भारत के REITs और InvITs 2030 तक ₹20 ट्रिलियन के मील के पत्थर के लिए तैयार
Source: Economictimes
भारत के रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स में अगले छह वर्षों में ₹11.6 ट्रिलियन की नई पूंजी आने की उम्मीद है। यह वृद्धि प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM) को दोगुना कर ₹20 ट्रिलियन तक पहुंचा सकती है, जिससे रिटेल निवेशकों के लिए पैसिव इनकम के विकल्पों में बड़ी बढ़ोतरी होगी।
- ▸REITs और InvITs में निवेश 2030 तक ₹11.6 ट्रिलियन बढ़ने की उम्मीद है।
- ▸इस क्षेत्र में प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM) दोगुनी होकर ₹20 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है।
- ▸यह वृद्धि म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और वैश्विक संस्थागत निवेशकों द्वारा संचालित होगी।
- ▸रिटेल निवेशकों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से पैसिव इनकम अर्जित करने के अधिक अवसर होंगे।
- ✓REITs और InvITs में निवेश 2030 तक ₹11.6 ट्रिलियन बढ़ने की उम्मीद है।
- ✓इस क्षेत्र में प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति (AUM) दोगुनी होकर ₹20 ट्रिलियन तक पहुंच सकती है।
- ✓यह वृद्धि म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और वैश्विक संस्थागत निवेशकों द्वारा संचालित होगी।
- ✓रिटेल निवेशकों के पास इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से पैसिव इनकम अर्जित करने के अधिक अवसर होंगे।
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भारत का वैकल्पिक निवेश परिदृश्य एक बड़े बदलाव के मुहाने पर है। वित्तीय सेवा फर्म एवेंडस कैपिटल (Avendus Capital) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) के संयुक्त बाजार में 2030 तक ₹11.6 ट्रिलियन के अतिरिक्त निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।
₹20 ट्रिलियन की ओर बढ़ता कदम
वर्तमान में, आय सृजन के विश्वसनीय साधनों के रूप में इन निवेश माध्यमों ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। हालांकि, अगले छह वर्षों में इसमें तेजी से विस्तार होने की उम्मीद है। रिपोर्ट बताती है कि इस क्षेत्र के लिए कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2030 तक ₹20 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर सकता है, जो मौजूदा बाजार आकार को प्रभावी रूप से दोगुना कर देगा।
यह वृद्धि हितधारकों के एक विविध समूह द्वारा संचालित हो रही है। जबकि वैश्विक संस्थागत निवेशक ऐतिहासिक रूप से इन ट्रस्टों की रीढ़ रहे हैं, विस्तार के अगले चरण को घरेलू खिलाड़ियों द्वारा संचालित किए जाने की उम्मीद है, जिनमें शामिल हैं:
- म्यूचुअल फंड: यील्ड-जेनरेटिंग एसेट्स (आय देने वाली संपत्तियों) में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं।
- बीमा कंपनियां: अपनी देनदारियों के मिलान के लिए दीर्घकालिक, स्थिर रिटर्न की तलाश में हैं।
- पेंशन फंड: पारंपरिक इक्विटी की तुलना में कम अस्थिरता वाले और मुद्रास्फीति को मात देने वाले एसेट्स की तलाश कर रहे हैं।
- वैश्विक निवेशक: भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रेड-A कमर्शियल रियल एस्टेट के लिए एक उच्च-विकास केंद्र के रूप में देखना जारी रखे हुए हैं।
रिटेल निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं
आम भारतीय निवेशक के लिए, REITs और InvITs का विस्तार पैसिव इनकम (निष्क्रिय आय) के लिए एक परिपक्व होते बाजार का प्रतिनिधित्व करता है। पारंपरिक रूप से, टोल रोड या प्रीमियम ऑफिस बिल्डिंग जैसे बड़े पैमाने के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए भारी पूंजी की आवश्यकता होती थी। REITs और InvITs ने इसका लोकतांत्रीकरण कर दिया है, जिससे व्यक्तियों को इन संपत्तियों में आंशिक हिस्सेदारी रखने और उनके द्वारा उत्पन्न आय से नियमित लाभांश (dividend) प्राप्त करने की अनुमति मिलती है।
₹11.6 ट्रिलियन की अनुमानित आमद बताती है कि डेटा सेंटर और गोदामों से लेकर नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों तक कई और संपत्तियां एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने की संभावना है। यह रिटेल निवेशकों को सीधे स्टॉक की अस्थिरता और पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट के कम रिटर्न से हटकर अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के अधिक विकल्प प्रदान करता है।
भविष्य का दृष्टिकोण
जैसे-जैसे छोटे निवेशकों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नियामक वातावरण विकसित हो रहा है, इन साधनों में विश्वास बढ़ता जा रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार के निरंतर ध्यान और प्रीमियम कमर्शियल स्पेस की बढ़ती मांग के साथ, 2030 का लक्ष्य भारत के दीर्घकालिक आर्थिक संरचनात्मक विकास पर एक तेजी (bullish) के रुख को दर्शाता है।
REITs और InvITs में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं; कृपया निवेश करने से पहले सभी योजना-संबंधी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
Some listings may be sponsored. Mutual fund data is from AMFI and for information only — funds are subject to market risks. Review terms & suitability before investing. Not investment advice.
Frequently Asked Questions
REIT और InvIT के बीच क्या अंतर है?
REIT (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) कार्यालयों और मॉल जैसी आय उत्पन्न करने वाली रियल एस्टेट संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि InvIT (इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) राजमार्गों और पावर ग्रिड जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश करता है।
ये निवेश रिटेल निवेशकों की कैसे मदद करते हैं?
ये व्यक्तिगत निवेशकों को भौतिक संपत्ति खरीदने या प्रबंधित करने की आवश्यकता के बिना बड़े पैमाने की संपत्तियों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से नियमित लाभांश (dividend) अर्जित करने की अनुमति देते हैं।
2030 तक बाजार के दोगुना होने की उम्मीद क्यों है?
पेंशन फंड और म्यूचुअल फंड जैसे घरेलू संस्थानों की बढ़ती भागीदारी के साथ-साथ नई बुनियादी ढांचा और वाणिज्यिक परियोजनाओं की भारी आपूर्ति के कारण विकास की उम्मीद है।
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