RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स: क्या NRI 8.05% ब्याज वाली इस योजना में निवेश कर सकते हैं?

Source: ET Wealth
Arth Insight · What this means for your wallet
- आप NRI हैं तो आप 8.05% ब्याज वाले इन सुरक्षित सरकारी बॉन्ड्स में नया निवेश नहीं कर सकते, जिससे आपको यह आकर्षक रिटर्न कमाने का मौका नहीं मिलेगा।
- यदि आप पहले निवासी थे और अब NRI हैं, तो आपके मौजूदा बॉन्ड्स परिपक्वता तक जारी रहेंगे, जिससे आपकी निवेश सुरक्षा बनी रहेगी।
- आपको अपनी विदेशी कमाई को भारत में निवेश करने के लिए NRE FD जैसे अन्य विकल्पों पर विचार करना होगा, जिनकी ब्याज दरें और कर नियम अलग हो सकते हैं।
अनिवासी भारतीय (NRIs) वर्तमान में लोकप्रिय RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) 2020 में नया निवेश करने से प्रतिबंधित हैं। हालांकि ये बॉन्ड सॉवरेन गारंटी के साथ 8.05% की प्रतिस्पर्धी ब्याज दर प्रदान करते हैं, लेकिन यह योजना विशेष रूप से भारतीय निवासियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (HUFs) के लिए आरक्षित है।
- ▸NRIs को RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में नया निवेश करने की अनुमति नहीं है।
- ▸मौजूदा बॉन्डधारक जो खरीद के बाद NRI बन गए हैं, वे परिपक्वता तक बॉन्ड रख सकते हैं।
- ▸वर्तमान ब्याज दर 8.05% है, जिसे NSC दरों के आधार पर अर्ध-वार्षिक रूप से रीसेट किया जाता है।
- ▸बॉन्ड्स में 7 साल की लॉक-इन अवधि होती है, जिसमें गैर-वरिष्ठ नागरिकों के लिए समय से पहले बाहर निकलने का विकल्प नहीं है।
- ✓NRIs को RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में नया निवेश करने की अनुमति नहीं है।
- ✓मौजूदा बॉन्डधारक जो खरीद के बाद NRI बन गए हैं, वे परिपक्वता तक बॉन्ड रख सकते हैं।
- ✓वर्तमान ब्याज दर 8.05% है, जिसे NSC दरों के आधार पर अर्ध-वार्षिक रूप से रीसेट किया जाता है।
- ✓बॉन्ड्स में 7 साल की लॉक-इन अवधि होती है, जिसमें गैर-वरिष्ठ नागरिकों के लिए समय से पहले बाहर निकलने का विकल्प नहीं है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) 2020 सुरक्षा और उच्च रिटर्न चाहने वाले रूढ़िवादी निवेशकों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनकर उभरे हैं। वर्तमान में 8.05% की ब्याज दर की पेशकश करते हुए, ये बॉन्ड पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट की तुलना में काफी अधिक लाभ प्रदान करते हैं। हालांकि, इस सरकारी सहायता प्राप्त साधन में अपनी विदेशी कमाई को निवेश करने की इच्छा रखने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए नियम प्रतिबंधात्मक हैं।
RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स के लिए पात्रता मानदंड
वर्तमान दिशानिर्देशों के तहत, केवल भारत में रहने वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs) ही इन बॉन्ड्स को खरीदने के पात्र हैं। अनिवासी भारतीयों (NRIs) को RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में नए आवेदन या नया निवेश करने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया गया है। यह प्रतिबंध इस बात पर ध्यान दिए बिना लागू होता है कि फंड NRE, NRO, या FCNR खातों से प्राप्त किया गया है या नहीं।
मौजूदा NRI धारकों के लिए नियम
जबकि नए निवेश पर रोक है, नियम उन लोगों के लिए प्रावधान प्रदान करते हैं जिनकी निवास स्थिति निवेश करने के बाद बदल गई है। यदि किसी व्यक्ति ने निवासी भारतीय रहते हुए इन बॉन्ड्स में निवेश किया था और बाद में वह NRI बन गया, तो उन्हें परिपक्वता (maturity) तक बॉन्ड रखने की अनुमति है। परिपक्वता पर अर्जित ब्याज और मूल राशि प्रचलित FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) नियमों के अनुसार धारक के खाते में जमा की जाएगी।
8.05% बॉन्ड्स की मुख्य विशेषताएं
पात्र निवासी निवेशकों के लिए, RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स कई अनूठी विशेषताएं प्रदान करते हैं:
- फ्लोटिंग ब्याज दर: ब्याज दर हर छह महीने (1 जनवरी और 1 जुलाई) में रीसेट की जाती है। यह प्रचलित राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) दर से 0.35% ऊपर तय की गई है।
- सॉवरेन गारंटी: भारत सरकार की ओर से RBI द्वारा जारी किए जाने के कारण, ये बॉन्ड शून्य क्रेडिट जोखिम के साथ उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- कार्यकाल: बॉन्ड्स का कार्यकाल 7 वर्ष का निश्चित है। समय से पहले निकासी की अनुमति आमतौर पर नहीं दी जाती है, सिवाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशिष्ट लॉक-इन अवधि के बाद।
- कराधान: ब्याज आय निवेशक के आयकर स्लैब के अनुसार पूरी तरह से कर योग्य है। धारा 80C के तहत कोई कर छूट नहीं है।
NRIs को क्या करना चाहिए?
चूंकि RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स NRIs के लिए उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए समान सुरक्षा और रिटर्न चाहने वाले NRI वैकल्पिक रास्ते तलाश सकते हैं जैसे कि NRE फिक्स्ड डिपॉजिट, जो भारत में कर-मुक्त ब्याज प्रदान करते हैं, या सरकारी प्रतिभूतियां (G-Secs) और ट्रेजरी बिल (T-Bills) जो अक्सर RBI रिटेल डायरेक्ट पोर्टल या विशिष्ट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म के माध्यम से FEMA अनुपालन के अधीन NRIs के लिए सुलभ होते हैं।
यह रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और वित्तीय या निवेश सलाह नहीं है।
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Frequently Asked Questions
क्या कोई NRI NRO खाते का उपयोग करके RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड खरीद सकता है?
नहीं, NRIs को इन बॉन्ड्स में नया निवेश करने से प्रतिबंधित किया गया है, चाहे किसी भी प्रकार के खाते का उपयोग किया जाए।
यदि कोई निवासी निवेशक बॉन्ड खरीदने के बाद NRI बन जाता है तो क्या होगा?
निवेशक 7 साल की परिपक्वता अवधि समाप्त होने तक बॉन्ड रखना जारी रख सकता है, लेकिन वे पुनर्निवेश या नए बॉन्ड नहीं खरीद सकते।
क्या 8.05% की ब्याज दर 7 वर्षों के लिए स्थिर है?
नहीं, दर फ्लोटिंग है और हर छह महीने में 1 जनवरी और 1 जुलाई को रीसेट की जाती है, जो NSC दर पर 0.35% का मार्जिन बनाए रखती है।
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