Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5022,520.450.37%H 22,580.75 · L 22,294.75as of 09 Oct, 3:31 PM IST|Sensex72,472.330.23%H 72,669.2 · L 71,739.49as of 09 Oct, 3:32 PM IST|Bank Nifty55,256.650.37%H 55,419.3 · L 54,617.2as of 09 Oct, 3:31 PM IST|USD / INR₹96.760.02%H ₹96.78 · L ₹96.5as of 09 Oct, 8:30 PM IST|Gold Intl (10g)₹1,31,221.041.47%H ₹1,31,675.23 · L ₹1,29,292.28as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Silver Intl (1kg)₹1,90,449.543.02%H ₹1,91,196.15 · L ₹1,84,943.24as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Crude WTI₹8,870.960.21%H ₹8,917.4 · L ₹8,709.37as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Bitcoin₹80,20,2762.26%H ₹81,10,767.12 · L ₹79,29,784.88as of 09 Oct, 9:44 PM IST|Ethereum₹2,41,4152.83%H ₹2,44,826.96 · L ₹2,38,003.04as of 09 Oct, 9:44 PM IST|Nifty 5022,520.450.37%H 22,580.75 · L 22,294.75as of 09 Oct, 3:31 PM IST|Sensex72,472.330.23%H 72,669.2 · L 71,739.49as of 09 Oct, 3:32 PM IST|Bank Nifty55,256.650.37%H 55,419.3 · L 54,617.2as of 09 Oct, 3:31 PM IST|USD / INR₹96.760.02%H ₹96.78 · L ₹96.5as of 09 Oct, 8:30 PM IST|Gold Intl (10g)₹1,31,221.041.47%H ₹1,31,675.23 · L ₹1,29,292.28as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Silver Intl (1kg)₹1,90,449.543.02%H ₹1,91,196.15 · L ₹1,84,943.24as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Crude WTI₹8,870.960.21%H ₹8,917.4 · L ₹8,709.37as of 09 Oct, 9:38 PM IST|Bitcoin₹80,20,2762.26%H ₹81,10,767.12 · L ₹79,29,784.88as of 09 Oct, 9:44 PM IST|Ethereum₹2,41,4152.83%H ₹2,44,826.96 · L ₹2,38,003.04as of 09 Oct, 9:44 PM IST|
0%
Mutual Funds

Zerodha Fund House का परिचालन राजस्व 78.7% बढ़कर ₹16.8 करोड़ हुआ; घाटा कम हुआ

Arth Vani Deskप्रकाशित: 2 मिनट पढ़ें
Zerodha Fund House का परिचालन राजस्व 78.7% बढ़कर ₹16.8 करोड़ हुआ; घाटा कम हुआ

Source: Inc42 FinTech

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
यदि आप कम लागत वाले निवेश विकल्प तलाश रहे हैं, तो ज़ेरोधा के 'पैसिव इंडेक्स फंड्स' के एक्सपेंस रेशियो की तुलना अपने मौजूदा म्यूचुअल फंड से करें।
  • ज़ेरोधा की सफलता से म्यूचुअल फंड बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे आपके लिए निवेश की लागत (Expense Ratio) कम हो सकती है।
  • कम लागत वाले 'पैसिव फंड्स' के अधिक विकल्प मिलने से आपके पोर्टफोलियो का लॉन्ग-टर्म रिटर्न बढ़ सकता है।
  • कंपनी की वित्तीय मजबूती का मतलब है कि वे भविष्य में और भी नए और सस्ते इंडेक्स फंड और ETF लॉन्च करेंगे।
Recommended for you
Start a SIP or compare top funds
Explore Mutual Funds
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

ज़ेरोधा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, जो ज़ेरोधा फंड हाउस का संचालन करती है, ने अपने परिचालन राजस्व में 78.7% की पर्याप्त वृद्धि दर्ज की है, जो ₹16.8 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी ने अपने घाटे को भी कम करने में कामयाबी हासिल की है, जो अपेक्षाकृत नई परिसंपत्ति प्रबंधन फर्म के लिए एक सकारात्मक वित्तीय दिशा का संकेत है। यह प्रदर्शन भारत के प्रतिस्पर्धी म्युचुअल फंड क्षेत्र में ज़ेरोधा की बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें
  • ▸ज़ेरोधा फंड हाउस का परिचालन राजस्व 78.7% बढ़कर ₹16.8 करोड़ हो गया।
  • ▸परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) अपने घाटे को भी कम कर रही है, जो वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार का संकेत है।
  • ▸यह प्रदर्शन भारतीय म्युचुअल फंड उद्योग में, विशेष रूप से निष्क्रिय निवेश खंड में, ज़ेरोधा की बढ़ती उपस्थिति और स्वीकृति को उजागर करता है।
  • ▸निवेशक कम लागत वाले निष्क्रिय फंडों पर निरंतर ध्यान और इस विस्तारित खिलाड़ी से संभावित नए प्रस्तावों की उम्मीद कर सकते हैं।
Key Takeaways
  • ✓ज़ेरोधा फंड हाउस का परिचालन राजस्व 78.7% बढ़कर ₹16.8 करोड़ हो गया।
  • ✓परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) अपने घाटे को भी कम कर रही है, जो वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार का संकेत है।
  • ✓यह प्रदर्शन भारतीय म्युचुअल फंड उद्योग में, विशेष रूप से निष्क्रिय निवेश खंड में, ज़ेरोधा की बढ़ती उपस्थिति और स्वीकृति को उजागर करता है।
  • ✓निवेशक कम लागत वाले निष्क्रिय फंडों पर निरंतर ध्यान और इस विस्तारित खिलाड़ी से संभावित नए प्रस्तावों की उम्मीद कर सकते हैं।

Zerodha Asset Management Pvt Ltd, ज़ेरोधा फंड हाउस के पीछे की इकाई, ने अपने परिचालन राजस्व में 78.7% की मजबूत वृद्धि दर्ज की है, जो ₹16.8 करोड़ तक पहुंच गया है। इस महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ-साथ घाटे में कमी, युवा परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (AMC) के लिए एक सकारात्मक वित्तीय दिशा का संकेत देती है। इस प्रदर्शन का विवरण हाल ही में Inc42 FinTech रिपोर्ट में उजागर किया गया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026 की ओर कंपनी के पथ का भी उल्लेख किया गया था।

ज़ेरोधा फंड हाउस, भारत के सबसे बड़े स्टॉकब्रोकर ज़ेरोधा और स्मॉलकेस का एक संयुक्त उद्यम, ने आधिकारिक तौर पर अक्टूबर 2023 में अपनी पहली निष्क्रिय म्युचुअल फंड योजनाएं लॉन्च कीं। परिसंपत्ति प्रबंधन क्षेत्र में इसका प्रवेश अत्यधिक प्रत्याशित था, खासकर खुदरा ब्रोकरेज बाजार में ज़ेरोधा की प्रभावशाली स्थिति को देखते हुए। राजस्व में लगभग 79% की दर्ज वृद्धि बाजार में मजबूत प्रारंभिक आकर्षण और स्वीकृति को इंगित करती है, भले ही कंपनी अपनी उपस्थिति स्थापित करने के लिए काम कर रही हो।

निष्क्रिय निवेश में बढ़ती उपस्थिति

ज़ेरोधा फंड हाउस का मूल दर्शन सरल, कम लागत वाले, निष्क्रिय निवेश समाधानों की पेशकश के इर्द-गिर्द घूमता है। यह रणनीति निष्क्रिय निवेश की ओर एक वैश्विक प्रवृत्ति के अनुरूप है, जिसमें बाजार सूचकांक को सक्रिय रूप से मात देने की कोशिश करने के बजाय उसे प्रतिबिंबित करना शामिल है। भारत में, निष्क्रिय फंड सेगमेंट में महत्वपूर्ण गति आ रही है, जो उन निवेशकों को आकर्षित कर रहा है जो कम व्यय अनुपात और पारदर्शी निवेश रणनीतियों को पसंद करते हैं।

परिचालन राजस्व में ₹16.8 करोड़ तक की वृद्धि से पता चलता है कि ज़ेरोधा फंड हाउस प्रबंधन के तहत संपत्ति (AUM) को सफलतापूर्वक आकर्षित कर रहा है और अपनी विभिन्न पेशकशों के माध्यम से आय उत्पन्न कर रहा है। जबकि घाटे में कमी की मात्रा के बारे में विशिष्ट विवरण स्रोत में प्रदान नहीं किए गए थे, स्वयं उल्लेख परिचालन दक्षता और मापनीयता में सुधार का एक सकारात्मक संकेत है।

निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है

  • बढ़ती प्रतिस्पर्धा: ज़ेरोधा फंड हाउस का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन म्युचुअल फंड उद्योग में प्रतिस्पर्धा को तेज करता है, खासकर निष्क्रिय निवेश खंड में। इससे अधिक नवीन उत्पाद और संभवतः निवेशकों के लिए समग्र रूप से कम लागत हो सकती है।
  • कम लागत वाले फंडों पर ध्यान: ज़ेरोधा की कम लागत वाले निष्क्रिय फंडों के प्रति प्रतिबद्धता नए निवेशकों के लिए एक सुलभ प्रवेश बिंदु और अनुभवी लोगों के लिए एक लागत प्रभावी विकल्प प्रदान करती है। फंड हाउस की वृद्धि बताती है कि यह मॉडल भारतीय खुदरा निवेशक आधार के साथ प्रतिध्वनित हो रहा है।
  • भविष्य की उत्पाद पाइपलाइन: एक स्वस्थ वित्तीय दिशा अक्सर नए उत्पाद लॉन्च का मार्ग प्रशस्त करती है। निवेशक ज़ेरोधा फंड हाउस से निष्क्रिय फंडों की एक विस्तृत श्रृंखला, जिसमें इंडेक्स फंड और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) शामिल हैं, की उम्मीद कर सकते हैं।

परिचालन राजस्व में तीव्र वृद्धि ज़ेरोधा के ब्रांड स्मरण और उसके मौजूदा ग्राहक आधार का लाभ उठाने की उसकी क्षमता का प्रमाण है। कंपनी के ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर लाखों उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से कई अपेक्षाकृत युवा और तकनीक-प्रेमी हैं, जो उन्हें डिजिटल-फर्स्ट म्युचुअल फंड पेशकशों के लिए प्रमुख उम्मीदवार बनाते हैं। जैसे-जैसे ज़ेरोधा फंड हाउस अपनी AUM बढ़ाना जारी रखता है और अपनी उत्पाद पेशकशों का विस्तार करता है, यह भारतीय म्युचुअल फंड परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने के लिए तैयार है, जो खुदरा निवेशकों के लिए धन सृजन के रास्ते तक पहुंच को और लोकतांत्रिक बनाएगा।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
14.2%
3Y CAGR
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
11.9%
3Y CAGR
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
10.6%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
10.1%
3Y CAGR
HDFC Balanced Advantage Fund
HDFC Mutual Fund · Hybrid
10.0%
3Y CAGR
Axis ELSS- Tax Saver Fund
Axis Mutual Fund · ELSS
8.9%
3Y CAGR

Mutual fund data is sourced from AMFI and shown for information only — funds are subject to market risks. Read all scheme-related documents carefully. Some listings may be sponsored. Not investment advice.

Frequently Asked Questions

ज़ेरोधा फंड हाउस क्या है?

ज़ेरोधा फंड हाउस ज़ेरोधा और स्मॉलकेस द्वारा एक संयुक्त उद्यम के रूप में लॉन्च की गई एक परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनी (एएमसी) है, जिसका प्राथमिक ध्यान भारतीय निवेशकों को कम लागत वाले, निष्क्रिय म्युचुअल फंड प्रदान करना है।

ज़ेरोधा फंड हाउस का परिचालन राजस्व कितना बढ़ा?

ज़ेरोधा फंड हाउस ने अपने परिचालन राजस्व में 78.7% की पर्याप्त वृद्धि दर्ज की, जो ₹16.8 करोड़ तक पहुंच गया।

इस वित्तीय प्रदर्शन का कंपनी और निवेशकों के लिए क्या अर्थ है?

राजस्व में महत्वपूर्ण वृद्धि और घाटे में कमी ज़ेरोधा फंड हाउस के लिए एक सकारात्मक वित्तीय दिशा का संकेत देती है, जिससे बाजार में इसकी स्थिति मजबूत होती है। निवेशकों के लिए, यह सुलभ, कम लागत वाले निष्क्रिय निवेश विकल्पों पर केंद्रित एक स्वस्थ और बढ़ते खिलाड़ी का सुझाव देता है।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Mutual Funds पढ़ा

NSE को मिल सकता है लार्जकैप का दर्जा, SBI फंड मैनेजमेंट H1 2027 तक मिडकैप बन सकता है
Mutual Funds

NSE को मिल सकता है लार्जकैप का दर्जा, SBI फंड मैनेजमेंट H1 2027 तक मिडकैप बन सकता है

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा कैलेंडर वर्ष 2027 की पहली छमाही तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लार्जकैप स्टॉक और SBI फंड मैनेजमेंट को मिडकैप स्टॉक के रूप में पुनर्वर्गीकृत किए जाने की उम्मीद है। बाजार पूंजीकरण पर आधारित यह पुनर्वर्गीकरण इस बात पर असर डालेगा कि म्यूचुअल फंड इन संस्थाओं को कैसे वर्गीकृत करते हैं और उनमें निवेश करते हैं।

4d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
टाटा डेट फंड एनएवी (NAV) अपडेट में देरी, निवेशकों को सत्यापन की सलाह
Mutual Funds

टाटा डेट फंड एनएवी (NAV) अपडेट में देरी, निवेशकों को सत्यापन की सलाह

एएमएफआई (AMFI) वेबसाइट पर टाटा डेट फंड के शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (NAV) अपडेट में देरी की सूचना मिली है। टाटा डेट फंड की इकाइयां रखने वाले निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए सीधे टाटा एसेट मैनेजमेंट से संपर्क करें या आधिकारिक एएमएफआई चैनलों की जांच करें।

10d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड का NAV 5 दिनों में 10% बढ़ा: निवेशकों को क्या जानना चाहिए
ताज़ा
Mutual Funds

मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड का NAV 5 दिनों में 10% बढ़ा: निवेशकों को क्या जानना चाहिए

मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड ने सिर्फ पांच ट्रेडिंग सत्रों में अपने नेट एसेट वैल्यू (NAV) में 10% की तेज वृद्धि दर्ज की है। यह रैली प्रौद्योगिकी क्षेत्र और फंड के पोर्टफोलियो में विशिष्ट डिजिटल-फर्स्ट शेयरों में महत्वपूर्ण सुधार को उजागर करती है।

26d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

NSE को मिल सकता है लार्जकैप का दर्जा, SBI फंड मैनेजमेंट H1 2027 तक मिडकैप बन सकता है
Mutual Funds

NSE को मिल सकता है लार्जकैप का दर्जा, SBI फंड मैनेजमेंट H1 2027 तक मिडकैप बन सकता है

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा कैलेंडर वर्ष 2027 की पहली छमाही तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को लार्जकैप स्टॉक और SBI फंड मैनेजमेंट को मिडकैप स्टॉक के रूप में पुनर्वर्गीकृत किए जाने की उम्मीद है। बाजार पूंजीकरण पर आधारित यह पुनर्वर्गीकरण इस बात पर असर डालेगा कि म्यूचुअल फंड इन संस्थाओं को कैसे वर्गीकृत करते हैं और उनमें निवेश करते हैं।

4d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
टाटा डेट फंड एनएवी (NAV) अपडेट में देरी, निवेशकों को सत्यापन की सलाह
Mutual Funds

टाटा डेट फंड एनएवी (NAV) अपडेट में देरी, निवेशकों को सत्यापन की सलाह

एएमएफआई (AMFI) वेबसाइट पर टाटा डेट फंड के शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (NAV) अपडेट में देरी की सूचना मिली है। टाटा डेट फंड की इकाइयां रखने वाले निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सटीक और नवीनतम जानकारी के लिए सीधे टाटा एसेट मैनेजमेंट से संपर्क करें या आधिकारिक एएमएफआई चैनलों की जांच करें।

10d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड का NAV 5 दिनों में 10% बढ़ा: निवेशकों को क्या जानना चाहिए
ताज़ा
Mutual Funds

मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड का NAV 5 दिनों में 10% बढ़ा: निवेशकों को क्या जानना चाहिए

मोतीलाल ओसवाल डिजिटल इंडिया फंड ने सिर्फ पांच ट्रेडिंग सत्रों में अपने नेट एसेट वैल्यू (NAV) में 10% की तेज वृद्धि दर्ज की है। यह रैली प्रौद्योगिकी क्षेत्र और फंड के पोर्टफोलियो में विशिष्ट डिजिटल-फर्स्ट शेयरों में महत्वपूर्ण सुधार को उजागर करती है।

26d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
प्रिंसिपल ने इक्विटी इनकम ईटीएफ लॉन्च किया, जेईपीआई को चुनौती दी
New Launch
Mutual Funds

प्रिंसिपल ने इक्विटी इनकम ईटीएफ लॉन्च किया, जेईपीआई को चुनौती दी

प्रिंसिपल एसेट मैनेजमेंट ने अमेरिका में एक नया सक्रिय रूप से प्रबंधित इक्विटी एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) लॉन्च किया है, जिसका लक्ष्य आय और पूंजी वृद्धि अर्जित करना है। यह फंड जेपी मॉर्गन के जेईपीआई जैसे स्थापित खिलाड़ियों के प्रभुत्व वाले प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।

29d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें