Export Compliance
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ताज़ानए नियम: बैंक 1 अक्टूबर से सीमा-पार भुगतान सत्यापित करेंगे, निर्यात बकाया पर नज़र रखेंगे
1 अक्टूबर से, भारतीय बैंकों को सीमा-पार भुगतान लेनदेन की निगरानी के लिए नई अनुपालन आवश्यकताओं का सामना करना पड़ेगा। उन्हें सेवा अनुबंधों और इसमें शामिल विदेशी संस्थाओं की वैधता को सत्यापित करना होगा, साथ ही निर्यात राजस्व पर नज़र रखनी होगी और अतिदेय निर्यात बिलों को संभालना होगा। इन उपायों का उद्देश्य सेवा आयात और निर्यात में धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और संदिग्ध व्यापारिक प्रथाओं पर अंकुश लगाना है।
ताज़ानए नियम: बैंकों को 1 अक्टूबर से सीमा पार भुगतान सत्यापित करना होगा, निर्यात बकाया पर नज़र रखनी होगी
1 अक्टूबर से, भारतीय बैंकों को सीमा पार भुगतान लेनदेन की निगरानी के लिए नई अनुपालन आवश्यकताओं का सामना करना होगा। उन्हें सेवा अनुबंधों की वैधता और इसमें शामिल विदेशी संस्थाओं को सत्यापित करना होगा, और साथ ही निर्यात राजस्व पर नज़र रखनी होगी तथा अतिदेय निर्यात बिलों को संभालना होगा। इन उपायों का उद्देश्य सेवा आयात और निर्यात में मनी लॉन्ड्रिंग तथा संदिग्ध व्यापारिक प्रथाओं पर अंकुश लगाना है।
ताज़ानई व्यवस्था: 1 अक्टूबर से बैंक सीमा-पार भुगतानों का सत्यापन करेंगे और निर्यात बकाया पर नज़र रखेंगे
1 अक्टूबर से भारतीय बैंकों को सीमा-पार भुगतान लेनदेन की निगरानी के लिए नई अनुपालन आवश्यकताओं का सामना करना पड़ेगा। उन्हें सेवा अनुबंधों और इसमें शामिल विदेशी संस्थाओं की वैधता का सत्यापन करना होगा, और साथ ही निर्यात राजस्व पर नज़र रखनी होगी तथा अतिदेय निर्यात बिलों का निपटान करना होगा। इन उपायों का उद्देश्य सेवा आयात और निर्यात में मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध व्यापारिक प्रथाओं पर अंकुश लगाना है।
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