Open a free Demat account & get ₹500 in stocks.Claim
Nifty 5022,585.650.45%H 22,787.25 · L 22,584.15as of 23 Oct, 10:02 AM IST|Sensex73,481.410.32%H 73,766.51 · L 73,378.47as of 23 Oct, 9:47 AM IST|Bank Nifty54,402.40.95%H 54,990.5 · L 54,393.6as of 23 Oct, 10:02 AM IST|USD / INR₹94.890.08%H ₹94.89 · L ₹94.69as of 23 Oct, 10:02 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,22,711.420.94%H ₹1,23,486.3 · L ₹1,22,055.52as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,64,020.982.26%H ₹1,67,163.2 · L ₹1,63,319.31as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Crude WTI₹9,487.80.52%H ₹9,580.79 · L ₹9,378.68as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Bitcoin₹77,41,9510.97%H ₹77,79,621.31 · L ₹77,04,280.69as of 23 Oct, 9:58 AM IST|Ethereum₹2,27,7651.24%H ₹2,29,171.84 · L ₹2,26,358.16as of 23 Oct, 9:58 AM IST|Nifty 5022,585.650.45%H 22,787.25 · L 22,584.15as of 23 Oct, 10:02 AM IST|Sensex73,481.410.32%H 73,766.51 · L 73,378.47as of 23 Oct, 9:47 AM IST|Bank Nifty54,402.40.95%H 54,990.5 · L 54,393.6as of 23 Oct, 10:02 AM IST|USD / INR₹94.890.08%H ₹94.89 · L ₹94.69as of 23 Oct, 10:02 AM IST|Gold Intl (10g)₹1,22,711.420.94%H ₹1,23,486.3 · L ₹1,22,055.52as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Silver Intl (1kg)₹1,64,020.982.26%H ₹1,67,163.2 · L ₹1,63,319.31as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Crude WTI₹9,487.80.52%H ₹9,580.79 · L ₹9,378.68as of 23 Oct, 9:52 AM IST|Bitcoin₹77,41,9510.97%H ₹77,79,621.31 · L ₹77,04,280.69as of 23 Oct, 9:58 AM IST|Ethereum₹2,27,7651.24%H ₹2,29,171.84 · L ₹2,26,358.16as of 23 Oct, 9:58 AM IST|
0%
Banking

भारतीय बैंकिंग प्रणाली में आरबीआई तरलता क्यों समायोजित करता है, यह समझना

Arth Vani Deskप्रकाशित: 2 मिनट पढ़ें
भारतीय बैंकिंग प्रणाली में आरबीआई तरलता क्यों समायोजित करता है, यह समझना

Source: GNews Banking

Arth Insight · What this means for your wallet

Immediate action
अपने फ्लोटिंग रेट वाले लोन (जैसे होम लोन, कार लोन) की ब्याज दरों की समीक्षा करें।
  • आपके होम, पर्सनल और कार लोन की EMI (मासिक किस्त) बढ़ सकती है, क्योंकि बैंकों के पास उधार देने के लिए कम पैसा होगा।
  • फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर आपको थोड़ा ज़्यादा ब्याज मिल सकता है, क्योंकि बैंक आपसे पैसा आकर्षित करने की कोशिश करेंगे।
  • लंबी अवधि में महंगाई नियंत्रित होने से आपकी बचत की खरीदने की शक्ति बनी रहेगी, जिससे आपके पैसे की कीमत कम नहीं होगी।
Recommended for you
Compare savings accounts, FDs & loans
Explore Banking
Listen to this article
AI voice · Podcast mode
Get IPO & market alerts free on Telegram / WhatsApp
AI सारांश

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) तरलता का प्रबंधन करने, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए वाणिज्यिक बैंकों से समय-समय पर अतिरिक्त नकदी वापस लेता है। इस कार्रवाई में आमतौर पर रिवर्स रेपो परिचालन या खुले बाजार की बिक्री जैसे उपकरण शामिल होते हैं, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था में उधार देने के लिए उपलब्ध धन की मात्रा को कम करना है।

मुख्य बातें
  • ▸RBI withdraws excess cash from banks to manage the overall money supply.
  • ▸This action helps control inflation, stabilize interest rates, and maintain financial stability.
  • ▸Common tools include reverse repo auctions and selling government securities to banks.
  • ▸Such actions can indirectly influence loan and deposit interest rates for consumers.
Key Takeaways
  • ✓RBI withdraws excess cash from banks to manage the overall money supply.
  • ✓This action helps control inflation, stabilize interest rates, and maintain financial stability.
  • ✓Common tools include reverse repo auctions and selling government securities to banks.
  • ✓Such actions can indirectly influence loan and deposit interest rates for consumers.

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) देश की मौद्रिक नीति का प्रबंधन करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसका एक प्रमुख पहलू तरलता – बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध नकदी की मात्रा – को नियंत्रित करना है। जब खबरें बताती हैं कि आरबीआई बैंकों से 'नकदी वापस ले रहा है', तो इसका तात्पर्य केंद्रीय बैंक द्वारा वित्तीय प्रणाली से अधिशेष धन निकालने के लिए की गई विशिष्ट कार्रवाइयों से है।

आरबीआई नकदी क्यों वापस लेता है?

आरबीआई द्वारा तरलता वापस लेने के निर्णय के पीछे के प्राथमिक कारण बहुआयामी हैं:

  • मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना: प्रणाली में अतिरिक्त तरलता खर्च और मांग में वृद्धि कर सकती है, जिससे संभावित रूप से मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिल सकता है। धन आपूर्ति को कम करके, आरबीआई का लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों को धीमा करना और कीमतों को स्थिर करना है।
  • ब्याज दरों का प्रबंधन: जब बहुत अधिक नकदी होती है, तो बैंक एक-दूसरे को उच्च दरों पर उधार देने के इच्छुक नहीं हो सकते हैं, जिससे बाजार ब्याज दरें गिर सकती हैं। आरबीआई तरलता वापस लेता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ब्याज दरें उसके नीतिगत उद्देश्यों के अनुरूप हों, जो अर्थव्यवस्था में उधार देने और उधार लेने की लागत को प्रभावित कर सकता है।
  • वित्तीय स्थिरता: तरलता में अचानक वृद्धि या कमी वित्तीय बाजारों में अस्थिरता पैदा कर सकती है। आरबीआई का लक्ष्य अतिरिक्त धन को अवशोषित करके स्थिर स्थिति बनाए रखना है, जो अन्यथा सट्टा गतिविधियों या असंतुलन का कारण बन सकता है।
  • पूंजी प्रवाह का निष्प्रभावीकरण (Sterilizing Capital Flows): भारत में अक्सर विदेशी निवेशकों से पूंजी प्रवाह होता है। यदि इन प्रवाहों से रुपये की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, तो आरबीआई रुपये को बहुत तेजी से मजबूत होने से रोकने के लिए अतिरिक्त को वापस ले सकता है, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को नुकसान हो सकता है।

आरबीआई नकदी कैसे वापस लेता है?

आरबीआई तरलता का प्रबंधन करने के लिए कई उपकरणों का उपयोग करता है, जिनमें शामिल हैं:

  • परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (VRR) नीलामियां: यह एक सामान्य और लचीला उपकरण है। बैंक अपने अधिशेष धन को आरबीआई के पास एक निर्दिष्ट अवधि के लिए जमा करते हैं, बदले में ब्याज अर्जित करते हुए। इन जमाओं को स्वीकार करके, आरबीआई प्रभावी रूप से प्रणाली से नकदी वापस लेता है। 'परिवर्तनीय दर' पहलू आरबीआई को तरलता की स्थिति और अपनी नीतिगत रुख के आधार पर ब्याज दर समायोजित करने की अनुमति देता है।
  • खुले बाजार परिचालन (OMOs - बिक्री): आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियां (जी-सेक) बेच सकता है। जब बैंक इन प्रतिभूतियों को खरीदते हैं, तो आरबीआई के पास उनकी नकदी शेष राशि कम हो जाती है, जिससे प्रणाली में कुल तरलता कम हो जाती है।
  • बाजार स्थिरीकरण योजना (MSS): बड़े पूंजी प्रवाह से उत्पन्न तरलता का प्रबंधन करने के लिए पेश की गई, MSS के तहत, सरकार ट्रेजरी बिल या दिनांकित प्रतिभूतियां जैसे अल्पकालिक उपकरण जारी करती है, और प्राप्त आय को आरबीआई के पास एक अलग खाते में रखा जाता है, प्रभावी रूप से उस पैसे को प्रचलन से वापस लेते हुए।

इसका भारतीय खुदरा पाठक के लिए क्या अर्थ है?

जबकि आरबीआई की कार्रवाई मैक्रो स्तर पर होती है, उनके आम आदमी के लिए अप्रत्यक्ष प्रभाव होते हैं:

  • ऋण और जमा दरें: जब आरबीआई तरलता वापस लेता है, तो बैंकों के पास उधार देने के लिए कम पैसा होता है। इससे संभावित रूप से विभिन्न ऋणों पर उच्च ब्याज दरें हो सकती हैं, जिनमें गृह ऋण, व्यक्तिगत ऋण और कार ऋण शामिल हैं। इसके विपरीत, बैंक धन आकर्षित करने के लिए सावधि जमा पर थोड़ी अधिक ब्याज दरें दे सकते हैं।
  • मुद्रास्फीति नियंत्रण: यदि आरबीआई सफलतापूर्वक अतिरिक्त तरलता और मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाता है, तो आपके रुपये की क्रय शक्ति बेहतर ढंग से सुरक्षित रहती है, जिससे आपकी बचत समय के साथ अधिक मूल्यवान हो जाती है।
  • आर्थिक स्थिरता: आरबीआई की कार्रवाई का उद्देश्य एक स्थिर आर्थिक वातावरण सुनिश्चित करना है, जो रोजगार सृजन, निवेश और समग्र वित्तीय कल्याण के लिए फायदेमंद है।

इन तंत्रों को समझने से खुदरा पाठकों को यह समझने में मदद मिलती है कि केंद्रीय बैंक व्यापक वित्तीय परिदृश्य को कैसे प्रभावित करता है और कैसे ये उच्च-स्तरीय निर्णय अंततः उनके व्यक्तिगत वित्त को प्रभावित कर सकते हैं।

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।

Recommended for you
Products related to this story — compare & act
Smart picks
IDFC FIRST Savings
Savings Account
7.0%
Interest p.a.
Current Account Pro
Current Account · ICICI
₹0
Min Balance
Bandhan Bank FD
Fixed Deposit
7.85%
FD Rate
SBI Recurring Deposit
Recurring Deposit
7.0%
RD Rate
HDFC Millennia Card
Credit Card
5%
Cashback
Axis Ace Credit Card
Credit Card
5%
Cashback

Interest rates, fees and eligibility for banking products are set by the respective banks and change frequently — verify the current terms with the provider before applying. Some listings may be sponsored. Not financial advice.

Frequently Asked Questions

Why does the RBI need to manage liquidity in banks?

The RBI manages liquidity to control inflation, stabilize interest rates, ensure financial market stability, and manage the impact of foreign capital flows on the Indian rupee.

How does the RBI typically remove excess cash from the banking system?

The RBI uses various tools, primarily variable rate reverse repo (VRR) auctions where banks deposit surplus funds with the RBI, and open market operations (OMO) where the RBI sells government securities to banks.

What is the impact of RBI mopping up cash on my personal finances?

When RBI mops up cash, it can lead to higher interest rates on loans (like home or personal loans) as banks have less money to lend. It also aims to control inflation, which protects the purchasing power of your savings.

Stay ahead of the market

Join the Arth Vani channels

Daily news summaries, IPO & market alerts on Telegram and WhatsApp.

क्योंकि आपने Banking पढ़ा

मास्टरकार्ड ने कार्डधारकों को लाभों को अधिकतम करने में मदद करने के लिए एआई सहायक लॉन्च किया
New Launchताज़ा
Banking

मास्टरकार्ड ने कार्डधारकों को लाभों को अधिकतम करने में मदद करने के लिए एआई सहायक लॉन्च किया

मास्टरकार्ड ने क्रेडिट कार्डधारकों को अपने कार्ड से जुड़े विभिन्न लाभों और पुरस्कारों को बेहतर ढंग से समझने और उपयोग करने में मदद करने के लिए एक नया एआई-पावर्ड लाभ सहायक पेश किया है। इस पहल का उद्देश्य जागरूकता की कमी या जानकारी तक पहुँचने में कठिनाई के कारण मूल्यवान कार्ड लाभों के अप्रयुक्त रह जाने की सामान्य समस्या का समाधान करना है। यह सहायक व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जिससे उपयोगकर्ता अपने क्रेडिट कार्ड ऑफ़र से अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

2d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
रुपये पर दबाव के बीच RBI ने $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर निगरानी बढ़ाई
ताज़ा
Banking

रुपये पर दबाव के बीच RBI ने $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर निगरानी बढ़ाई

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारतीय संस्थाओं द्वारा किए गए $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर अपनी जांच तेज कर दी है। इस उपाय का उद्देश्य भारतीय रुपये पर मौजूदा दबाव को संबोधित करना और देश की विदेशी मुद्रा गतिशीलता का प्रबंधन करना है।

3d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
कथित SBI डेटा उल्लंघन: हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों तक पहुंच का दावा किया
ताज़ा
Banking

कथित SBI डेटा उल्लंघन: हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों तक पहुंच का दावा किया

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कथित डेटा उल्लंघन की जांच चल रही है, जिसमें हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों से डेटा तक पहुंच का दावा किया है। हालांकि ये दावे फिलहाल असत्यापित हैं, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ये सच साबित होते हैं, तो उजागर की गई जानकारी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान की चोरी हो सकती है। ग्राहकों को अपने बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी के संबंध में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

4d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें

संबंधित खबरें

मास्टरकार्ड ने कार्डधारकों को लाभों को अधिकतम करने में मदद करने के लिए एआई सहायक लॉन्च किया
New Launchताज़ा
Banking

मास्टरकार्ड ने कार्डधारकों को लाभों को अधिकतम करने में मदद करने के लिए एआई सहायक लॉन्च किया

मास्टरकार्ड ने क्रेडिट कार्डधारकों को अपने कार्ड से जुड़े विभिन्न लाभों और पुरस्कारों को बेहतर ढंग से समझने और उपयोग करने में मदद करने के लिए एक नया एआई-पावर्ड लाभ सहायक पेश किया है। इस पहल का उद्देश्य जागरूकता की कमी या जानकारी तक पहुँचने में कठिनाई के कारण मूल्यवान कार्ड लाभों के अप्रयुक्त रह जाने की सामान्य समस्या का समाधान करना है। यह सहायक व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जिससे उपयोगकर्ता अपने क्रेडिट कार्ड ऑफ़र से अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।

2d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
रुपये पर दबाव के बीच RBI ने $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर निगरानी बढ़ाई
ताज़ा
Banking

रुपये पर दबाव के बीच RBI ने $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर निगरानी बढ़ाई

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारतीय संस्थाओं द्वारा किए गए $1 बिलियन से अधिक के विदेशी निवेश पर अपनी जांच तेज कर दी है। इस उपाय का उद्देश्य भारतीय रुपये पर मौजूदा दबाव को संबोधित करना और देश की विदेशी मुद्रा गतिशीलता का प्रबंधन करना है।

3d ago·2 मिनट पढ़ेंसुनें
कथित SBI डेटा उल्लंघन: हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों तक पहुंच का दावा किया
ताज़ा
Banking

कथित SBI डेटा उल्लंघन: हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों तक पहुंच का दावा किया

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में कथित डेटा उल्लंघन की जांच चल रही है, जिसमें हैकर्स ने 3.75 लाख ग्राहक खातों से डेटा तक पहुंच का दावा किया है। हालांकि ये दावे फिलहाल असत्यापित हैं, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ये सच साबित होते हैं, तो उजागर की गई जानकारी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान की चोरी हो सकती है। ग्राहकों को अपने बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी के संबंध में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

4d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
यस बैंक विकास योजनाओं के लिए पूंजीगत कार्यवाहियों और AT1 बॉन्ड की बहाली का मूल्यांकन कर रहा है
ताज़ा
Banking

यस बैंक विकास योजनाओं के लिए पूंजीगत कार्यवाहियों और AT1 बॉन्ड की बहाली का मूल्यांकन कर रहा है

यस बैंक अपनी विकास पहलों को वित्तपोषित करने के लिए विभिन्न पूंजीगत कार्यवाहियों पर विचार कर रहा है। इसमें कुछ बॉन्डों की बहाली और उनके कूपन का भुगतान शामिल है, जिसकी पुष्टि बैंक की हालिया आय कॉल के बाद सीएफओ निरंजन बानोडकर ने की है।

4d ago·3 मिनट पढ़ेंसुनें
DSP Mutual Fund