Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5023,635.11.1%H 23,758.95 · L 23,623.1|Sensex75,577.581.23%H 76,012.11 · L 75,553.35|Bank Nifty56,777.551.03%H 57,044 · L 56,720.45|USD / INR₹94.810.35%H ₹94.89 · L ₹94.47|Gold Intl (10g)₹1,35,368.150.8%H ₹1,36,825.16 · L ₹1,34,883.5|Silver Intl (1kg)₹2,04,195.280.36%H ₹2,06,770.96 · L ₹2,01,253.82|Crude WTI₹8,737.510.74%H ₹8,981.16 · L ₹8,615.2|Bitcoin₹74,81,7280.12%H ₹74,86,201.02 · L ₹74,77,254.98|Ethereum₹2,37,1961.1%H ₹2,38,502.01 · L ₹2,35,889.99|Nifty 5023,635.11.1%H 23,758.95 · L 23,623.1|Sensex75,577.581.23%H 76,012.11 · L 75,553.35|Bank Nifty56,777.551.03%H 57,044 · L 56,720.45|USD / INR₹94.810.35%H ₹94.89 · L ₹94.47|Gold Intl (10g)₹1,35,368.150.8%H ₹1,36,825.16 · L ₹1,34,883.5|Silver Intl (1kg)₹2,04,195.280.36%H ₹2,06,770.96 · L ₹2,01,253.82|Crude WTI₹8,737.510.74%H ₹8,981.16 · L ₹8,615.2|Bitcoin₹74,81,7280.12%H ₹74,86,201.02 · L ₹74,77,254.98|Ethereum₹2,37,1961.1%H ₹2,38,502.01 · L ₹2,35,889.99|
0%
real-estate

2026 तक भारत की लगभग आधी ऑफिस लीजिंग GCCs द्वारा संचालित होगी

Arth Vani Deskप्रकाशित: 1 मिनट पढ़ें
2026 तक भारत की लगभग आधी ऑफिस लीजिंग GCCs द्वारा संचालित होगी

Source: ET Fintech & Tech

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
अपनी निवेश रणनीति में वाणिज्यिक रियल एस्टेट फंड (REITs) पर विचार करें।
  • यह खबर बताती है कि भारत में ऑफिस स्पेस की मांग बढ़ रही है, जिससे वाणिज्यिक संपत्तियों का मूल्य बढ़ सकता है।
  • अगर आप रियल एस्टेट में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह संकेत देता है कि ऑफिस स्पेस से जुड़े निवेश भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं।
  • बढ़ती मांग से किराए में वृद्धि हो सकती है, जिससे वाणिज्यिक संपत्ति मालिकों और REITs में निवेश करने वालों को फायदा होगा।

Wealth-Impact Simulator

See how a change in interest rates hits your loan EMI.

Loan amount₹20,00,000
Interest rate (p.a.)8.50%
Tenure20 yrs
Monthly EMI
₹17,356
Total interest
₹21,65,552
Total payable ₹41,65,552

Indicative estimate for education only — not investment advice.

Compare loan rates
Remind Me Radar
Remind me when this story updates
Recommended for you
Check home-loan rates & eligibility
Explore Home Loans
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) भारत के ऑफिस लीजिंग बाजार पर हावी होने के लिए तैयार हैं, जो 2026 तक पट्टे पर दी जाने वाली कुल जगह का लगभग आधा हिस्सा हो सकते हैं। 2026 की पहली छमाही में, GCCs ने 16.6 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड A ऑफिस स्पेस पट्टे पर लिया, जो भारत के सात प्रमुख शहरों में कुल लीजिंग का 46% था।

मुख्य बातें
  • GCCs ने 2026 की पहली छमाही में 16.6 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस पट्टे पर लिया।
  • GCCs शीर्ष 7 शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग का 46% थे।
  • GCCs 2026 तक भारत की लगभग आधी ऑफिस लीजिंग को संचालित करने का अनुमान है।
  • यह प्रवृत्ति ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग का संकेत देती है।
Key Takeaways
  • GCCs ने 2026 की पहली छमाही में 16.6 मिलियन वर्ग फुट ऑफिस स्पेस पट्टे पर लिया।
  • GCCs शीर्ष 7 शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग का 46% थे।
  • GCCs 2026 तक भारत की लगभग आधी ऑफिस लीजिंग को संचालित करने का अनुमान है।
  • यह प्रवृत्ति ग्रेड A ऑफिस स्पेस की मजबूत मांग का संकेत देती है।

भारत का ऑफिस बाजार उल्लेखनीय लचीलापन दिखा रहा है, जिसमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) लीजिंग गतिविधियों में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि GCCs देश में ऑफिस स्पेस की मांग के प्राथमिक चालक बनने के लिए तैयार हैं।

2026 की पहली छमाही के दौरान, GCCs ने सामूहिक रूप से 16.6 मिलियन वर्ग फुट ग्रेड A ऑफिस स्पेस पट्टे पर लिया। यह मात्रा भारत के शीर्ष सात शहरों में कुल ऑफिस लीजिंग का एक महत्वपूर्ण 46% थी, जो उनके बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है।

रिपोर्ट बताती है कि यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है, जिसमें GCCs 2026 तक भारत में लगभग आधी ऑफिस लीजिंग के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। GCCs से यह निरंतर मांग भारतीय वाणिज्यिक अचल संपत्ति क्षेत्र के लिए उनके रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।

ऑफिस स्पेस लीजिंग में GCCs का मजबूत प्रदर्शन भारत में उनके निरंतर विस्तार और निवेश को दर्शाता है। ये केंद्र, अक्सर बहुराष्ट्रीय निगमों की सहायक कंपनियां होती हैं, जो आईटी, आर एंड डी और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सहित विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान करती हैं।

ऑफिस लीजिंग में GCCs की बढ़ती हिस्सेदारी वाणिज्यिक अचल संपत्ति बाजार के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत देती है। यह इन वैश्विक संस्थाओं द्वारा समर्थित निरंतर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधि का सुझाव देता है। डेवलपर्स और प्रॉपर्टी मैनेजरों को उच्च-गुणवत्ता वाले ऑफिस स्पेस की निरंतर मांग देखने की संभावना है, खासकर प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों में।

यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और निवेश सलाह का गठन नहीं करती है।

Community Pulse · This story

How readers rate the outlook after reading this article. Anonymous · one vote per reader · updates live.

Bullish 50%50% Bearish
Be the first to call it
Did this advice help you?
Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
Nippon India Small Cap Fund
Nippon India Mutual Fund · Small Cap
14.9%
3Y CAGR
Parag Parikh Flexi Cap Fund
PPFAS Mutual Fund · Flexi Cap
12.7%
3Y CAGR
Mirae Asset ELSS Tax Saver Fund
Mirae Asset Mutual Fund · ELSS
12.3%
3Y CAGR
ICICI Prudential Balanced Advantage Fund
ICICI Prudential Mutual Fund · Hybrid
11.5%
3Y CAGR
HDFC Balanced Advantage Fund
HDFC Mutual Fund · Hybrid
11.4%
3Y CAGR
Axis ELSS- Tax Saver Fund
Axis Mutual Fund · ELSS
11.3%
3Y CAGR

Loan interest rates, processing fees and eligibility are set by the lender and subject to credit approval — verify current terms before applying. Some listings may be sponsored. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) क्या हैं?

GCCs बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा भारत जैसे देशों में स्थापित ऑफशोर केंद्र हैं जो आईटी सेवाओं, अनुसंधान और विकास, और व्यावसायिक प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सहित विभिन्न व्यावसायिक कार्यों को करते हैं।

भारत में ऑफिस लीजिंग के लिए शीर्ष सात शहर कौन से माने जाते हैं?

आम तौर पर, शीर्ष सात शहरों में मुंबई, दिल्ली एनसीआर, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और कोलकाता शामिल हैं।

'ग्रेड A' ऑफिस स्पेस का क्या मतलब है?

ग्रेड A ऑफिस स्पेस प्रीमियम, उच्च-गुणवत्ता वाली इमारतों को प्रमुख स्थानों पर दर्शाता है, जो आधुनिक सुविधाएं, अच्छा बुनियादी ढांचा और पेशेवर प्रबंधन प्रदान करती हैं।

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने real-estate पढ़ा

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची
ताज़ा
real-estate

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची

वैश्विक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन ने कथित तौर पर ₹10,800 करोड़ (लगभग $1.3 बिलियन) मूल्य की भारतीय रियल एस्टेट संपत्तियां बेची हैं। यह महत्वपूर्ण लेनदेन भारत में उसके दीर्घकालिक रियल एस्टेट निवेश से आंशिक निकास का प्रतीक है, जो लाभदायक उद्यमों का लाभ उठाने की उसकी रणनीति को रेखांकित करता है।

1d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर निकला, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची
ताज़ा
real-estate

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर निकला, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची

वैश्विक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन ने कथित तौर पर भारतीय रियल एस्टेट संपत्तियां बेची हैं, जिनकी कीमत ₹10,800 करोड़ (लगभग $1.3 बिलियन) तक है। यह महत्वपूर्ण लेनदेन भारत में उसके लंबे समय से चले आ रहे रियल एस्टेट निवेशों से आंशिक निकास को दर्शाता है, जो लाभदायक उपक्रमों का लाभ उठाने की उसकी रणनीति को रेखांकित करता है।

1d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
बुरे किरायेदार ने 45 वर्षीय मकान मालिक को ₹23.2 लाख का चूना लगाया; क्या किराए पर देना अभी भी एक अच्छा निवेश है?
ताज़ा
real-estate

बुरे किरायेदार ने 45 वर्षीय मकान मालिक को ₹23.2 लाख का चूना लगाया; क्या किराए पर देना अभी भी एक अच्छा निवेश है?

एक 45 वर्षीय मकान मालिक को एक समस्याग्रस्त किरायेदार के कारण लगभग ₹23.2 लाख का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ, जिसमें किराए का भुगतान न होना, कानूनी खर्च और मरम्मत की लागत शामिल थी। इस अनुभव के बावजूद, उसके दोस्त उसे एक और किराए की संपत्ति में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे रियल एस्टेट निवेश के जोखिमों बनाम पुरस्कारों पर बहस छिड़ गई है।

3d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर निकला, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची
ताज़ा
real-estate

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर निकला, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची

वैश्विक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन ने कथित तौर पर भारतीय रियल एस्टेट संपत्तियां बेची हैं, जिनकी कीमत ₹10,800 करोड़ (लगभग $1.3 बिलियन) तक है। यह महत्वपूर्ण लेनदेन भारत में उसके लंबे समय से चले आ रहे रियल एस्टेट निवेशों से आंशिक निकास को दर्शाता है, जो लाभदायक उपक्रमों का लाभ उठाने की उसकी रणनीति को रेखांकित करता है।

1d ago·1 मिनट पढ़ेंसुनें
ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची
ताज़ा
real-estate

ब्लैकस्टोन भारतीय रियल एस्टेट से बाहर, ₹10,800 करोड़ तक की संपत्ति बेची

वैश्विक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन ने कथित तौर पर ₹10,800 करोड़ (लगभग $1.3 बिलियन) मूल्य की भारतीय रियल एस्टेट संपत्तियां बेची हैं। यह महत्वपूर्ण लेनदेन भारत में उसके दीर्घकालिक रियल एस्टेट निवेश से आंशिक निकास का प्रतीक है, जो लाभदायक उद्यमों का लाभ उठाने की उसकी रणनीति को रेखांकित करता है।

1d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
बुरे किरायेदार ने 45 वर्षीय मकान मालिक को ₹23.2 लाख का चूना लगाया; क्या किराए पर देना अभी भी एक अच्छा निवेश है?
ताज़ा
real-estate

बुरे किरायेदार ने 45 वर्षीय मकान मालिक को ₹23.2 लाख का चूना लगाया; क्या किराए पर देना अभी भी एक अच्छा निवेश है?

एक 45 वर्षीय मकान मालिक को एक समस्याग्रस्त किरायेदार के कारण लगभग ₹23.2 लाख का बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ, जिसमें किराए का भुगतान न होना, कानूनी खर्च और मरम्मत की लागत शामिल थी। इस अनुभव के बावजूद, उसके दोस्त उसे एक और किराए की संपत्ति में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, जिससे रियल एस्टेट निवेश के जोखिमों बनाम पुरस्कारों पर बहस छिड़ गई है।

3d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
महिला ने 20 साल में $2.1 मिलियन का किराये की संपत्ति का पोर्टफोलियो बनाया, परिवार में बहस छिड़ी
real-estate

महिला ने 20 साल में $2.1 मिलियन का किराये की संपत्ति का पोर्टफोलियो बनाया, परिवार में बहस छिड़ी

याहू फाइनेंस (ग्लोबल) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला ने दो दशकों में सफलतापूर्वक $2.1 मिलियन (लगभग ₹17.5 करोड़) मूल्य का किराये की संपत्ति का पोर्टफोलियो तैयार किया है। उसकी बहन की टिप्पणी, जिसमें इस संपत्ति को 'पीढ़ीगत धन का संग्रह' बताया गया है, ने विरासत में मिली संपत्ति के संबंध में वित्तीय स्वतंत्रता बनाम पारिवारिक अपेक्षाओं पर बहस छेड़ दी है।

3d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund