवाजे खोल सकता है।

सोशल स्टॉक एक्सचेंज में निवेश में जोखिम शामिल हैं; कृपया भाग लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें और सभी प्रस्ताव दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
14.7%
3Y CAGR
Bharat Mobility IPO
Mainboard · Auto
+20.5%
GMP
View IPO
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
12.2%
3Y CAGR
GreenVolt Energy IPO
Mainboard · Renewables
+13.8%
GMP
View IPO
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
11.0%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
10.4%
3Y CAGR

Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Stock Market पढ़ा

SME मल्टीबैगर्स: Apsis Aerocom और Grover Jewells में 8 महीनों में 400% से अधिक का उछाल
IPOताज़ा
Stock Market

SME मल्टीबैगर्स: Apsis Aerocom और Grover Jewells में 8 महीनों में 400% से अधिक का उछाल

दो हालिया SME IPO, Apsis Aerocom और Grover Jewells ने लिस्टिंग के मात्र आठ महीनों के भीतर निवेशकों को 400% से अधिक का भारी रिटर्न दिया है। जहाँ Apsis रक्षा और स्वास्थ्य सेवा अनुबंधों के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं Grover Jewells में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण तेजी देखी जा रही है।

11h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
स्थापित फंड हाउसों ने अधिकांश म्यूचुअल फंड श्रेणियों में नए एएमसी को पछाड़ा: मिंट विश्लेषण
Stock Market

स्थापित फंड हाउसों ने अधिकांश म्यूचुअल फंड श्रेणियों में नए एएमसी को पछाड़ा: मिंट विश्लेषण

मिंट के एक हालिया विश्लेषण से पता चला है कि भारत में स्थापित 'पुराने' म्यूचुअल फंड हाउसों ने आम तौर पर नई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अध्ययन, जिसमें छह अलग-अलग म्यूचुअल फंड श्रेणियां शामिल थीं, में पाया गया कि पुराने फंड हाउसों ने इनमें से चार श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन किया, जो बाजार की अस्थिरता के बीच उनकी लचीलापन को उजागर करता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
OPEC अगले महीने कच्चे तेल का उत्पादन अपरिवर्तित रखने की संभावना; भारतीय ईंधन कीमतों पर असर
Stock Market

OPEC अगले महीने कच्चे तेल का उत्पादन अपरिवर्तित रखने की संभावना; भारतीय ईंधन कीमतों पर असर

प्रमुख OPEC+ सदस्य अगले महीने के लिए अपने मौजूदा कच्चे तेल उत्पादन कोटे को बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसका निर्णय इस सप्ताह के अंत में उनकी बैठक के दौरान होने की संभावना है। यह कदम मौजूदा आपूर्ति रणनीति की निरंतरता का सुझाव देता है, जिसका अर्थ वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और परिणामस्वरूप भारतीय ईंधन लागत के लिए कोई तत्काल राहत नहीं हो सकता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

SME मल्टीबैगर्स: Apsis Aerocom और Grover Jewells में 8 महीनों में 400% से अधिक का उछाल
IPOताज़ा
Stock Market

SME मल्टीबैगर्स: Apsis Aerocom और Grover Jewells में 8 महीनों में 400% से अधिक का उछाल

दो हालिया SME IPO, Apsis Aerocom और Grover Jewells ने लिस्टिंग के मात्र आठ महीनों के भीतर निवेशकों को 400% से अधिक का भारी रिटर्न दिया है। जहाँ Apsis रक्षा और स्वास्थ्य सेवा अनुबंधों के दम पर आगे बढ़ रहा है, वहीं Grover Jewells में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण तेजी देखी जा रही है।

11h ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
स्थापित फंड हाउसों ने अधिकांश म्यूचुअल फंड श्रेणियों में नए एएमसी को पछाड़ा: मिंट विश्लेषण
Stock Market

स्थापित फंड हाउसों ने अधिकांश म्यूचुअल फंड श्रेणियों में नए एएमसी को पछाड़ा: मिंट विश्लेषण

मिंट के एक हालिया विश्लेषण से पता चला है कि भारत में स्थापित 'पुराने' म्यूचुअल फंड हाउसों ने आम तौर पर नई परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। अध्ययन, जिसमें छह अलग-अलग म्यूचुअल फंड श्रेणियां शामिल थीं, में पाया गया कि पुराने फंड हाउसों ने इनमें से चार श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन किया, जो बाजार की अस्थिरता के बीच उनकी लचीलापन को उजागर करता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
OPEC अगले महीने कच्चे तेल का उत्पादन अपरिवर्तित रखने की संभावना; भारतीय ईंधन कीमतों पर असर
Stock Market

OPEC अगले महीने कच्चे तेल का उत्पादन अपरिवर्तित रखने की संभावना; भारतीय ईंधन कीमतों पर असर

प्रमुख OPEC+ सदस्य अगले महीने के लिए अपने मौजूदा कच्चे तेल उत्पादन कोटे को बनाए रखने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसका निर्णय इस सप्ताह के अंत में उनकी बैठक के दौरान होने की संभावना है। यह कदम मौजूदा आपूर्ति रणनीति की निरंतरता का सुझाव देता है, जिसका अर्थ वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और परिणामस्वरूप भारतीय ईंधन लागत के लिए कोई तत्काल राहत नहीं हो सकता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
बाजार विश्लेषण: MTF पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार; आज BSE के शेयर सुर्खियों में
ताज़ा
Stock Market

बाजार विश्लेषण: MTF पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार; आज BSE के शेयर सुर्खियों में

भारतीय शेयर बाजार में मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा (MTF) की पोजीशन ₹3,000 करोड़ से ऊपर बढ़ गई है, जो निवेशकों की बढ़ती गतिविधि और संभावित तेजी के रुझान का संकेत है। इसके साथ ही, CNBC TV18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, BSE लिमिटेड के शेयर आज निफ्टी 50 में ट्रेडिंग शुरू करने के लिए सूचीबद्ध हैं, एक ऐसा घटनाक्रम जो एक्सचेंज ऑपरेटर के स्टॉक की दृश्यता को बढ़ा सकता है।

23h ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund