Pmi
Pmi पर ताज़ा खबरें, व्याख्या और विश्लेषण। अर्थ वाणी पर 2 खबरें ट्रैक की जा रही हैं।
ग्राफ में जुड़े हुए
Pmi पर ताज़ा

जुलाई में भारतीय विनिर्माण वृद्धि 5 साल के निचले स्तर पर, नए ऑर्डर की धीमी रफ्तार बनी वजह
भारत की विनिर्माण गतिविधि ने इस जुलाई में पांच साल में अपनी सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की, क्योंकि HSBC परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) गिरकर 53.5 पर आ गया। जून में 54.2 से यह गिरावट मुख्य रूप से नए ऑर्डर में उल्लेखनीय कमी और चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों के कारण हुई है। हालांकि यह अभी भी विस्तार का संकेत दे रहा है, लेकिन इसकी गति पिछले महीने और लंबी अवधि के औसत दोनों से कमजोर है।

भारतीय विनिर्माण वृद्धि जुलाई में नए ऑर्डरों में कमी के बीच 5 साल के निचले स्तर पर
भारत की विनिर्माण गतिविधि ने इस जुलाई में पांच साल में अपनी सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की, एचएसबीसी परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) गिरकर 53.5 पर आ गया। जून में 54.2 से यह गिरावट मुख्य रूप से नए ऑर्डरों में उल्लेखनीय कमी और चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों के कारण हुई है। हालांकि यह अभी भी विस्तार का संकेत देता है, लेकिन इसकी गति पिछले महीने और दीर्घकालिक औसत दोनों की तुलना में कमजोर है।

जुलाई में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 5 साल के निचले स्तर पर, नए ऑर्डरों में गिरावट कारण
भारत की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि ने इस जुलाई में पाँच वर्षों में अपनी सबसे धीमी वृद्धि दर्ज की, HSBC परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) गिरकर 53.5 पर आ गया। जून में 54.2 से यह गिरावट मुख्य रूप से नए ऑर्डरों में उल्लेखनीय मंदी और चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों के कारण है। हालांकि यह अभी भी विस्तार का संकेत देता है, लेकिन इसकी गति पिछले महीने और लंबी अवधि के औसत दोनों से कमजोर है।
ताज़ाभारतीय बाजार: इस सप्ताह देखने योग्य प्रमुख आर्थिक आँकड़े और कॉर्पोरेट आय
प्रदान की गई स्रोत सामग्री में इस लेख की सामग्री नहीं थी, केवल एक शीर्षक और स्रोत था। इसलिए, एक तथ्यात्मक सारांश उत्पन्न नहीं किया जा सकता है। यह लेख आमतौर पर आगामी कॉर्पोरेट आय रिपोर्ट और परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतकों को कवर करेगा जो भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
Some listings may be sponsored and Arth Vani may earn a referral fee. All information is for educational purposes only — verify terms and suitability with the provider before acting. Not financial advice.