पहली बार लोन लेने वालों को झटका: माइक्रोफाइनेंस लेंडर विकास के बजाय सुरक्षा को दे रहे प्राथमिकता

Source: Economictimes
Arth Insight · What this means for your wallet
- अगर आपकी कोई क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है, तो छोटे व्यवसाय या व्यक्तिगत ज़रूरतों के लिए औपचारिक लोन (₹) मिलना अब बहुत मुश्किल होगा।
- लोन के लिए आपको अनौपचारिक साहूकारों के पास जाना पड़ सकता है, जो बहुत ज़्यादा ब्याज वसूलते हैं और आपको कर्ज़ के जाल में फँसा सकते हैं।
- भविष्य में औपचारिक स्रोतों से लोन (₹) पाने के लिए आपकी एक अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री होना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी हो गया है।
भारत में माइक्रोफाइनेंस लेंडर (सूक्ष्म ऋणदाता) तेजी से सतर्क हो रहे हैं, जिससे बिना क्रेडिट हिस्ट्री वाले व्यक्तियों के लिए लोन प्राप्त करना कठिन हो गया है। SIDBI-Equifax के एक हालिया अध्ययन से पता चलता है कि पहली बार लोन लेने वालों की हिस्सेदारी 33% से घटकर मात्र 20% रह गई है, क्योंकि लेंडर अब उन ग्राहकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जिनका रीपेमेंट रिकॉर्ड साबित हो चुका है।
- ▸लेंडर खराब लोन (bad loans) के जोखिम से बचने के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को अधिक खारिज कर रहे हैं।
- ▸तीन वर्षों में नए उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी में 13 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है।
- ▸अच्छे रीपेमेंट इतिहास वाले मौजूदा ग्राहक अब माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की पहली पसंद बन गए हैं।
- ▸क्रेडिट हिस्ट्री न होने वाले लोगों के लिए वर्तमान माहौल में छोटे लोन (small-ticket loans) प्राप्त करना कठिन हो सकता है।
- ✓लेंडर खराब लोन (bad loans) के जोखिम से बचने के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को अधिक खारिज कर रहे हैं।
- ✓तीन वर्षों में नए उधारकर्ताओं की हिस्सेदारी में 13 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है।
- ✓अच्छे रीपेमेंट इतिहास वाले मौजूदा ग्राहक अब माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की पहली पसंद बन गए हैं।
- ✓क्रेडिट हिस्ट्री न होने वाले लोगों के लिए वर्तमान माहौल में छोटे लोन (small-ticket loans) प्राप्त करना कठिन हो सकता है।
छोटे लोन पर सख्त होती पकड़
सालों से माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFIs) भारत के कम आय वाले परिवारों के लिए औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में प्रवेश करने का प्राथमिक माध्यम रहे हैं। हालांकि, वह रास्ता अब संकरा होता जा रहा है। SIDBI और Equifax के नवीनतम संयुक्त अध्ययन के अनुसार, देश भर में सूक्ष्म ऋण (micro-loans) के वितरण के तरीके में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। लेंडर अब 'न्यू-टू-क्रेडिट' उधारकर्ताओं—जिन्होंने पहले कभी औपचारिक लोन नहीं लिया है—से दूर जा रहे हैं और इसके बजाय स्थापित क्रेडिट स्कोर वाले मौजूदा ग्राहकों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
डेटा एक स्पष्ट रुझान को उजागर करता है: माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में नए उधारकर्ताओं का अनुपात तीन साल पहले के 33% से गिरकर 20% हो गया है। इससे पता चलता है कि दिए जाने वाले हर पांच लोन में से केवल एक पहली बार लोन लेने वाले को जा रहा है, जबकि बाकी उन व्यक्तियों को मिल रहे हैं जिन्होंने अतीत में अपनी पुनर्भुगतान (repayment) क्षमता साबित की है।
लेंडर क्यों बरत रहे हैं सावधानी?
इस बदलाव का प्राथमिक कारण पिछले दो वर्षों में इस सेक्टर द्वारा झेला गया 'एसेट क्वालिटी स्ट्रेस' है। सरल शब्दों में कहें तो, आर्थिक उतार-चढ़ाव और कम आय वाले समूहों पर महामारी के लंबे प्रभाव के कारण कई लेंडर्स के बकाया लोन और डिफॉल्ट में वृद्धि देखी गई। अपने स्वयं के वित्तीय स्वास्थ्य की रक्षा के लिए, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों ने अपने जोखिम फिल्टर कड़े कर दिए हैं।
पहली बार लोन लेने वाले व्यक्ति, जिसके पुनर्भुगतान व्यवहार के बारे में जानकारी नहीं है, उस पर जोखिम लेने के बजाय लेंडर 'सुरक्षित' प्रोफाइल चुन रहे हैं। ये आमतौर पर वे ग्राहक होते हैं जिन्होंने पिछले लोन चक्रों को सफलतापूर्वक बंद किया है। हालांकि यह रणनीति लेंडर्स को अपने नुकसान को नियंत्रण में रखने में मदद करती है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक बड़ी बाधा खड़ी करती है जो पिरामिड के सबसे निचले स्तर पर हैं और जिन्हें छोटे व्यवसाय शुरू करने या घरेलू आपात स्थितियों के प्रबंधन के लिए कम पूंजी की आवश्यकता होती है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
माइक्रोफाइनेंस अक्सर ग्रामीण उद्यमिता की जीवनधारा होता है। जब निचले स्तर तक क्रेडिट प्रवाह धीमा हो जाता है, तो यह स्थानीय आर्थिक गतिविधि को सुस्त कर सकता है। पहली बार लोन लेने वालों में अक्सर महिलाओं के स्वयं सहायता समूह और छोटे विक्रेता शामिल होते हैं जिनके पास पारंपरिक बैंकों को देने के लिए कोई कोलैटरल (गारंटी) नहीं होती है। माइक्रो-लोन तक पहुंच के बिना, ये व्यक्ति फिर से अनौपचारिक साहूकारों की ओर रुख करने के लिए मजबूर हो सकते हैं जो अत्यधिक ब्याज दरें वसूलते हैं।
SIDBI-Equifax की रिपोर्ट एक संकेत है कि माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में आसान और आक्रामक ऋण देने का युग फिलहाल थम गया है। फिलहाल, यह उद्योग एक 'कंसोलिडेशन फेज' (सुधार के दौर) में है, जहां ध्यान केवल ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के बजाय लोन बुक की गुणवत्ता बनाए रखने पर है।
यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें कोई वित्तीय या निवेश सलाह नहीं दी गई है; विशिष्ट वित्तीय निर्णयों के लिए कृपया एक योग्य पेशेवर से परामर्श लें।
Interest rates, fees and eligibility for banking products are set by the respective banks and change frequently — verify the current terms with the provider before applying. Some listings may be sponsored. Not financial advice.
Frequently Asked Questions
'न्यू-टू-क्रेडिट' उधारकर्ता कौन है?
यह उस व्यक्ति को संदर्भित करता है जो पहली बार औपचारिक लोन के लिए आवेदन कर रहा है और जिसका इक्विफैक्स (Equifax) जैसे ब्यूरो के साथ कोई पिछला क्रेडिट इतिहास या क्रेडिट स्कोर नहीं है।
नए उधारकर्ताओं के लिए माइक्रो-लोन प्राप्त करना कठिन क्यों हो रहा है?
लेंडर्स ने पिछले दो वर्षों में उच्च डिफॉल्ट का सामना किया है और अब वे उन 'सुरक्षित' उधारकर्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं जिन्होंने पहले ही समय पर लोन चुकाने की अपनी क्षमता साबित कर दी है।
क्या इसका मतलब यह है कि माइक्रो-लोन मिलना पूरी तरह से बंद हो गया है?
नहीं, लोन अभी भी दिए जा रहे हैं, लेकिन वे पहली बार क्रेडिट मार्केट में प्रवेश करने वालों के बजाय बार-बार लोन लेने वाले पुराने ग्राहकों को अधिक दिए जा रहे हैं।
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