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L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज की FY27 की मजबूत शुरुआत: निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज ने FY27 की सकारात्मक शुरुआत की है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। हालांकि, अन्य शीर्ष आईटी फर्मों की तुलना में कंपनी का उच्च मूल्यांकन बताता है कि इसके प्रीमियम को सही ठहराने के लिए भविष्य की आय वृद्धि को उच्च उम्मीदों को पूरा करना होगा।
L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज की FY27 की मजबूत शुरुआत: निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
L&T टेक्नोलॉजी सर्विसेज ने FY27 की सकारात्मक शुरुआत की है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। हालांकि, अन्य शीर्ष आईटी फर्मों की तुलना में कंपनी का उच्च मूल्यांकन बताता है कि इसके प्रीमियम को सही ठहराने के लिए भविष्य की आय वृद्धि को उच्च उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट बनाम अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड आईपीओ: एक खुदरा निवेशक की मार्गदर्शिका
दो आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ), एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड, 14 जुलाई को सदस्यता के लिए खुले। यह लेख भारतीय खुदरा निवेशकों को उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रत्येक में प्रमुख अंतर और संभावित अवसरों को समझने में मदद करता है।
कुसुमगर आईपीओ की लिस्टिंग कल: जीएमपी मजबूत दलाल स्ट्रीट डेब्यू का संकेत देता है
कुसुमगर आईपीओ के शेयर कल, 15 जुलाई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने वाले हैं। अपनी शुरुआत से पहले, कुसुमगर आईपीओ के लिए ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) निवेशकों के लिए एक मजबूत शुरुआत का सुझाव देता है।
RCF की ₹1,500 करोड़ के FPO की योजना: निवेशकों के लिए इसके क्या मायने हैं
राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) के शेयरों में तेजी देखी गई जब इसके बोर्ड ने ₹1,500 करोड़ तक जुटाने के लिए फर्दर पब्लिक ऑफरिंग (FPO) को मंजूरी दी। इस कदम का उद्देश्य नए इक्विटी शेयर जारी करना है, जो विभिन्न नियामक और शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
Motilal Oswal ने Q1 के मुनाफे के लिए 10 Nifty स्टॉक्स की सलाह दी: किन पर रखें नज़र
जैसे ही Q1FY27 के नतीजों का सीजन शुरू हो रहा है, Motilal Oswal को Nifty की अर्निंग्स में 10% की वृद्धि की उम्मीद है, जो एक साल में सबसे तेज़ है। ब्रोकरेज फर्म ने Bharti Airtel, SBI और Titan सहित दस Nifty शेयरों पर प्रकाश डाला है, जिनके बारे में उसका मानना है कि वे जून तिमाही के नतीजों से पहले रिटेल निवेशकों के लिए मजबूत क्षमता रखते हैं।
Sensex, Nifty में बढ़त: भारतीय बाजार में आशावाद के पीछे क्या है कारण?
भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को सकारात्मक बंद देखा गया, जिसमें Sensex और Nifty दोनों में 0.3% से अधिक की वृद्धि हुई। यह बढ़त भू-राजनीतिक तनाव में कमी, अमेरिकी ब्याज दर की उम्मीदों में बदलाव और मजबूत घरेलू खबरों से प्रेरित थी।
भारत बनाम अमेरिका: धन प्रबंधक एनआरआई को अगले दशक के लिए स्थानीय बाजारों पर दांव लगाने की सलाह क्यों दे रहे हैं
वित्तीय विशेषज्ञ अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को अल्पकालिक अमेरिकी बाजार की तेजी को नजरअंदाज करने और भारतीय विकास की कहानी के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दे रहे हैं। वैश्विक अस्थिरता के बावजूद, भारत के संरचनात्मक सुधार और मजबूत कॉर्पोरेट आय इसे धन सृजन के लिए एक बेहतर दीर्घकालिक गंतव्य बनाते हैं।
भारतीय इक्विटी एक्सपायरी अस्थिरता के कारण दूसरे दिन भी फिसली; व्यापक बाज़ार में बढ़त
भारतीय शेयर बाज़ार आज लगातार दूसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, मासिक एक्सपायरी दिवस की अस्थिरता के कारण बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट देखी गई। जबकि ब्याज दरों को लेकर चिंताओं के चलते आईटी शेयरों में गिरावट आई, वहीं व्यापक बाज़ार ने लचीलापन दिखाया, जिसमें ऑटो और उपभोग क्षेत्रों ने बढ़त दर्ज की। विश्लेषकों को उम्मीद है कि कमाई का मौसम (अर्निंग्स सीज़न) नजदीक आने के साथ निवेशकों का ध्यान बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवा और बिजली क्षेत्रों की ओर केंद्रित होगा।
विश्लेषकों की नज़र निफ्टी की गिरावट के बावजूद 4 शेयरों पर, खरीद की सिफारिश
मासिक एक्सपायरी पर निफ्टी 50 के 80 अंक नीचे और बेयरिश कैंडल के साथ बंद होने के बावजूद, विश्लेषक बाजार के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए हैं, खासकर इसके 21-दिवसीय मूविंग एवरेज से ऊपर रहने पर। उन्होंने चार विशिष्ट शेयरों – ITC होटल्स, एप्टस वैल्यू हाउसिंग, एथर एनर्जी और सोलर इंडस्ट्रीज – की पहचान की है, जिसमें मजबूत तकनीकी संकेतक और ब्रेकआउट पैटर्न बताए गए हैं जो खुदरा निवेशकों के लिए संभावित खरीद के अवसर सुझाते हैं।
SIS बोर्ड ने ₹120 करोड़ के शेयर बायबैक को मंजूरी दी, मजबूत विश्वास का संकेत
SIS, एक प्रमुख सुरक्षा और सुविधा प्रबंधन सेवा प्रदाता, ने ₹120 करोड़ तक के शेयर बायबैक कार्यक्रम के लिए अपने बोर्ड की मंजूरी की घोषणा की है। कंपनी की लिस्टिंग के बाद से यह पांचवां ऐसा बायबैक है, जिसका उद्देश्य शेयरधारक मूल्य को बढ़ाना और कंपनी के मूल्यांकन में प्रबंधन के विश्वास को प्रदर्शित करना है।
वैश्विक तनाव और मुनाफावसूली से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट; विश्लेषक 'गिरावट पर खरीदें' की रणनीति सुझा रहे हैं
भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में गिरावट दर्ज की गई, जिससे दो दिन की बढ़त समाप्त हो गई। ईरान और अमेरिका के बीच भू-राजनीतिक तनाव के साथ-साथ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण बाजार की धारणा कमजोर हुई। इस गिरावट के बावजूद, विश्लेषक 'गिरावट पर खरीदें' की रणनीति सुझा रहे हैं, खासकर यदि निफ्टी 23,800 के समर्थन स्तर से ऊपर बना रहता है, जो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए संभावित रिकवरी का संकेत देता है।
टाटा मोटर्स पीवी के साप्ताहिक शेयर मूल्य में गिरावट: निवेशकों के लिए इसका क्या अर्थ है
टाटा मोटर्स पीवी ने पिछले सप्ताह नकारात्मक रिटर्न दर्ज किया है, जो इस अवधि के दौरान उसके शेयर मूल्य में गिरावट का संकेत देता है। यह उन व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है जो वर्तमान में कंपनी के शेयर रखते हैं या उनकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। हालांकि यह एक अल्पकालिक संकेतक है, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस जानकारी को अपने व्यापक निवेश परिप्रेक्ष्य में एकीकृत करें, जिसमें दीर्घकालिक रुझानों और कंपनी के मूलभूत सिद्धांतों पर विचार करें।
LIC, Asian Paints, HUL समेत 35 स्टॉक इस हफ्ते रिवॉर्ड की समय-सीमा तय कर रहे हैं
LIC और Asian Paints जैसे ब्लू-चिप दिग्गजों सहित 30 से अधिक भारतीय कंपनियों ने इस सप्ताह डिविडेंड और बोनस इश्यू के लिए अपनी रिकॉर्ड डेट तय की है। इन भुगतानों के लिए पात्र होने के लिए निवेशकों के पास निर्धारित तिथियों तक उनके डीमैट खातों में ये शेयर होने चाहिए।
रिलायंस ने ₹10 लाख करोड़ के राजस्व का रिकॉर्ड स्तर छुआ: निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपना अब तक का सबसे शानदार वार्षिक प्रदर्शन किया है, और वह ₹10 लाख करोड़ के राजस्व के आंकड़े को पार करने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद, इस समूह ने अपने रिटेल, डिजिटल और ऊर्जा व्यवसायों में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की है।
मेंसा ब्रांड्स ने अपना आधार भारत में स्थानांतरित किया, सार्वजनिक कंपनी में परिवर्तन के बाद IPO की योजना
डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) दिग्गज BRND.ME, जिसे पहले मेंसा ब्रांड्स (Mensa Brands) के नाम से जाना जाता था, आधिकारिक तौर पर एक सार्वजनिक कंपनी (public company) में परिवर्तित हो गई है। यह रणनीतिक कदम, जिसमें अपने कॉर्पोरेट मुख्यालय को भारत स्थानांतरित करना शामिल है, अगले 12 से 18 महीनों में संभावित शेयर बाजार में शुरुआत के लिए मंच तैयार करता है।
समीर अरोड़ा का इन्वेस्टमेंट प्लेबुक: कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच क्यों ग्रोथ स्टॉक्स IT क्षेत्र से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं
हीलियस कैपिटल के समीर अरोड़ा ने भारतीय रिटेल निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपना ध्यान IT शेयरों से हटाकर उच्च-विकास (high-growth) वाले क्षेत्रों पर केंद्रित करें, क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतें स्थिर हो रही हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावना से बाजार की एक बड़ी बाधा दूर होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू विकास की कहानियों के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा।
2024 के लिए अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें खत्म; UBS का अनुमान, 2027 तक नहीं मिलेगी कोई राहत
ग्लोबल इन्वेस्टमेंट दिग्गज UBS ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की अपनी उम्मीदों को काफी आगे बढ़ा दिया है, और अनुमान लगाया है कि ब्याज दरें 2027 तक ऊंची बनी रहेंगी। 'हायर-फॉर-लॉन्गर' (लंबे समय तक उच्च दरें) शासन की ओर यह बदलाव महंगे कर्ज की लंबी अवधि और भारतीय बाजारों के लिए संभावित अस्थिरता का संकेत देता है।
Zydus Lifesciences ने ₹1,400 करोड़ में Assertio के अधिग्रहण के साथ अमेरिका में अपनी उपस्थिति बढ़ाई
भारतीय फार्मा दिग्गज Zydus Lifesciences ने लगभग ₹1,400 करोड़ ($166.4 मिलियन) में अमेरिका स्थित Assertio Holdings का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस कदम का उद्देश्य हाई-वैल्यू स्पेशियल्टी दवाओं और कैंसर सपोर्ट उपचारों में Zydus के पोर्टफोलियो को मजबूत करना है।
US Fed के नेतृत्व में बदलाव: क्यों केविन वारश का संभावित पदार्पण भारतीय बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है
जैसे-जैसे केविन वारश अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष के लिए एक प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभर रहे हैं, ब्याज दरों के प्रति उनका दृष्टिकोण वैश्विक बाजारों की दिशा तय करेगा। भारतीय निवेशकों को इस बदलाव पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर विदेशी फंड प्रवाह और रुपये के मूल्य को प्रभावित करता है।
स्मार्ट मनी मूव्स: ₹5.5 लाख करोड़ की FII बिकवाली के बीच 84 शेयरों ने दिखाई मजबूती
जहाँ हेडलाइंस ₹5.5 लाख करोड़ की भारी विदेशी निवेशक निकासी से भरी हुई हैं, वहीं बारीकी से देखने पर 84 शेयरों का एक चुनिंदा समूह सामने आता है जहाँ संस्थागत हिस्सेदारी वास्तव में बढ़ रही है। इन कंपनियों ने पिछले दो वर्षों में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जो भारत से पूर्ण निकास के बजाय एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है।
यूएस-ईरान शांति समझौते की उम्मीदों के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें दो महीने के निचले स्तर पर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के संभावित समझौते की खबरों के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें लगभग दो महीने के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। मध्य पूर्व में तनाव कम होने से ईंधन की लागत में कमी आ सकती है और भारतीय कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सकता है।
Inox India वैश्विक स्पेस टेक के उत्साह के बीच स्थानीय विकल्प के रूप में उभरी
SpaceX IPO में भारी रुचि के बाद, भारतीय रिटेल निवेशक तेजी से बढ़ते वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश के अवसर तलाशने के लिए Inox India की ओर रुख कर रहे हैं। जबकि घरेलू कंपनी को इस मोमेंटम का लाभ मिल रहा है, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इसके वर्तमान उच्च वैल्युएशन के कारण सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
100+ लार्ज-कैप शेयरों में FII ने घटाई अपनी हिस्सेदारी: रिटेल निवेशकों को क्यों घबराने की जरूरत नहीं है
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले दो तिमाहियों के दौरान 100 से अधिक लार्ज-कैप भारतीय शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है, जिससे कुछ मामलों में कीमतों में 40% तक की गिरावट आई है। हालांकि, चुनिंदा शेयरों ने इस ट्रेंड को चुनौती दी है, जो यह दर्शाता है कि संस्थागत बिकवाली हमेशा खराब बाजार प्रदर्शन का कारण नहीं बनती है।
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