HDFC, ICICI बैंक ने 30 सितंबर की योजना समाप्ति से पहले डॉलर जमा दरों में वृद्धि की

Source: ET Banking
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- HDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपनी FCNR(B) डॉलर जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि की है।
- यह बढ़ती वैश्विक ब्याज दरों और बैंकों के लिए उच्च विदेशी उधार लागत के कारण है।
- विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने की एक विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को समाप्त हो रही है।
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Compare loan ratesHDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपनी डॉलर-मूल्यवर्गित FCNR(B) जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि की है। यह कदम विदेशी मुद्रा आकर्षित करने के उद्देश्य से है क्योंकि इन जमाओं के लिए एक विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को समाप्त हो रही है। दर समायोजन बढ़ती वैश्विक ब्याज दरों और विदेशों में बढ़ती उधार लागतों की प्रतिक्रिया है।
- ▸HDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपनी FCNR(B) डॉलर जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि की है।
- ▸यह बढ़ती वैश्विक ब्याज दरों और बैंकों के लिए उच्च विदेशी उधार लागत के कारण है।
- ▸विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने की एक विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को समाप्त हो रही है।
- ▸एनआरआई और पीआईओ को समय सीमा से पहले डॉलर जमाओं के लिए ये उच्च दरें आकर्षक लग सकती हैं।
- ✓HDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपनी FCNR(B) डॉलर जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि की है।
- ✓यह बढ़ती वैश्विक ब्याज दरों और बैंकों के लिए उच्च विदेशी उधार लागत के कारण है।
- ✓विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने की एक विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को समाप्त हो रही है।
- ✓एनआरआई और पीआईओ को समय सीमा से पहले डॉलर जमाओं के लिए ये उच्च दरें आकर्षक लग सकती हैं।
HDFC बैंक और ICICI बैंक सहित भारतीय बैंक, अपनी विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंकिंग) या FCNR(B) डॉलर जमाओं पर ब्याज दरों में वृद्धि कर रहे हैं। यह समायोजन इसलिए आया है क्योंकि विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई एक विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को बंद होने वाली है।
दरों में वृद्धि का निर्णय मुख्य रूप से वैश्विक बेंचमार्क ब्याज दरों में ऊपर की ओर रुझान और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से धन उधार लेने की बढ़ती लागत से प्रेरित है। बैंकों को विदेशी मुद्रा आकर्षित करने के लिए प्रतिस्पर्धी दरें प्रदान करने की आवश्यकता है, खासकर बढ़ते ब्याज दर के माहौल में।
बैंक दरें क्यों बढ़ा रहे हैं?
- बढ़ती वैश्विक दरें: जून में विशेष FCNR(B) योजना को लागू किए जाने के बाद से वैश्विक बेंचमार्क ब्याज दरें ऊपर की ओर बढ़ रही हैं। प्रतिस्पर्धी बने रहने और डॉलर जमाओं को आकर्षित करने के लिए, भारतीय बैंकों को अपनी पेशकशों को इन वैश्विक रुझानों के साथ संरेखित करना होगा।
- उच्च विदेशी उधार लागत: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से धन उधार लेने के लिए बैंकों की लागत में वृद्धि हुई है। FCNR(B) जमाओं पर उच्च दरें प्रदान करना विदेशी मुद्रा वित्तपोषण का एक वैकल्पिक स्रोत प्रदान करता है।
- बाजार प्रतिस्पर्धा: विदेशी मुद्रा जमाओं के लिए कई बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ, दरों को समायोजित करना प्रतिस्पर्धी बने रहने और इन निधियों का एक हिस्सा सुरक्षित करने के लिए एक आवश्यक कदम बन जाता है।
FCNR(B) जमा योजना अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) को अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, यूरो, जापानी येन और कनाडाई डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं में जमा रखने की अनुमति देती है। ये जमा आमतौर पर निश्चित अवधि के लिए होती हैं और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी ब्याज दरें प्रदान करती हैं।
HDFC बैंक और ICICI बैंक द्वारा मौजूदा दर समायोजन विशेष रूप से डॉलर जमाओं के लिए हैं, जो वैश्विक स्तर पर अमेरिकी डॉलर के लिए मजबूत मांग और प्रचलित ब्याज दर के माहौल को दर्शाते हैं। विशेष योजना, जिसने विदेशी मुद्रा के प्रवाह को सुविधाजनक बनाया है, सितंबर के अंत में समाप्त हो जाएगी।
भारत में अपना धन लगाने पर विचार करने वाले एनआरआई और पीआईओ के लिए, डॉलर जमा पर ये बढ़ी हुई दरें, विशेष योजना की समय सीमा से पहले, एक अधिक आकर्षक विकल्प प्रस्तुत कर सकती हैं। सबसे वर्तमान पेशकशों के लिए संबंधित बैंकों से सीधे नवीनतम दरों की जांच करना उचित है।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय या निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
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Frequently Asked Questions
FCNR(B) जमा क्या हैं?
FCNR(B) जमा भारतीय बैंकों द्वारा अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) को अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, यूरो आदि जैसी विदेशी मुद्राओं में प्रदान की जाने वाली निश्चित अवधि की जमाएं हैं।
HDFC बैंक और ICICI बैंक डॉलर जमाओं पर दरें क्यों बढ़ा रहे हैं?
वे अधिक विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने के लिए दरें बढ़ा रहे हैं, जो बढ़ती वैश्विक ब्याज दरों, बैंकों के लिए विदेशों में उधार लेने की उच्च लागत और बाजार प्रतिस्पर्धा से प्रेरित है, खासकर जब इन जमाओं के लिए एक विशेष योजना समाप्त होने वाली है।
विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने की विशेष योजना कब बंद हो रही है?
विदेशी मुद्रा जमाओं को आकर्षित करने की विशेष योजना 30 सितंबर, 2022 को बंद होने वाली है।
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